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Firozabad News: शहर में 100 से अधिक जर्जर इमारतें बनीं जानलेवा, जिम्मेदार बेखबर
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फोटो 15सदर बाजार में मुख्य सड़क से सटी जर्जर बिल्डिंग। संवाद
फिरोजाबाद। शहर में 100 से अधिक बहुमंजिला भवन अपनी जर्जर हालत के कारण राहगीरों और दुकानदारों के लिए खतरा बने हुए हैं। कई बार इन भवनों से मलबा गिरने से लोग घायल हो चुके हैं, लेकिन नगर निगम के अधिकारी इस गंभीर समस्या पर आंखें मूंदे हुए हैं। बीते सोमवार को कोटला रोड पर एक जर्जर भवन का छज्जा गिरने से दो राहगीर गंभीर रूप से घायल हो गए जिससे एक बार फिर इन खतरनाक इमारतों का मुद्दा गरमा गया है।
शहर के सदर बाजार, पुरानी मंडी, छोटा चौराहा, बापू गली, गली लोहियान, गली बोहरान, पुरानी मुंसिफी रोड, रसूलपुर, नई बस्ती, बर्तन वाली गली, मोहल्ला पंसारियान, कोटला मोहल्ला और कटरा सुनारान जैसे इलाकों में दशकों पुरानी 100 से अधिक इमारतें अपनी अंतिम सांसें गिन रही हैं। इन इमारतों के ऊपरी हिस्सों से लगातार गिरती ईंटें, गिट्टी और अन्य मलबा राहगीरों और आसपास के दुकानदारों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहा है। इसके बावजूद, नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी इन जानलेवा इमारतों की अनदेखी कर रहे हैं।
जर्जर भवनों से लगातार हो रहे हादसे
बीते सोमवार को कोटला रोड स्थित मटका वाली बिल्डिंग के ऊपरी हिस्से से मलबा गिरने से दो लोग घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर पहुंची नगर निगम की टीम ने भी खानापूर्ति कर वापस लौटना उचित समझा जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि शहर में जर्जर भवनों की समस्या कितनी गंभीर है और प्रशासन इस पर कितना लापरवाह है। इन इमारतों के कारण न केवल आम नागरिक बल्कि आसपास के व्यवसायों को भी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
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जनता की सुरक्षा सर्वोपरि: निगम की जवाबदेही तय हो
यह अत्यंत चिंताजनक है कि नगर निगम के अधिकारी इन खतरनाक भवनों की स्थिति से अनभिज्ञ बने हुए हैं। जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इन जर्जर भवनों को तत्काल ढहाने या उनकी मरम्मत कराने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। यदि समय रहते इन पर कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी। नागरिकों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना सरकार और प्रशासन का परम कर्तव्य है।
आनन-फानन में जारी नोटिस, दब जाते हैं फाइलों में-
जुलाई माह में गली पंसारियान में जर्जर बिल्डिंग धरासायी हुई। इसके बाद सितंबर माह में बर्तन वाली गली के नुक्कड पर जर्जर बिल्डिंगगे ऊपरी हिस्से गिरे मलबा की चपेट में आकर कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। जन सूचना के बाद मौके पर पहुंचे निगम अफसरों ने दोनों मामलों में नोटिस जारी किए। लेकिन इसके बावजूद भवन स्वामियों ने जर्जर बिल्डिंग को ध्वस्त नहीं कराया।
अधिकारी की बात-
दशकों पुराने भवनों के जर्जर हिस्से को हटाने के लिए 50 से अधिक नोटिस जारी किए गए। नोटिस के बावजूद जर्जर भवन ध्वस्त नहीं कराने वालों के विरुद्ध अब सख्ती की जाएगी।
आशीष शुक्ला एक्सईएन
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शहर के सदर बाजार, पुरानी मंडी, छोटा चौराहा, बापू गली, गली लोहियान, गली बोहरान, पुरानी मुंसिफी रोड, रसूलपुर, नई बस्ती, बर्तन वाली गली, मोहल्ला पंसारियान, कोटला मोहल्ला और कटरा सुनारान जैसे इलाकों में दशकों पुरानी 100 से अधिक इमारतें अपनी अंतिम सांसें गिन रही हैं। इन इमारतों के ऊपरी हिस्सों से लगातार गिरती ईंटें, गिट्टी और अन्य मलबा राहगीरों और आसपास के दुकानदारों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहा है। इसके बावजूद, नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी इन जानलेवा इमारतों की अनदेखी कर रहे हैं।
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जर्जर भवनों से लगातार हो रहे हादसे
बीते सोमवार को कोटला रोड स्थित मटका वाली बिल्डिंग के ऊपरी हिस्से से मलबा गिरने से दो लोग घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर पहुंची नगर निगम की टीम ने भी खानापूर्ति कर वापस लौटना उचित समझा जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि शहर में जर्जर भवनों की समस्या कितनी गंभीर है और प्रशासन इस पर कितना लापरवाह है। इन इमारतों के कारण न केवल आम नागरिक बल्कि आसपास के व्यवसायों को भी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
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जनता की सुरक्षा सर्वोपरि: निगम की जवाबदेही तय हो
यह अत्यंत चिंताजनक है कि नगर निगम के अधिकारी इन खतरनाक भवनों की स्थिति से अनभिज्ञ बने हुए हैं। जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इन जर्जर भवनों को तत्काल ढहाने या उनकी मरम्मत कराने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। यदि समय रहते इन पर कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी। नागरिकों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना सरकार और प्रशासन का परम कर्तव्य है।
आनन-फानन में जारी नोटिस, दब जाते हैं फाइलों में-
जुलाई माह में गली पंसारियान में जर्जर बिल्डिंग धरासायी हुई। इसके बाद सितंबर माह में बर्तन वाली गली के नुक्कड पर जर्जर बिल्डिंगगे ऊपरी हिस्से गिरे मलबा की चपेट में आकर कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। जन सूचना के बाद मौके पर पहुंचे निगम अफसरों ने दोनों मामलों में नोटिस जारी किए। लेकिन इसके बावजूद भवन स्वामियों ने जर्जर बिल्डिंग को ध्वस्त नहीं कराया।
अधिकारी की बात-
दशकों पुराने भवनों के जर्जर हिस्से को हटाने के लिए 50 से अधिक नोटिस जारी किए गए। नोटिस के बावजूद जर्जर भवन ध्वस्त नहीं कराने वालों के विरुद्ध अब सख्ती की जाएगी।
आशीष शुक्ला एक्सईएन