फिरोजाबाद। होली के त्योहार पर रासायनिक रंगों व अनियमित खानपान का असर दिखा। वहीं, त्योहार पर झगड़े भी खूब हुए। इसका कारण मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में मरीजों की संख्या बढ़ गई। प्राइवेट अस्पताल व मेडिकल कॉलेज की ओपीडी बंद रहने के कारण अधिकतर मरीज सीधे इमरजेंसी में पहुंचे, जिससे दिनभर भीड़ और आपाधापी का माहौल बना रहा। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, 24 घंटे में कुल 326 मरीज उपचार के लिए अस्पताल पहुंचे।
सरकारी ट्रामा सेंटर इमरजेंसी में पहुंचे मरीजों में 92 लोग विभिन्न घटनाओं में घायल होकर पहुंचे। इनमें 45 मरीज सड़क दुर्घटनाओं में घायल हुए थे, जबकि 47 लोग मारपीट और अन्य घटनाओं में घायल थे। गंभीर चोट लगने के कारण 14 मरीजों को भर्ती किया गया। मारपीट या सड़क हादसे में घायल मरीजों की सूचना पर परिजन अस्पताल पहुंचे। ऐसे में भीड़ रही। इधर इमरजेंसी में ड्यूटी कर रहे होली के दौरान रासायनिक रंगों के इस्तेमाल से कई लोगों को आंखों में जलन, एलर्जी और त्वचा संबंधी समस्याएं हुईं। आंखों में रंग चले जाने और जलन की शिकायत लेकर बड़ी संख्या में मरीज इमरजेंसी पहुंचे। वहीं पेट दर्द और उल्टी की समस्या लेकर भी कई लोग इलाज के लिए आए, जिनमें से कुछ मामलों में अत्यधिक शराब सेवन को कारण माना जा रहा है। इसके अलावा छाती में दर्द की शिकायत लेकर 13 मरीज इमरजेंसी पहुंचे। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए चिकित्सकों की विशेष ड्यूटी लगाई गई थी, लेकिन इसके बावजूद इमरजेंसी में काफी देर तक दबाव बना रहा। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. योगेश गोयल ने इमरजेंसी का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि होली के कारण निजी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेज की ओपीडी बंद थी।