फिरोजाबाद। एसएन विद्युत उपकेंद्र मुख्य अभियंता फिरोजाबाद क्षेत्र के कार्यालय पर बुधवार दोपहर 2 बजे ऊर्जा विभाग के निजीकरण के खिलाफ कर्मचारियों द्वारा विरोध सभा का आयोजन किया। ऊर्जा प्रबंधन की इस नीति के विरोध में कर्मचारी संगठनों ने एकजुट होकर जोरदार प्रदर्शन किया और निजीकरण के खिलाफ अपना गहरा रोष जताया। इस कानून की प्रति भी जलाई।
कर्मचारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के निदेशक मंडल द्वारा अचानक जारी किए गए एक आदेश के तहत बिना किसी जांच-पड़ताल के कर्मचारियों को बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया है। इस हिटलरशाही और मनमानी तरीके से लाए गए इस काले कानून का कर्मचारी वर्ग ने जमकर विरोध किया और इसकी प्रतियां जलाईं। राज्य विद्युत परिषद जूनियर संगठन के जिलाध्यक्ष दिनेशचंद्र शर्मा ने कहा, यह आदेश न केवल कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है, बल्कि ऊर्जा विभाग की कार्यप्रणाली और सेवाओं पर भी बुरा प्रभाव डालेगा। हम इस प्रकार की मनमानी के खिलाफ पूरी ताकत से संघर्ष करेंगे। विद्युत तकनीकी कर्मचारी एकता संगठन के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि निजीकरण के कारण विभाग की स्वायत्तता खत्म होगी और कर्मचारियों के हितों की अनदेखी होगी। हम अपने अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करेंगे। केंद्रीय महामंत्री अनिल कुमार ने भी इस कदम की निंदा करते हुए कहा कि कर्मचारियों की बर्खास्तगी बिना किसी उचित जांच और सुनवाई के गैरकानूनी है और इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। इस विरोध सभा में राजेश कुमार, अत्येंद्र कुमार, जितेंद्र कुमार, राजकुमार, हितेंद्र कुमार, कौशल किशोर, ज्ञान सिंह, विमलकुमार, अनिल झा, सनी कुमार सहित कई अन्य कर्मचारी मौजूद थे।