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पाठ्यक्रम और नई परीक्षा नीति को लेकर छात्र असमंजस में
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फिरोजाबाद। डॉ. बीआर आंबेडकर विश्व विद्यालय द्वारा स्नातक प्रथम वर्ष के पाठ्यक्रम और परीक्षा नीति में बदलाव के बारे में सही जानकारी नहीं होने के कारण छात्र परेशान हैं। मार्च-अप्रैल में विश्व विद्यालय की मुख्य परीक्षाएं शुरू होने की संभावना है। ऐसे में छात्र-छात्राओं के पाठ्यक्रम में हुए बदलाव से परेशान छात्रों की टेंशन दूर करने के लिए शिक्षा शास्त्री व विशेषज्ञ प्राध्यापकों ने सफलता के लिए जरूरी टिप्स बताएं हैं।
दाऊ दयाल डिग्री कॉलेज की छात्रा अनामिका शर्मा का कहना है कि इस वर्ष सभी तीन विषयों में बहुविकल्पीय प्रश्न आने की बात कहीं जा रही है। फिर रोजगारपरक कोर्स का अंक किस तरह निर्धारित होगा, इसके बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं है। एसआरके डिग्री कॉलेज के छात्र दीपक प्रजापति का कहना है कि रोजगार परक कोर्स की परीक्षा विवि करा रहा है, लेकिन यह कोर्स डिग्री पूरी होने के बाद कितना मान्य होगा, इसके बारे में अभी तक कोई बता नहीं पा रहा है। वहीं डॉ. आंबेडकर विश्व विद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में अध्ययनरत छात्र नई परीक्षा नीति में हुए बदलाव के संबंध में प्राध्यापकों के पास अपनी जिज्ञासा लेकर पहुंच रहे हैं। प्राचार्यों ने भी जरूरी टिप्स दिए हैं।
इस वर्ष कोरोना के कारण से सत्र देर हो गया है। ऐसे में बीए, बीएससी और बीकॉम छात्रों को तीनों मुख्य विषयों से जुडे़ 100-100 प्रश्न आएंगे। इनमें से 50 प्रश्नों के उत्तर देने हैं। अगले वर्ष यानि दूसरे व तीसरी साल छात्रों को पूर्व की भांति तीन विषयों व एक रोजगार परक कोर्स की परीक्षा देनी होगी। प्रश्नपत्रों में बहु विकल्पीय, थ्योरीकल आदि सभी प्रश्नों का समावेश होगा।
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विनीता गुप्ता, प्राचार्या दाऊ दयाल महिला पीजी कॉलेज
छात्रों को अब स्नातक कक्षाओं में प्रथम, द्वितीय व तृतीय वर्ष में कुल 12 परीक्षाएं देनी होंगी। यानि एक वर्ष में दो सेमेस्टर होंगे। जिसमें हर वर्ष कॉलेज स्तर की दो आंतरिक परीक्षाएं और दो परीक्षाएं विश्व विद्यालय स्तर से आयोजित होंगी। छात्रों को चाहिये कि वे प्रत्येक विषय की नियमित पढ़ाई करें। वैकल्पिक विषय के तौर पर लिए विषय की भी तैयारी पूरी तन्मयता के साथ करें।
प्रभाष्कर रॉय, प्राचार्य लोक राष्ट्रीय महाविद्यालय जसराना
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दाऊ दयाल डिग्री कॉलेज की छात्रा अनामिका शर्मा का कहना है कि इस वर्ष सभी तीन विषयों में बहुविकल्पीय प्रश्न आने की बात कहीं जा रही है। फिर रोजगारपरक कोर्स का अंक किस तरह निर्धारित होगा, इसके बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं है। एसआरके डिग्री कॉलेज के छात्र दीपक प्रजापति का कहना है कि रोजगार परक कोर्स की परीक्षा विवि करा रहा है, लेकिन यह कोर्स डिग्री पूरी होने के बाद कितना मान्य होगा, इसके बारे में अभी तक कोई बता नहीं पा रहा है। वहीं डॉ. आंबेडकर विश्व विद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में अध्ययनरत छात्र नई परीक्षा नीति में हुए बदलाव के संबंध में प्राध्यापकों के पास अपनी जिज्ञासा लेकर पहुंच रहे हैं। प्राचार्यों ने भी जरूरी टिप्स दिए हैं।
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इस वर्ष कोरोना के कारण से सत्र देर हो गया है। ऐसे में बीए, बीएससी और बीकॉम छात्रों को तीनों मुख्य विषयों से जुडे़ 100-100 प्रश्न आएंगे। इनमें से 50 प्रश्नों के उत्तर देने हैं। अगले वर्ष यानि दूसरे व तीसरी साल छात्रों को पूर्व की भांति तीन विषयों व एक रोजगार परक कोर्स की परीक्षा देनी होगी। प्रश्नपत्रों में बहु विकल्पीय, थ्योरीकल आदि सभी प्रश्नों का समावेश होगा।
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विनीता गुप्ता, प्राचार्या दाऊ दयाल महिला पीजी कॉलेज
छात्रों को अब स्नातक कक्षाओं में प्रथम, द्वितीय व तृतीय वर्ष में कुल 12 परीक्षाएं देनी होंगी। यानि एक वर्ष में दो सेमेस्टर होंगे। जिसमें हर वर्ष कॉलेज स्तर की दो आंतरिक परीक्षाएं और दो परीक्षाएं विश्व विद्यालय स्तर से आयोजित होंगी। छात्रों को चाहिये कि वे प्रत्येक विषय की नियमित पढ़ाई करें। वैकल्पिक विषय के तौर पर लिए विषय की भी तैयारी पूरी तन्मयता के साथ करें।
प्रभाष्कर रॉय, प्राचार्य लोक राष्ट्रीय महाविद्यालय जसराना