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Firozabad News: जेल में बंद भाइयों से मिलकर बिलख पड़ीं बहनें

Tue, 20 Aug 2024 12:09 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद Updated Tue, 20 Aug 2024 12:09 AM IST
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Sisters cried after meeting their jailed brothers
फिरोजाबाद। रक्षाबंधन के मौके पर जिला कारागार में बंद भाइयों के कलाई पर रक्षासूत्र बांधने पहुंचीं महिलाओं की लंबी कतार लगी दिखाई दी। महिलाओं को टोकन जारी करके प्रवेश दिया गया। बहनों के आने का क्रम दोपहर बाद तक जारी रहा। इस दौरान सुरक्षा के लिहाज से पुलिस फोर्स मुस्तैद रहा। बहनें भाइयों से मिलकर बिलख पड़ीं। जिला कारागार में बंद भाइयों को रक्षासूत्र बांधने के लिए बहनें तड़के छह बजे से पहुंचने लगी थीं। जेल प्रशासन ने सुबह सात बजे से कतार लगवानी शुरू कर दी थी। 7:30 बजे तक महिलाओं को टोकन जारी करने के साथ एंट्री कराना प्रारंभ कर दिया था। एक बार में 200 से लेकर 250 महिलाओं को प्रवेश दिया जा रहा था। एक बार महिलाओं को अंदर जाने के बाद दूसरे राउंड की महिलाओं को प्रवेश दिया जा रहा था। एक बार के प्रवेश में करीब एक से डेढ़ घंटे का समय लग रहा था। जेल प्रशासन की ओर से अंदर ही मिठाई की व्यवस्था की गई थी।
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जेल में बंद भाइयों के मिलते ही कोई गले मिलकर बिलखने लगा तो किसी बहन के साथ उसका भाई भी रोने लगे। इतना ही नहीं साथ गई महिलाएं उनको ढांढस बंधाती दिखाई दीं। बहनों से रक्षासूत्र बांधने के साथ परिजन का हाल चाल लिया। महिलाओं के साथ गए बच्चों को भी बंदी दुलारते दिखाई दिए। शाम को पांच बजे तक प्रवेश दिए जाने का क्रम जारी था। जेल अधीक्षक एके सिंह ने बताया कि जेल में महिलाओं को प्रवेश देने की चाक चौबंद व्यवस्थाएं की गई थी। महिलाओं के साथ-साथ युवतियों एवं बच्चों को भी प्रवेश दिया गया था। सुरक्षा के लिहाज से महिला पुलिस कर्मियों के साथ पुलिस फोर्स की तैनाती की गई थी।
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2179 महिलाएं राखी बांधने पहुंची
-जेल अधीक्षक एके सिंह ने बताया कि रक्षाबंधन के मौके पर 1085 पुरुष बंदियों को बहनों ने रक्षासूत्र बांधे। उन्होंने कहा कि सात पालियों में 2179 बहनों के साथ 1008 बच्चों को प्रवेश दिया गया। व्यवस्था को संभाले रखने में जेलर राजेश कुमार पांडेय, उप जेलर आलोक सिंह, महेंद्र सिंह और क्षमा शर्मा के साथ स्टाफ का सहयोग रहा।
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