{"_id":"6906551ef1e300e36c077b36","slug":"due-to-increasing-cold-problems-of-bp-and-lung-patients-increased-firozabad-news-c-169-1-sagr1024-159745-2025-11-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Firozabad News: ठंडक बढ़ने से बीपी व फेफड़े के मरीजों की बढ़ी मुश्किलें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Firozabad News: ठंडक बढ़ने से बीपी व फेफड़े के मरीजों की बढ़ी मुश्किलें
Sun, 02 Nov 2025 12:14 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Sun, 02 Nov 2025 12:14 AM IST
विज्ञापन
सरकारी ट्रामा सेंटर में भर्ती मरीज। संवाद।
- फोटो : सरकारी ट्रामा सेंटर में भर्ती मरीज। संवाद।
फिरोजाबाद। नवंबर की शुरुआत के साथ ठंडक बढ़ गई है। यह मौसम फेफड़े, हार्ट, ब्लड प्रेशर और अस्थमा के मरीजों के साथ-साथ बच्चों के लिए परेशानी भरा साबित हो रहा है। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में रोजाना 50 से 70 मरीज इन समस्याओं को लेकर पहुंच रहे हैं। चिकित्सक दवाओं के साथ लापरवाही न करने और सावधानी बरतने की हिदायत दे रहे हैं।
शनिवार को इलाज के लिए आए डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि सांस लेने में दिक्कत और पैदल चलते ही हांफना शुरू हो जाता है। मौसम बदलते ही ऐसी समस्या बढ़ जाती है। इसी तरह बुजुर्ग हरदयाल सीढ़ियां चढ़ते हुए हांफने लगे, जिन्हें परिवार वाले सहारा देकर डॉक्टर के पास ले गए। बाल रोग विभाग में लाई गई बच्ची रिषिका को भी सांस की तकलीफ थी। डॉ. एलके गुप्ता ने इन्हेलर इस्तेमाल करने और गर्म कपड़े पहनाने की सलाह दी।
पिछले पांच दिनों से रिमझिम बारिश के साथ ठंड बनी हुई है। ऐसे में पुराने रोगी या कमजोर इम्यूनिटी वाले मरीजों को विशेष देखभाल की जरूरत है। फिजिशियन डॉ. मनोज कुमार ने अभिनव जैसे मरीजों को दवा के साथ सावधानी बरतने की नसीहत दी। उनका कहना है कि इस मौसम में सतर्कता ही सबसे बेहतर उपचार है।
विज्ञापन
विज्ञापन
शनिवार को इलाज के लिए आए डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि सांस लेने में दिक्कत और पैदल चलते ही हांफना शुरू हो जाता है। मौसम बदलते ही ऐसी समस्या बढ़ जाती है। इसी तरह बुजुर्ग हरदयाल सीढ़ियां चढ़ते हुए हांफने लगे, जिन्हें परिवार वाले सहारा देकर डॉक्टर के पास ले गए। बाल रोग विभाग में लाई गई बच्ची रिषिका को भी सांस की तकलीफ थी। डॉ. एलके गुप्ता ने इन्हेलर इस्तेमाल करने और गर्म कपड़े पहनाने की सलाह दी।
विज्ञापन
पिछले पांच दिनों से रिमझिम बारिश के साथ ठंड बनी हुई है। ऐसे में पुराने रोगी या कमजोर इम्यूनिटी वाले मरीजों को विशेष देखभाल की जरूरत है। फिजिशियन डॉ. मनोज कुमार ने अभिनव जैसे मरीजों को दवा के साथ सावधानी बरतने की नसीहत दी। उनका कहना है कि इस मौसम में सतर्कता ही सबसे बेहतर उपचार है।
विज्ञापन