{"_id":"69653992777b2f000306e6ef","slug":"international-medal-winning-player-wandering-for-employment-firozabad-news-c-169-1-sagr1024-165143-2026-01-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Firozabad News: अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ी रोजगार के लिए भटक रहा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Firozabad News: अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ी रोजगार के लिए भटक रहा
Mon, 12 Jan 2026 11:42 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Mon, 12 Jan 2026 11:42 PM IST
विज्ञापन
एथलेटिक्स खिलाड़ी अभिषेक यादव फाइल फोटो
फिरोजाबाद। शिकोहाबाद निवासी एथलेटिक्स खिलाड़ी अभिषेक यादव ने देश और प्रदेश का नाम रोशन किया, लेकिन आज रोजगार के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। अभिषेक यादव के नाम एथलेटिक्स में दो अंतरराष्ट्रीय पदक दर्ज है। दिसंबर 2024 में उन्होंने ऊंची कूद में रजत पदक और 100 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीता था।
रोजगार की मांग को लेकर अभिषेक यादव लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र देने का प्रयास किया, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद वे मुख्यमंत्री आवास भी गए, वहां भी प्रवेश नहीं मिल सका। अभिषेक का कहना है कि उनके पिता बुजुर्ग हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है।
अभिषेक ने बताया कि वह चार राष्ट्रीय स्तर के पदक और 10 राज्य स्तरीय स्वर्ण पदक भी हासिल कर चुके हैं। इतनी उपलब्धियों के बावजूद उन्हें अब तक कोई सरकारी नौकरी नहीं मिल सकी है। वर्तमान में वे बेरोजगार हैं और जीविका के लिए खेती कर रहे हैं।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि कई बार रजिस्ट्री के माध्यम से भी अपनी समस्या शासन तक पहुंचाई है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकल सका। अभिषेक यादव ने मांग की है कि उनकी खेल उपलब्धियों को देखते हुए उन्हें सरकारी नौकरी दी जाए, ताकि वे सम्मानजनक जीवन यापन कर सकें।
विज्ञापन
रोजगार की मांग को लेकर अभिषेक यादव लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र देने का प्रयास किया, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद वे मुख्यमंत्री आवास भी गए, वहां भी प्रवेश नहीं मिल सका। अभिषेक का कहना है कि उनके पिता बुजुर्ग हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है।
विज्ञापन
अभिषेक ने बताया कि वह चार राष्ट्रीय स्तर के पदक और 10 राज्य स्तरीय स्वर्ण पदक भी हासिल कर चुके हैं। इतनी उपलब्धियों के बावजूद उन्हें अब तक कोई सरकारी नौकरी नहीं मिल सकी है। वर्तमान में वे बेरोजगार हैं और जीविका के लिए खेती कर रहे हैं।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि कई बार रजिस्ट्री के माध्यम से भी अपनी समस्या शासन तक पहुंचाई है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकल सका। अभिषेक यादव ने मांग की है कि उनकी खेल उपलब्धियों को देखते हुए उन्हें सरकारी नौकरी दी जाए, ताकि वे सम्मानजनक जीवन यापन कर सकें।