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अवैध कब्जा कर बनाई गईं 11 दुकानें सीज
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 10 May 2018 12:42 AM IST
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दुकान को सील करता कर्मी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
भीतरगांव विकास खंड के कुड़नी कसबे में अवैध कब्जा करके बनवाई गई दुकानों को प्रशासन ने सीज कर दिया है। नायब तहसीलदार श्याम नारायण शुक्ला की अगुवाई में पहुंची टीम ने दुकानों का सामान बाहर निकलवाने के बाद उनको सील कर दिया।
बता दें कि कुड़नी कसबे के पूर्व प्रधान रामराज कुशवाहा ने करीब 10 वर्ष पहले पशु मरघट के लिए आरक्षित भूमि पर अवैध कब्जा करके वहां 11 दुकानों का निर्माण करवा लिया था। पूर्व प्रधान ने दुकानें किराए पर उठा रखी हैं। बुधवार को राजस्व निरीक्षक मुकेश कुमार और लेखपाल वीरेंद्र सिंह ने बताया कि पूर्व प्रधान के खिलाफ तहसीलदार की अदालत में वर्ष 2015 से अवैध कब्जे का मुकदमा चल रहा था। जिसमें पूर्व प्रधान को अवैध कब्जे का दोषी पाया गया।
राजस्व विभाग की टीम ने पुलिस बल के साथ पहुंचकर कुड़नी कस्बे में बनी अवैध दुकानों को सीज कर दिया। नायब तहसीलदार ने बताया कि दुकानें सीज करने से पहले अवैध कब्जेदार और दुकानदारों को नोटिस जारी करके उनको खाली करने के निर्देश दिए गए थे।
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इधर, राजस्व टीम देख दुकानदारों ने जल्दी-जल्दी अपना सामान समेटकर दुकानों से बाहर कर लिया। इस दौरान मौके पर ग्रामीणों और तमाशबीनों की भारी भीड़ मौजूद रही।
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बता दें कि कुड़नी कसबे के पूर्व प्रधान रामराज कुशवाहा ने करीब 10 वर्ष पहले पशु मरघट के लिए आरक्षित भूमि पर अवैध कब्जा करके वहां 11 दुकानों का निर्माण करवा लिया था। पूर्व प्रधान ने दुकानें किराए पर उठा रखी हैं। बुधवार को राजस्व निरीक्षक मुकेश कुमार और लेखपाल वीरेंद्र सिंह ने बताया कि पूर्व प्रधान के खिलाफ तहसीलदार की अदालत में वर्ष 2015 से अवैध कब्जे का मुकदमा चल रहा था। जिसमें पूर्व प्रधान को अवैध कब्जे का दोषी पाया गया।
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राजस्व विभाग की टीम ने पुलिस बल के साथ पहुंचकर कुड़नी कस्बे में बनी अवैध दुकानों को सीज कर दिया। नायब तहसीलदार ने बताया कि दुकानें सीज करने से पहले अवैध कब्जेदार और दुकानदारों को नोटिस जारी करके उनको खाली करने के निर्देश दिए गए थे।
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इधर, राजस्व टीम देख दुकानदारों ने जल्दी-जल्दी अपना सामान समेटकर दुकानों से बाहर कर लिया। इस दौरान मौके पर ग्रामीणों और तमाशबीनों की भारी भीड़ मौजूद रही।