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Firozabad News: दर्द से कराह उठे मरीज, नहीं मिल रहा इलाज
Wed, 21 Aug 2024 11:38 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Wed, 21 Aug 2024 11:38 PM IST
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फिरोजाबाद। कोलकाता में हुई डॉक्टर की हत्या के विरोध में मेडिकल कॉलेज में रेजिडेंट चिकित्सकों की हड़ताल जारी है। छह दिन से स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप होने से मरीज अब कराह उठे हैं। इसके बाद भी कोई हल नहीं निकला है। निजी चिकित्सकों के यहां लंबी कतार लगी हैं। मरीज प्रतिदिन मेडिकल कॉलेज आते हैं और हड़ताल देखकर फिर वापस लौट जाते हैं। बारिश के बाद बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। घर-घर बुखार फैल रहा है। त्योहार बाद डायरिया के मरीज भी बढ़ गए हैं। लेकिन मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की हड़ताल के कारण छह दिन से इलाज नहीं मिल रहा है। क् रेजिडेंट चिकित्सक पर्चे भी नहीं बनने दे रहे हैं। ऐसे में सीनियर डॉक्टर भी इलाज नहीं कर पा रहे हैं। स्थिति यह है कि वार्ड भी खाली होने लगे हैं। हालांकि ज्यादा गंभीर मरीजों को इमरजेंसी में उपचार दिया जा रहा है।
मरीजों का झलका दर्द
-मेडिकल कॉलेज में पहुंची सुनीता देवी ने कहा कि उनके 14 वर्षीय बेटे के अपेंडिक्स का दर्द है। बाहर ऑपरेशन कराने के लिए 18 हजार खर्च होंगे। इतने रुपये न होने के कारण हर रोज बेटे को लेकर ओपीडी में दिखाने आ रहे है। लेकिन यहां डॉक्टर बैठे ही नहीं। इसी तरह मोहम्मद अकरम ने कहा कि चर्म रोग है। प्राइवेट में इलाज महंगा है, लेकिन मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर नहीं बैठ रहे हैं। आयशा ने बताया कि 10 दिन पहले सर्जरी हुई थी। अब आगे क्या दवा खानी है, दो बार अस्पताल आ चुकी।
-रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर हैं। हालांकि गंभीर मरीजों के लिए दवा की व्यवस्था कर दी है। इमरजेंसी में जाकर मरीज उपचार करा सकते हैं।
डाॅ. नवीन जैन, सीएमएस
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मरीजों का झलका दर्द
-मेडिकल कॉलेज में पहुंची सुनीता देवी ने कहा कि उनके 14 वर्षीय बेटे के अपेंडिक्स का दर्द है। बाहर ऑपरेशन कराने के लिए 18 हजार खर्च होंगे। इतने रुपये न होने के कारण हर रोज बेटे को लेकर ओपीडी में दिखाने आ रहे है। लेकिन यहां डॉक्टर बैठे ही नहीं। इसी तरह मोहम्मद अकरम ने कहा कि चर्म रोग है। प्राइवेट में इलाज महंगा है, लेकिन मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर नहीं बैठ रहे हैं। आयशा ने बताया कि 10 दिन पहले सर्जरी हुई थी। अब आगे क्या दवा खानी है, दो बार अस्पताल आ चुकी।
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-रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर हैं। हालांकि गंभीर मरीजों के लिए दवा की व्यवस्था कर दी है। इमरजेंसी में जाकर मरीज उपचार करा सकते हैं।
डाॅ. नवीन जैन, सीएमएस