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एक दिवसीय रोजगार मेला में उमडी बेरोजगार युवाओं की भीड
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बृहद रोजगार मेला में पहुंची युवाओं की भीड़ अपने रजिस्ट्रेशन कराती हुई
- फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद। विकास भवन स्थित उद्यान विभाग की पौधशाला में रोजगार मेले में युवाओं को जुटाने में प्रशासन का पसीना छूट गया। भीड़ जुटाने के लिए जिला प्रशासन ने शहर के कोचिंग संचालकों का सहारा लिया। स्कूल कॉलेज से तक छात्र तक बुलाए गए। मेले में आई कई कंपनियों के प्रतिनिधियों ने युवाओं का चयन महज नाम पता पूछकर किया।
रोजगार मेला में निजी क्षेत्र एवं सार्वजनिक क्षेत्र की कुल 119 कंपनियों के प्रतिनिधियों ने अपने स्टॉल लगाए। मार्केटिंग व टेलीकॉलर पर्सन की मांग ज्यादा रही। मेले का शुभारंभ विधायक शिकोहाबाद डॉ. मुकेश वर्मा ने किया। विभिन्न कंपनियों ने साक्षात्कार एवं लिखित परीक्षा के माध्यम से योग्यता श्रेणी वाले 1496 युवाओं को चयनित किया।
एमएससी, बीएड भी छह से आठ हजार की कतार में
रोजगार मेले में रोजगार की तलाश में एमएससी, बीएड, पॉलीटेक्निक, आईटीआई के छात्र भी पहुंचे। कंपनियों ने उनकी शैक्षिक योग्यता पूछी। इसके बाद सीधे छह से आठ हजार का वेतन देने की पेशकश की। कई लोगों को इसके कारण मायूस होना पड़ा।
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नौकरी देते लेकिन फीडबैक नहीं लेते
सेवायोजन विभाग की सबसे बड़ी खामी यह हैं कि रोजगार के आंकड़े सरकार को दिखाने के लिए निजी कंपनियों मेें नौकरी एक दिन में दे दे दी जाती है। लेकिन छात्र नौकरी कर रहा है अथवा नहीं। इसका कोई भी फीडबैक नहीं लिया जाता। इसके कारण लोग दूसरे शहरों में नौकरी करने के लिए चले जाते हैं।
- विज्ञान वर्ग के क्षेत्र में कार्य करने की इच्छा है। वनस्पति विज्ञान के क्षेत्र में काम कराने वाली कंपनी नहीं दिखी। रोजगार की आवश्यकता के चलते अन्य ट्रेड में नौकरी तलाशनी पड़ रही है। -प्रियल, एमएससी बॉटनी।
- कंप्यूटर हार्डवेयर व सॉफ्टवेयर में आईटीआई उत्तीर्ण हूँ। लेकिन कंपनी द्वारा नौ हजार रूपये मासिक पर कंप्यूटर ऑपरेटर पद के लिए चयन किया गया है। -रविकांत सिंह
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रोजगार मेला में निजी क्षेत्र एवं सार्वजनिक क्षेत्र की कुल 119 कंपनियों के प्रतिनिधियों ने अपने स्टॉल लगाए। मार्केटिंग व टेलीकॉलर पर्सन की मांग ज्यादा रही। मेले का शुभारंभ विधायक शिकोहाबाद डॉ. मुकेश वर्मा ने किया। विभिन्न कंपनियों ने साक्षात्कार एवं लिखित परीक्षा के माध्यम से योग्यता श्रेणी वाले 1496 युवाओं को चयनित किया।
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एमएससी, बीएड भी छह से आठ हजार की कतार में
रोजगार मेले में रोजगार की तलाश में एमएससी, बीएड, पॉलीटेक्निक, आईटीआई के छात्र भी पहुंचे। कंपनियों ने उनकी शैक्षिक योग्यता पूछी। इसके बाद सीधे छह से आठ हजार का वेतन देने की पेशकश की। कई लोगों को इसके कारण मायूस होना पड़ा।
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नौकरी देते लेकिन फीडबैक नहीं लेते
सेवायोजन विभाग की सबसे बड़ी खामी यह हैं कि रोजगार के आंकड़े सरकार को दिखाने के लिए निजी कंपनियों मेें नौकरी एक दिन में दे दे दी जाती है। लेकिन छात्र नौकरी कर रहा है अथवा नहीं। इसका कोई भी फीडबैक नहीं लिया जाता। इसके कारण लोग दूसरे शहरों में नौकरी करने के लिए चले जाते हैं।
- विज्ञान वर्ग के क्षेत्र में कार्य करने की इच्छा है। वनस्पति विज्ञान के क्षेत्र में काम कराने वाली कंपनी नहीं दिखी। रोजगार की आवश्यकता के चलते अन्य ट्रेड में नौकरी तलाशनी पड़ रही है। -प्रियल, एमएससी बॉटनी।
- कंप्यूटर हार्डवेयर व सॉफ्टवेयर में आईटीआई उत्तीर्ण हूँ। लेकिन कंपनी द्वारा नौ हजार रूपये मासिक पर कंप्यूटर ऑपरेटर पद के लिए चयन किया गया है। -रविकांत सिंह