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एसएनसीयू के 12 पलंग पर चल रहा 24 नवजात शिशुओं का इलाज
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रफ़रोजाबाद ! जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में एक मशीन पर दो बच्चों को उपचार कराते परिजन
- फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद। कोरोना की संभावित तीसरी लहर के लिए बच्चों के इलाज के लिए जिले में विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। इसके बावजूद भी मेडिकल कॉलेज में संचालित एसएनसीयू (सिक न्यू बार्न केयर यूनिट) में इन दिनों बेड की कमी है। इस कारण एक बेड पर दो नवजातों का इलाज किया जा रहा है। 12 बेड के एसएनसीयू वार्ड में वर्तमान समय में 24 नवजात का इलाज चल रहा है। जगह न होने के कारण कई तीमारदार निजी अस्पतालों में बच्चों का इलाज कराने को मजबूर हैं।
मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए तमाम सुविधाएं बढ़ा दी गई हैं लेकिन नवजात शिशुओं को इलाज के लिए तीमारदारों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। यदि नवजातों की संख्या बढ़ी तो अस्पताल प्रबंधन के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।
एसएनसीयू में भर्ती नवजात बच्चों को बारी-बारी से मां के पास दूध पिलाने के लिए भेज दिया जाता है। उस बच्चे का पलंग कुछ समय खाली होने पर दूसरे बच्चों को भर्ती कर दिया जाता है। यह क्रम दिन-रात चलता रहता है। एसएमएनसी में यह समस्या अक्सर बनी रहती है। चिकित्सकों का कहना है कि यहां बेडों की संख्या बढ़ाना आवश्यक हो गया है।
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अस्पताल की चिकित्सकीय व्यवस्था पर लोगों का विश्वास बढ़ा है। यही कारण है कि 12 बेड वाले एएसएनसीयू वार्ड में 24 शिशुओं का इलाज चल रहा है। इनके इलाज को लेकर अस्पताल प्रबंधन पूरी तरह से गंभीर है। शिशुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए इंतजाम और करने के लिए पत्राचार करेंगे।
डॉ. एलके गुप्ता, बाल रोग विभागध्यक्ष
मेडिकल कॉलेज
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मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए तमाम सुविधाएं बढ़ा दी गई हैं लेकिन नवजात शिशुओं को इलाज के लिए तीमारदारों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। यदि नवजातों की संख्या बढ़ी तो अस्पताल प्रबंधन के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।
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एसएनसीयू में भर्ती नवजात बच्चों को बारी-बारी से मां के पास दूध पिलाने के लिए भेज दिया जाता है। उस बच्चे का पलंग कुछ समय खाली होने पर दूसरे बच्चों को भर्ती कर दिया जाता है। यह क्रम दिन-रात चलता रहता है। एसएमएनसी में यह समस्या अक्सर बनी रहती है। चिकित्सकों का कहना है कि यहां बेडों की संख्या बढ़ाना आवश्यक हो गया है।
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अस्पताल की चिकित्सकीय व्यवस्था पर लोगों का विश्वास बढ़ा है। यही कारण है कि 12 बेड वाले एएसएनसीयू वार्ड में 24 शिशुओं का इलाज चल रहा है। इनके इलाज को लेकर अस्पताल प्रबंधन पूरी तरह से गंभीर है। शिशुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए इंतजाम और करने के लिए पत्राचार करेंगे।
डॉ. एलके गुप्ता, बाल रोग विभागध्यक्ष
मेडिकल कॉलेज