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Firozabad News: यूरोप व दक्षिण एशिया को लुभा रही मोजेक कला
Sun, 24 Dec 2023 12:04 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Sun, 24 Dec 2023 12:04 AM IST
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फिरोजाबाद। यूरोप व दक्षिण एशिया के कई देशों में इस बार फिरोजाबाद की मोजेक कला के उत्पादों की भरपूर मांग है। कांच आयटम पर मोजेक कला के जरिए उकेरी जाने वाले डिजाइन देश-विदेश के ग्राहकों को भा रही है। भरपूर मांग के चलते आसफाबाद और खंजापुर क्षेत्रों में करीब 150 से अधिक परिवार मोजेक कला के जरिए स्वरोजगार की मुख्य धारा से जुड़ गए हैं। कभी आजीविका के लिए संघर्ष कर रहे ये परिवार अब घर बैठे प्रतिदिन हजारों रुपये कमा रहे हैं।घरेलू और विदेशी बाजारों में मोजेक कला के जरिए निर्मित कांच आयटम की डिमांड बढ़ी है। हस्तशिल्प के जरिए सादा कांच आयटम पर मोजेक कला के जरिए तमाम तरह की डिजाइन बनाने वाले कारीगरों के काम हो वाहवाही मिल रही है। यही कारण है कि जिन घरों में पहले चूड़ी जुड़ाई या अन्य छोटे-मोटे काम होते थे। उन परिवारों में निर्यात योग्य फैंसी ग्लास आयटम तैयार किए जा रहे हैं। नई आबादी क्षेत्र खंजापुर और आसफाबाद में करीब 150 से अधिक परिवारों में 2000 से अधिक कारीगर (महिला एवं पुरुष) मोजेक कला से तैयार होने वाले ग्लास आयटम तैयार कर प्रतिदिन 600 से 900 रुपये का मेहनताना हासिल कर रहे हैं।
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इन कांच आयटम पर होता है मोजेक का काम
निर्यात फ्लॉवर पॉट, दीवारों पर लगने वाली डिजाइनर ग्लास, वाटर ग्लास, हैगिंग लाइट आयटम के अलावा पुटिंग सेट, बाउल सेट आदि।
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यह है मोजेक कला
बेहद महीन कांच के रंगीन छोटे-छोटे टुकड़ों को छोटे-बड़े ग्लास आयटम पर चिपकाया जाता है। बेहद सतर्कता से होने वाले इस कार्य के दौरान हस्तशिल्पी अपने जेहन में आई कोई भी तस्वीर (फूल-पत्ती, देवी-देवता की आकृति अथवा व्यक्ति विशेष का नाम) ग्लास आयटम पर उकेर देते हैं।
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मन आया विचार, धरातल पर उतारा
-शहर में मोजेक कला के कई कारीगर हैं। मैंने इस काम के जरिए ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंदों को जोड़ने की सोची। आज खंजापुर और आसफाबाद क्षेत्र में करीब 1500 से युवा, महिलाएं और पुरुष मोजेक कला में पारंगत हो गए हैं।
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पराग यादव, हस्तशिल्पी व सप्लायर
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पहले कारखाने में काम कर आजीविका चला रहे थे, लेकिन अब घर बैठे काम मिल रहा है। इसके अलावा घर में काम मिलने की वजह से परिवार के अन्य सदस्यों को रोजगार मुहैया हो गया।
देवेंद्र, मोजेक कला कारीगर
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इन कांच आयटम पर होता है मोजेक का काम
निर्यात फ्लॉवर पॉट, दीवारों पर लगने वाली डिजाइनर ग्लास, वाटर ग्लास, हैगिंग लाइट आयटम के अलावा पुटिंग सेट, बाउल सेट आदि।
यह है मोजेक कला
बेहद महीन कांच के रंगीन छोटे-छोटे टुकड़ों को छोटे-बड़े ग्लास आयटम पर चिपकाया जाता है। बेहद सतर्कता से होने वाले इस कार्य के दौरान हस्तशिल्पी अपने जेहन में आई कोई भी तस्वीर (फूल-पत्ती, देवी-देवता की आकृति अथवा व्यक्ति विशेष का नाम) ग्लास आयटम पर उकेर देते हैं।
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मन आया विचार, धरातल पर उतारा
-शहर में मोजेक कला के कई कारीगर हैं। मैंने इस काम के जरिए ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंदों को जोड़ने की सोची। आज खंजापुर और आसफाबाद क्षेत्र में करीब 1500 से युवा, महिलाएं और पुरुष मोजेक कला में पारंगत हो गए हैं।
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पराग यादव, हस्तशिल्पी व सप्लायर
पहले कारखाने में काम कर आजीविका चला रहे थे, लेकिन अब घर बैठे काम मिल रहा है। इसके अलावा घर में काम मिलने की वजह से परिवार के अन्य सदस्यों को रोजगार मुहैया हो गया।
देवेंद्र, मोजेक कला कारीगर