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यूपी: कब्रिस्तान में रहने को मजबूर पांच बच्चे पहुंचे घर
प्रतापगढ़/ब्यूरो
Updated Sat, 27 Jul 2013 12:45 AM IST
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उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ के मनधाता में एड्स पीड़ित दंपति की मौत के बाद उनके बच्चों को जलालत सहने पर मजबूर होना पड़ा। उन्हें ग्रामीणों ने गांव से बाहर निकाल दिया, मजबूरन बच्चे कब्रिस्तान में रह रहे थे।
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मामला तूल पकड़ने पर गांव पहुंचे डीएम ने बच्चों को प्रारंभिक सुविधाएं मुहैया कराई, साथ ही उनके रहने, खाने और पढ़ाई के इंतजाम के निर्देश दिए हैं। डीएम ने बच्चों से सहमति लेकर उनकी जांच कराने के लिए सीएमओ को निर्देशित किया।
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मकसद यह जानना था कि उनमें किसी तरह का संक्रमण न हो। जांच में किसी भी बच्चे में एड्स के लक्षण नहीं पाए गए। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने गांववालों के साथ बच्चों के रिश्तेदारों से बात की और सभी पक्षों को ताकीद किया कि उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
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जानकारी के मुताबिक, जिले के एक गांव निवासी मुंबई में टैक्सी चलाता था। वहां एड्स की चपेट में आने के कारण घर चला आया और दो साल पहले उसकी मौत हो गई। इस बीच उसकी पत्नी भी एड्स की चपेट में आ गई थी।
डेढ़ माह पहले उसका भी निधन हो गया। इसके बाद उनके पांच बच्चे लावारिस हो गए। कुछ दिन सभी अपने चाचा के संयुक्त घर में अलग रहते थे। आरोप है कि इस बीच ग्रामीणों के विरोध के चलते उन्हें गांव छोड़ना पड़ गया।
इसके बाद पांचों भाई-बहन गांव से बाहर कब्रिस्तान में पॉलीथिन डालकर रहने लगे। जानकारी मिलने पर शुक्रवार को जिलाधिकारी विद्याभूषण प्रशासनिक अमले के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बच्चों से बातचीत की। बच्चों ने किसी की शिकायत नहीं की।
कब्रिस्तान में रहने के लिए किसी पर आरोप नहीं लगाया। डीएम ने बच्चों के चाचा शहाबुद्दीन से भी पूछताछ की। इसके बाद बच्चों की मौलिक सुविधाओं को सुनिश्चित करते हुए जिलाधिकारी विद्या भूषण ने बताया कि बच्चों का जॉबकार्ड बनवा दिया गया है।
साथ ही मुख्यमंत्री सहायता कोष से सभी को एक-एक लाख रुपये की सहायता देने की संस्तुति की गई थी, जिसकी स्वीकृति मिल गई है। बच्चों को गांव में ही रहने के लिए डेढ़ विस्वा जमीन पर तत्काल पट्टा दिया गया।
जमीन पर उनके लिए छप्पर भी डलवा दिया गया। इसके अलावा हैंडपंप लगवाने, ग्राम प्रधान शंकरलाल और बीडीओ को अंत्योदय कार्ड बनाने के साथ ही लोहिया आवास दिए जाने का प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया। बच्चों की इच्छा के अनुसार उनका स्कूल में दाखिला कराने का भी निर्देश दिया।
जिलाधिकारी का जताया आभार
एलायंस इंटरनेशनल क्लब ने अध्यक्ष रोशनलाल उमरवैश्य ने इस मामले को डीएम के सामने उठाया था। उन्होंने डीएम की पहल की सराहना और आभार जताया है।