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Firozabad News: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को उम्रकैद
Tue, 08 Oct 2024 01:36 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Tue, 08 Oct 2024 01:36 AM IST
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फिरोजाबाद। अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश पॉक्सो न्यायालय कोर्ट संख्या प्रथम अवधेश कुमार सिंह ने दो वर्ष पुराने मामले में 13 वर्षीय नाबालिग मंदबुद्धि से दुष्कर्म करने वाले दोषी को आजीवन कारावास एवं 55500 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
अर्थदंड अदा नहीं करने पर 26 माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को दिए जाने का आदेश दिया है। मंदबुद्धि होने के कारण मूकबधिर विशेषज्ञ की सहायता से पीड़िता के बयान दर्ज किए गए।
मामला थाना मक्खनपुर क्षेत्र के एक गांव का 4 नवंबर 2022 का है। जहां थाना नारखी क्षेत्र से बरात आई हुई थी। दिन के करीब एक बजे वादी एवं उसकी पत्नी खेत पर काम कर रहे थे।
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उसकी पुत्री गांव के बाहर प्लाट पर अकेली थी। उसी दौरान दूल्हे का भाई आलोक उसे बहला फुसला कर पैसे देने के बहाने पास के गांव में खेत पर ले गया। छेड़छाड़ व दुष्कर्म जैसा घृणित काम किया। पीड़िता के साथ पिटाई भी की गई। घटना को गांव के लोगों ने देखा जिनके शोर मचाने पर दोषी वहां से भाग गया। पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
पुलिस ने विवेचना के बाद दोषी के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय दाखिल किया। मुकदमा अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट संख्या प्रथम अवधेश कुमार सिंह की न्यायालय में चला। सात गवाहों ने बयान दर्ज कराए। न्यायाधीश अवधेश कुमार सिंह ने दोनों पक्ष के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध तमाम साक्ष्य एवं गवाहों के बयानों का गहनता से अध्ययन करने के बाद आलोक को दोषी पाते हुए खुले न्यायालय में सजा सुनाई।
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अर्थदंड अदा नहीं करने पर 26 माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को दिए जाने का आदेश दिया है। मंदबुद्धि होने के कारण मूकबधिर विशेषज्ञ की सहायता से पीड़िता के बयान दर्ज किए गए।
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मामला थाना मक्खनपुर क्षेत्र के एक गांव का 4 नवंबर 2022 का है। जहां थाना नारखी क्षेत्र से बरात आई हुई थी। दिन के करीब एक बजे वादी एवं उसकी पत्नी खेत पर काम कर रहे थे।
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उसकी पुत्री गांव के बाहर प्लाट पर अकेली थी। उसी दौरान दूल्हे का भाई आलोक उसे बहला फुसला कर पैसे देने के बहाने पास के गांव में खेत पर ले गया। छेड़छाड़ व दुष्कर्म जैसा घृणित काम किया। पीड़िता के साथ पिटाई भी की गई। घटना को गांव के लोगों ने देखा जिनके शोर मचाने पर दोषी वहां से भाग गया। पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
पुलिस ने विवेचना के बाद दोषी के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय दाखिल किया। मुकदमा अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट संख्या प्रथम अवधेश कुमार सिंह की न्यायालय में चला। सात गवाहों ने बयान दर्ज कराए। न्यायाधीश अवधेश कुमार सिंह ने दोनों पक्ष के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध तमाम साक्ष्य एवं गवाहों के बयानों का गहनता से अध्ययन करने के बाद आलोक को दोषी पाते हुए खुले न्यायालय में सजा सुनाई।