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Firozabad News: 10 हजार की वृद्धावस्था पेंशन एक साल से अटकी
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फोटो-11 सुरेशचंद्र उपाध्याय
फिरोजाबाद। जिले में करीब दस हजार बुजुर्गों की वृद्धावस्था पेंशन पिछले एक साल से अटकी हुई है। मार्च 2025 के बाद आवेदन करने वाले इन बुजुर्गों के खातों में एक हजार रुपये की मासिक पेंशन राशि नहीं पहुंची है। समाज कल्याण विभाग मार्च माह में एक साथ पूरे साल की पेंशन जारी करने का आश्वासन दे रहा है।
समाज कल्याण विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में जिले में कुल 79,117 पुराने पेंशनधारकों के खातों में धनराशि भेजी जा रही है। वहीं, पोर्टल पर कुल आवेदकों की संख्या 89 हजार से अधिक है। मार्च 2025 के बाद आवेदन करने वाले लगभग 10 हजार नए बुजुर्गों की फाइलें स्वीकृत होने के बावजूद बजट की कमी के कारण उन्हें अभी तक एक भी किश्त नहीं मिली है।
पेंशन न मिलने से सबसे ज्यादा परेशान वे बुजुर्ग हैं जिनकी आय का मुख्य स्रोत यही पेंशन है। कई बुजुर्गों ने बताया कि वे छोटी-मोटी जरूरतों के लिए भी दूसरों पर निर्भर हो गए हैं। दवाइयों और अन्य आवश्यक खर्चों को पूरा करना उनके लिए मुश्किल हो रहा है। विभाग के आश्वासन के बावजूद, उन्हें अभी तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है कि पेंशन कब तक उनके खातों में पहुंचेगी।
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समाज कल्याण विभाग का आश्वासन
समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बजट की उपलब्धता के अनुसार मार्च माह में सभी लंबित पेंशनरों को एक साथ पूरे साल की राशि जारी कर दी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि प्रक्रिया को तेज करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं ताकि किसी भी पात्र व्यक्ति को परेशानी का सामना न करना पड़े। विभाग ने बुजुर्गों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है।
जनवरी का वादा भी निकला खोखला
पेंशन के लिए भटक रहे बुजुर्गों को पहले विभाग द्वारा आश्वासन दिया गया था कि जनवरी 2026 में उनकी तीनों किश्तें एक साथ आ जाएंगी। जब जनवरी में भी खातों में पैसे नहीं आए, तो अब अधिकारी मार्च का नया समय दे रहे हैं।
बुजुर्गों का छलका दर्द
एक साल से दबरई (विकास भवन) के चक्कर लगा रहा हूं। घर का खर्च चलाना मुश्किल है, पर बाबू सिर्फ मार्च का नाम लेते हैं।
- सुरेश उपाध्याय
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सिर्फ कोरे आश्वासन मिल रहे हैं। हजार रुपये मिलें तो सहारा हो, एक-एक पैसे के लिए भटकना पड़ रहा है।
- सुभाषचंद्र
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सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए चप्पलें घिस जाती हैं। कोई भी बाबू सीधे मुंह बात नहीं करता।
- हरिओम पाराशर
बयान--
पेंशन की तीसरी किश्त करीब 80 हजार पुराने लाभार्थियों के खातों में भेजी जा रही है। नए आवेदकों को पेंशन न मिलने का मामला संज्ञान में है। इसके लिए शासन को पत्र लिखा गया है ताकि बजट आवंटित होते ही उनके खातों में धनराशि भेजी जा सके।
- राजमती, जिला समाज कल्याण अधिकारी
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समाज कल्याण विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में जिले में कुल 79,117 पुराने पेंशनधारकों के खातों में धनराशि भेजी जा रही है। वहीं, पोर्टल पर कुल आवेदकों की संख्या 89 हजार से अधिक है। मार्च 2025 के बाद आवेदन करने वाले लगभग 10 हजार नए बुजुर्गों की फाइलें स्वीकृत होने के बावजूद बजट की कमी के कारण उन्हें अभी तक एक भी किश्त नहीं मिली है।
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पेंशन न मिलने से सबसे ज्यादा परेशान वे बुजुर्ग हैं जिनकी आय का मुख्य स्रोत यही पेंशन है। कई बुजुर्गों ने बताया कि वे छोटी-मोटी जरूरतों के लिए भी दूसरों पर निर्भर हो गए हैं। दवाइयों और अन्य आवश्यक खर्चों को पूरा करना उनके लिए मुश्किल हो रहा है। विभाग के आश्वासन के बावजूद, उन्हें अभी तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है कि पेंशन कब तक उनके खातों में पहुंचेगी।
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समाज कल्याण विभाग का आश्वासन
समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बजट की उपलब्धता के अनुसार मार्च माह में सभी लंबित पेंशनरों को एक साथ पूरे साल की राशि जारी कर दी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि प्रक्रिया को तेज करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं ताकि किसी भी पात्र व्यक्ति को परेशानी का सामना न करना पड़े। विभाग ने बुजुर्गों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है।
जनवरी का वादा भी निकला खोखला
पेंशन के लिए भटक रहे बुजुर्गों को पहले विभाग द्वारा आश्वासन दिया गया था कि जनवरी 2026 में उनकी तीनों किश्तें एक साथ आ जाएंगी। जब जनवरी में भी खातों में पैसे नहीं आए, तो अब अधिकारी मार्च का नया समय दे रहे हैं।
बुजुर्गों का छलका दर्द
एक साल से दबरई (विकास भवन) के चक्कर लगा रहा हूं। घर का खर्च चलाना मुश्किल है, पर बाबू सिर्फ मार्च का नाम लेते हैं।
- सुरेश उपाध्याय
सिर्फ कोरे आश्वासन मिल रहे हैं। हजार रुपये मिलें तो सहारा हो, एक-एक पैसे के लिए भटकना पड़ रहा है।
- सुभाषचंद्र
सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए चप्पलें घिस जाती हैं। कोई भी बाबू सीधे मुंह बात नहीं करता।
- हरिओम पाराशर
बयान
पेंशन की तीसरी किश्त करीब 80 हजार पुराने लाभार्थियों के खातों में भेजी जा रही है। नए आवेदकों को पेंशन न मिलने का मामला संज्ञान में है। इसके लिए शासन को पत्र लिखा गया है ताकि बजट आवंटित होते ही उनके खातों में धनराशि भेजी जा सके।
- राजमती, जिला समाज कल्याण अधिकारी

फोटो-11 सुरेशचंद्र उपाध्याय

फोटो-11 सुरेशचंद्र उपाध्याय