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Firozabad News: 100 से अधिक जगहों पर खोदी सड़कें, लीकेज सुधार कर पेचवर्क करना भूले ठेकेदार
Mon, 09 Mar 2026 11:38 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Mon, 09 Mar 2026 11:38 PM IST
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कोटला रोड पर पाइप लाइन मरम्मत के बाद ऊबड़-खाबड़ स्थित में सड़क। संवाद
- फोटो : कोटला रोड पर पाइप लाइन मरम्मत के बाद ऊबड़-खाबड़ स्थित में सड़क। संवाद
फिरोजाबाद। शहर की प्यास बुझाने के लिए बिछाई गईं पेयजल लाइनों की मरम्मत अब आमजन के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। जलकल विभाग के ठेकेदारों ने लीकेज सुधारने के नाम पर शहर में 100 से अधिक स्थानों पर सड़कें और गलियां तो खोद दीं, लेकिन काम पूरा होने के बाद पेचवर्क कराना भूल गए। खुले पड़े ये गड्ढे गंदगी को दावत दे रहे हैं। रात के समय राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं।
आलम यह है कि बौद्याश्रम रोड, तिलक नगर, कोटला रोड, किशन नगर, दुर्गेश नगर, सरस्वती नगर, शीतल खां रोड और जैन नगर जैसे इलाकों में खोदाई के बाद गंदगी और कचरे के ढेर लग गए हैं। इससे स्थानीय निवासियों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है।
कार्यदायी संस्थाओं की लापरवाही का खामियाजा विभाग को आर्थिक रूप से भी भुगतना पड़ रहा है। पेचवर्क न होने के कारण गड्ढों से गुजरने वाले भारी वाहनों के दबाव से पेयजल लाइनें दोबारा लीकेज हो जाती हैं। इससे न केवल सड़कों पर पानी बहता है, बल्कि पाइपों में सीवर का गंदा पानी रिसने से लोगों के घरों तक दूषित जलापूर्ति पहुंच रही है।
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लीकेज मरम्मत के बाद पेचवर्क कराना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि ऐसे सभी स्थलों को चिह्नित किया जा रहा है जहां मरम्मत के बाद गड्ढे खुले छोड़ दिए गए हैं।
- सतीश कुमार, एक्सईएन जलकल विभाग (नगर निगम)
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आलम यह है कि बौद्याश्रम रोड, तिलक नगर, कोटला रोड, किशन नगर, दुर्गेश नगर, सरस्वती नगर, शीतल खां रोड और जैन नगर जैसे इलाकों में खोदाई के बाद गंदगी और कचरे के ढेर लग गए हैं। इससे स्थानीय निवासियों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है।
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कार्यदायी संस्थाओं की लापरवाही का खामियाजा विभाग को आर्थिक रूप से भी भुगतना पड़ रहा है। पेचवर्क न होने के कारण गड्ढों से गुजरने वाले भारी वाहनों के दबाव से पेयजल लाइनें दोबारा लीकेज हो जाती हैं। इससे न केवल सड़कों पर पानी बहता है, बल्कि पाइपों में सीवर का गंदा पानी रिसने से लोगों के घरों तक दूषित जलापूर्ति पहुंच रही है।
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लीकेज मरम्मत के बाद पेचवर्क कराना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि ऐसे सभी स्थलों को चिह्नित किया जा रहा है जहां मरम्मत के बाद गड्ढे खुले छोड़ दिए गए हैं।
- सतीश कुमार, एक्सईएन जलकल विभाग (नगर निगम)