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मेडिकल कॉलेज में 135 भर्ती मरीजों में 72 को डेंगू के लक्ष्ण
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फिरोजाबाद। सुहागनगरी में डेंगू कहर बरपा रहा है। बच्चों को भर्ती करने के लिए बनाए गए सौ शैय्या अस्पताल के पलंग फुल होने लगे हैं। शनिवार को सौ शैय्या अस्पताल में 135 बच्चे भर्ती थे। इसमें रक्त की जांच कराने पर 72 लोगों में डेंगू के प्राथमिक लक्षण पाए गए। कई मरीजों की प्लेटलेट्स कम होने से स्थिति गंभीर बनी हुई है। मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डा. संगीता अनेजा ने सौ शैय्या अस्पताल में व्यवस्थाएं संभालीं है। नोडल अधिकारी के रूप में अतिरिक्त चिकित्सकों की ड्यूटी भी लगाई है। वहीं शहर के निजी चिकित्सालयों में भी मरीजों की भीड़ है।
सौ शैय्या अस्पताल में सुबह से परिजन बच्चों को गंभीरावस्था में लेकर पहुंचे। प्लेटलेट्स कम होने की स्थिति में बच्चों की गंभीर स्थिति बनी हुई थी। कई बच्चे तो बेहोशी की अवस्था में पहुंचे। चिकित्सकों ने स्वास्थ्य परीक्षण कर वार्डों में भर्ती कराया। धीरे-धीरे वार्ड की स्थिति फुल होने की दशा में चिकित्सकों ने वार्ड में भर्ती बच्चों का परीक्षण किया। जिन मरीजों की स्थिति में सुधार था, उन बच्चों को दवा देकर छुट्टी कर दी गई। प्राचार्य डा. संगीता अनेजा ने सौ शैय्या अस्पताल में बैठकर अपनी मौजूदगी में बच्चों को भर्ती कराया। मेडिकल कॉलेज के बालरोग विशेषज्ञ डा. एलके गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में करीब 135 बच्चे भर्ती हैं। कुछ बच्चों को डिस्चार्ज भी कर दिया है। इसमें करीब 72 बच्चों में डेंगू के प्राथमिक लक्षण मिले हैं। प्लेटलेट्स भी बहुत कम हैं।
मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों की कमी खल रही है। बालरोग विशेषज्ञ के रूप में डा. एलके गुप्ता और डा. अवनीश कुमार की तैनाती हैं। यह चिकित्सक अभिलेखी कार्य के साथ अन्य मरीजों का इलाज कर रहे हैं। हालांकि वार्डों में भीड़ होने के कारण अन्य चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई है। इसके अलावा डा. सोनाली बांदिल को कंट्रोल रूम को तैनात किया है।
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मेडिकल कॉलेज और निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को चिकित्सकों ने प्लेट्लेट्स की आवश्यकता बताई। परिजन शहर की सभी ब्लड़ बैंकों में चक्कर काटते दिखे। जब प्लेटलेट्स का इंतजाम नहीं हो सका तो आगरा की दौड़ लगाने को मजबूर हुए।
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सौ शैय्या अस्पताल में सुबह से परिजन बच्चों को गंभीरावस्था में लेकर पहुंचे। प्लेटलेट्स कम होने की स्थिति में बच्चों की गंभीर स्थिति बनी हुई थी। कई बच्चे तो बेहोशी की अवस्था में पहुंचे। चिकित्सकों ने स्वास्थ्य परीक्षण कर वार्डों में भर्ती कराया। धीरे-धीरे वार्ड की स्थिति फुल होने की दशा में चिकित्सकों ने वार्ड में भर्ती बच्चों का परीक्षण किया। जिन मरीजों की स्थिति में सुधार था, उन बच्चों को दवा देकर छुट्टी कर दी गई। प्राचार्य डा. संगीता अनेजा ने सौ शैय्या अस्पताल में बैठकर अपनी मौजूदगी में बच्चों को भर्ती कराया। मेडिकल कॉलेज के बालरोग विशेषज्ञ डा. एलके गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में करीब 135 बच्चे भर्ती हैं। कुछ बच्चों को डिस्चार्ज भी कर दिया है। इसमें करीब 72 बच्चों में डेंगू के प्राथमिक लक्षण मिले हैं। प्लेटलेट्स भी बहुत कम हैं।
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मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों की कमी खल रही है। बालरोग विशेषज्ञ के रूप में डा. एलके गुप्ता और डा. अवनीश कुमार की तैनाती हैं। यह चिकित्सक अभिलेखी कार्य के साथ अन्य मरीजों का इलाज कर रहे हैं। हालांकि वार्डों में भीड़ होने के कारण अन्य चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई है। इसके अलावा डा. सोनाली बांदिल को कंट्रोल रूम को तैनात किया है।
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मेडिकल कॉलेज और निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को चिकित्सकों ने प्लेट्लेट्स की आवश्यकता बताई। परिजन शहर की सभी ब्लड़ बैंकों में चक्कर काटते दिखे। जब प्लेटलेट्स का इंतजाम नहीं हो सका तो आगरा की दौड़ लगाने को मजबूर हुए।