{"_id":"60b670608ebc3e8a631580c9","slug":"two-brick-kilns-will-be-closed-for-violating-the-rules-firozabad-news-agr494023838","type":"story","status":"publish","title_hn":"नियमों का उल्लंघन करने पर दो ईंट-भट्ठे होंगे बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नियमों का उल्लंघन करने पर दो ईंट-भट्ठे होंगे बंद
विज्ञापन
फिरोजाबाद। पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से एनजीटी द्वारा लागू नियमों के उल्लंघन पर जिला के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जसराना क्षेत्र में संचालित दो ईंट-भट्ठों के विरुद्ध बंद कराने की कार्रवाई शुरू की है। ईंट-भट्ठों को बंद कराने के लिए जिलाधिकारी को संस्तुति भेजी गई है।
जिलाधिकारी चंद्र विजय सिंह के निर्देश पर गत दिवस जसराना क्षेत्र में संचालित मैसर्स छोटेलाल ईंट उद्योग एवं सूरज ईंट उद्योग पर निरीक्षण किया गया था। तहसीलदार जसराना की मौजूदगी में हुई निरीक्षण की कार्रवाई के दौरान उक्त दोनों ईंट-भट्ठों पर पर्यावरण संरक्षण से जुडे़ एनजीटी के निर्देशों की अवहेलना होती मिली थी। दोनों पर मिट्टी का अवैध खनन करने के साथ ही भट्टों पर काम करने वाले श्रमिकों को घरेलू गैस का कनेक्शन उपलब्ध नहीं होने, पानी का टैंक नहीं बनाने जैसी अनियमितताएं मिलीं थी। आरओ पीसीबी के अनुसार दोनों ईंट-भट्ठा के विरुद्ध जिला के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बंद करने की कार्रवाई अमल में लाने के लिए जिलाधिकारी को संस्तुति की है।
सीमा विवाद में उलझा है बंद कराने का मामला
एनजीटी के निर्देशों के बाद टीटीजेड एरिया में शामिल निगम क्षेत्र के ईंट-भट्ठों के परिचालन पर रोक है लेकिन निगम क्षेत्र को लेकर चल रही ऊहपोह की स्थिति के कारण मैसर्स प्रेमपुर रैपुरा ईंट उद्योग, मैसर्स महेश ईंट उद्योग एवं कन्हैया बिक्र फील्ड एवं स्वास्तिक ईंट उद्योग पर बंदी की कार्रवाई अधर में लटकी है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से गत मार्च में इन सभी ईंट-भट्ठों को बंद कराने को निगम अफसरों को पत्र भी जारी किया था। परंतु सीमा निर्धारण से जुड़ीं तकनीकी खामियों के कारण निगम प्रशासन उक्त भट्टों पर कार्रवाई नहीं कर पा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिलाधिकारी चंद्र विजय सिंह के निर्देश पर गत दिवस जसराना क्षेत्र में संचालित मैसर्स छोटेलाल ईंट उद्योग एवं सूरज ईंट उद्योग पर निरीक्षण किया गया था। तहसीलदार जसराना की मौजूदगी में हुई निरीक्षण की कार्रवाई के दौरान उक्त दोनों ईंट-भट्ठों पर पर्यावरण संरक्षण से जुडे़ एनजीटी के निर्देशों की अवहेलना होती मिली थी। दोनों पर मिट्टी का अवैध खनन करने के साथ ही भट्टों पर काम करने वाले श्रमिकों को घरेलू गैस का कनेक्शन उपलब्ध नहीं होने, पानी का टैंक नहीं बनाने जैसी अनियमितताएं मिलीं थी। आरओ पीसीबी के अनुसार दोनों ईंट-भट्ठा के विरुद्ध जिला के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बंद करने की कार्रवाई अमल में लाने के लिए जिलाधिकारी को संस्तुति की है।
विज्ञापन
सीमा विवाद में उलझा है बंद कराने का मामला
एनजीटी के निर्देशों के बाद टीटीजेड एरिया में शामिल निगम क्षेत्र के ईंट-भट्ठों के परिचालन पर रोक है लेकिन निगम क्षेत्र को लेकर चल रही ऊहपोह की स्थिति के कारण मैसर्स प्रेमपुर रैपुरा ईंट उद्योग, मैसर्स महेश ईंट उद्योग एवं कन्हैया बिक्र फील्ड एवं स्वास्तिक ईंट उद्योग पर बंदी की कार्रवाई अधर में लटकी है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से गत मार्च में इन सभी ईंट-भट्ठों को बंद कराने को निगम अफसरों को पत्र भी जारी किया था। परंतु सीमा निर्धारण से जुड़ीं तकनीकी खामियों के कारण निगम प्रशासन उक्त भट्टों पर कार्रवाई नहीं कर पा रहा है।
विज्ञापन