{"_id":"f6dd1ff3406d646ac8134d489cbab03d","slug":"the-handing-a-around-in-karbala-tajiye-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"करबला में ताजिये किए गए सुपुर्द-ए-खाक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
करबला में ताजिये किए गए सुपुर्द-ए-खाक
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Sun, 25 Oct 2015 12:05 AM IST
विज्ञापन
मोहर्रम की दसवीं तारीख को ताजियों को करबला में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। नगर में विभिन्न क्षेत्रों से निकाले गए जुलूस में युवा हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातम करते चल रहे थे। ‘अली का दामन नहीं छोड़ेंगे, हुसैन का दामन नहीं छोड़ेंगे’ नारे लगाए जा रहे थे। इस दौरान नगर में पुलिस बल तैनात रहा। करबला कमेटी के अध्यक्ष हिकमत उल्ला खां की ओर से सभी ताजियेदारों एवं अलमदारों का इस्तकबाल किया गया।
जिला मोहर्रम कमेटी के तत्वावधान में मोहल्ला शीशग्रान स्थित दरगाह हजरत इमामुद्दीन शाह, फखरुद्दीन शाह पर प्राचीन अलमों को रखा गया था। विभिन्न क्षेत्रों से ताजियेदारों, अलमदारों के आने का क्रम शुरू हुआ। सभी को दरगाह शरीफ पर एकत्रित किया गया। जुलूस का शुभारंभ एमएलसी डा. असीम यादव, सपा जिलाध्यक्ष डा. दिलीप यादव एवं नगर मजिस्ट्रेट रवींद्र सिंह ने प्राचीन अलमों को उठाकर किया। इससे पूर्व शोकसभा आयोजित की। इसमें हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद किया। मातमी धुनों के साथ जुलूस आगे बढ़ा। इस दौरान सपा महानगर अध्यक्ष हाशिम मंसूरी, डा.रामनाथ यादव, गुलाब सिंह प्रधान, बसपा नेता खालिद नसीर, कांग्रेस के गुलाम जिलानी, नगर आयुक्त रामौतार रमन, एसडीएम सदर डा. पंकज वर्मा, सीओ सिटी राजेश चौधरी के साथ कई अलमदारों का स्वागत किया गया। संचालन मोहर्रम कमेटी के अध्यक्ष इकबालउद्दीन एडवोकेट, गुलाम समदानी मियां, गुलाम एहसिन, गुलाम रब्बानी आदि शामिल थे। यह जुलूस शीशग्रान से प्रारंभ होकर होली वाली भट्टी एवं झमैया टोला से होते हुए विभिन्न क्षेत्रों से होकर शीशग्रान कब्रिस्तान पहुंचा। कुछ अलमदार और ताजियेदार जुलूस के रूप में स्टेशन रोड स्थित करबला में दफीना के लिए सरकुलर रोड, डाकखाना चौराहा, गंज मोहल्ला से होकर सदर बाजार, नई बस्ती से होते हुए सीधे करबला पहुंचे।
शिया समुदाय के ताजिये एवं अलम मोहल्ला कोटला स्थित शिया इमामबारगाह से प्रारंभ हुआ। मातम करते हुए अंजुमन अब्बासिया के नौजवान चल रहे थे। वह छुरी, ब्लेड एवं कामा से अपने को इमाम हुसैन की याद में लहूलुहान कर रहे थे। जुलूस कोटला क्षेत्र से मुश्ताक बिल्डिंग, नई बस्ती तिराहा होते हुए करबला में दोपहर 12 बजे पहुंचा। इनमें मंसूर रिजवी, मजहर नकबी सनी जाफरी, इफ्तिखार जाफरी, लियाकत अली, वारिस अली आदि शामिल थे।
विज्ञापन
चाक चौबंद रहीं पुलिस की व्यवस्थाएं
मोहर्रम के जुलूस के दौरान पुलिस एवं प्रशासन की व्यवस्थाएं चाक चौबंद रही। नगर मजिस्ट्रेट रवींद्र सिंह एवं सीओ सिटी राजेश चौधरी कई थानों के फोर्स के साथ सुबह कोटला मोहल्ला से निकलने वाले जुलूस के दौरान सक्रिय रहे। दोपहर के बाद सुन्नी समुदाय के जुलूस के दौरान इमामबाड़ा चौराहा, नालबंद चौराहा और नाले की पुलिया के साथ ही सदर बाजार, सिनेमा चौराहा, गांधी पार्क चौराहा एवं नई बस्ती चौराहा के साथ ही अन्य स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहा। एसपी सिटी उदय शंकर सिंह ने भी व्यवस्थाओं का
जायजा लिया।
विज्ञापन
जिला मोहर्रम कमेटी के तत्वावधान में मोहल्ला शीशग्रान स्थित दरगाह हजरत इमामुद्दीन शाह, फखरुद्दीन शाह पर प्राचीन अलमों को रखा गया था। विभिन्न क्षेत्रों से ताजियेदारों, अलमदारों के आने का क्रम शुरू हुआ। सभी को दरगाह शरीफ पर एकत्रित किया गया। जुलूस का शुभारंभ एमएलसी डा. असीम यादव, सपा जिलाध्यक्ष डा. दिलीप यादव एवं नगर मजिस्ट्रेट रवींद्र सिंह ने प्राचीन अलमों को उठाकर किया। इससे पूर्व शोकसभा आयोजित की। इसमें हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद किया। मातमी धुनों के साथ जुलूस आगे बढ़ा। इस दौरान सपा महानगर अध्यक्ष हाशिम मंसूरी, डा.रामनाथ यादव, गुलाब सिंह प्रधान, बसपा नेता खालिद नसीर, कांग्रेस के गुलाम जिलानी, नगर आयुक्त रामौतार रमन, एसडीएम सदर डा. पंकज वर्मा, सीओ सिटी राजेश चौधरी के साथ कई अलमदारों का स्वागत किया गया। संचालन मोहर्रम कमेटी के अध्यक्ष इकबालउद्दीन एडवोकेट, गुलाम समदानी मियां, गुलाम एहसिन, गुलाम रब्बानी आदि शामिल थे। यह जुलूस शीशग्रान से प्रारंभ होकर होली वाली भट्टी एवं झमैया टोला से होते हुए विभिन्न क्षेत्रों से होकर शीशग्रान कब्रिस्तान पहुंचा। कुछ अलमदार और ताजियेदार जुलूस के रूप में स्टेशन रोड स्थित करबला में दफीना के लिए सरकुलर रोड, डाकखाना चौराहा, गंज मोहल्ला से होकर सदर बाजार, नई बस्ती से होते हुए सीधे करबला पहुंचे।
विज्ञापन
शिया समुदाय के ताजिये एवं अलम मोहल्ला कोटला स्थित शिया इमामबारगाह से प्रारंभ हुआ। मातम करते हुए अंजुमन अब्बासिया के नौजवान चल रहे थे। वह छुरी, ब्लेड एवं कामा से अपने को इमाम हुसैन की याद में लहूलुहान कर रहे थे। जुलूस कोटला क्षेत्र से मुश्ताक बिल्डिंग, नई बस्ती तिराहा होते हुए करबला में दोपहर 12 बजे पहुंचा। इनमें मंसूर रिजवी, मजहर नकबी सनी जाफरी, इफ्तिखार जाफरी, लियाकत अली, वारिस अली आदि शामिल थे।
विज्ञापन
चाक चौबंद रहीं पुलिस की व्यवस्थाएं
मोहर्रम के जुलूस के दौरान पुलिस एवं प्रशासन की व्यवस्थाएं चाक चौबंद रही। नगर मजिस्ट्रेट रवींद्र सिंह एवं सीओ सिटी राजेश चौधरी कई थानों के फोर्स के साथ सुबह कोटला मोहल्ला से निकलने वाले जुलूस के दौरान सक्रिय रहे। दोपहर के बाद सुन्नी समुदाय के जुलूस के दौरान इमामबाड़ा चौराहा, नालबंद चौराहा और नाले की पुलिया के साथ ही सदर बाजार, सिनेमा चौराहा, गांधी पार्क चौराहा एवं नई बस्ती चौराहा के साथ ही अन्य स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहा। एसपी सिटी उदय शंकर सिंह ने भी व्यवस्थाओं का
जायजा लिया।