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Firozabad News: सीएचसी पर बेड खाली, मेडिकल कॉलेज में भर्ती करने के लिए जगह नहीं
Sat, 28 Oct 2023 12:20 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Sat, 28 Oct 2023 12:20 AM IST
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फिरोजाबाद। मौसम बदलने से बुखार का कहर कम नहीं हुआ है। डेंगू के मरीज भी लगातार मिल रहे हैं। इसका अंदाजा शहर के प्राइवेट अस्पतालों और मेडिकल कॉलेज के वार्डों की स्थिति से लगाया जा सकता है। इधर, देहात क्षेत्रों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में बेड खाली पड़े हैं। इससे शहर के अस्पतालों में भार बढ़ गया है। मेडिकल कॉलेज में बेड फुल होने से मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
इस बार डेंगू और वायरल बुखार का असर ज्यादा दिनों तक है। मौसम में ठंडक आने के बाद भी हर साल की तरह इस साल कम नहीं हुआ है। स्थिति है कि मेडिकल कॉलेज के मेडिसन वार्ड के सभी 110 बेड फुल रहे। चिकित्सकों को दिन में कई बार वार्डों में राउंड लगाकर सामान्य स्थिति में आने वाले मरीजों को दवा देकर छुट्टी करनी पड़ रही है, जिससे गंभीर मरीजों को भर्ती किया जा सके। अधिकांश मरीज देहात क्षेत्रों से आ रहे हैं। जबकि सीएचसी, पीएचसी पर वार्ड में अधिकांश पलंग खाली हैं। लोग देहात क्षेत्रों की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर भरोसा नहीं जता रहे हैं। सीएमएस डाॅ. नवीन जैन ने बताया कि वायरल बुखार अभी भी तेजी से चल रहा है। अस्पताल के बेड फुल चल रहे हैं।
दृश्य नंबर एक
-सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खैरगढ़। यहां मरीजों के भर्ती होने के लिए 30 बेड हैं। शुक्रवार को यहां कुल 12 मरीज ही भर्ती थे। एल वार्ड तो पूरा खाली पड़ा था। चिकित्सा प्रभारी डाॅ. रजनीकांत ने बताया कि बुखार हमारे क्षेत्र में कंट्रोल में हैं। इसलिए ज्यादा मरीज नहीं आ रहे।
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दृश्य नंबर दो
-सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिरसागंज। यहां मरीजों के भर्ती होने के लिए 50 बेड की सुविधा है। शुक्रवार को कुल छह ही मरीज भर्ती थे। एक वार्ड के कुछ बेड भरे थे। जबकि दूसरे वार्ड का खाली होने की वजह से गेट बंद था। स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डाॅ. कपिल कुमार ने बताया कि हमारे क्षेत्र में बुखार कम हो गया है। इसलिए मरीज ही कम आ रहे हैं।
दृश्य नंबर तीन
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फरिहा। घनी आबादी वाले कस्बा में कोई चिकित्सक नहीं मिला। जहां चिकित्सक की कुर्सी पड़ी थी, वह कमरा खाली था। मौजूद स्टाफ ने बताया कि डॉक्टर साहब आए नहीं हैं। उनकी आगरा में ड्यूटी लगी है। मरीज भी बमुश्किल दो, चार ही स्वास्थ्य केंद्र पर आए थे।
दृश्य नंबर चार
मेडिकल कॉलेज वार्ड नंबर चार और पांच के सभी पलंग फुल थे। बरामदे में जो पलंग पड़े हैं, उन पर भी मरीज भर्ती थे। इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को वार्ड में शिफ्ट करने के लिए कुछ देर इंतजार करना पड़ा। मेडिसन विभाग के अध्यक्ष डाॅ. मनोज कुमार ने बताया कि 110 पलंग हैं। सभी फुल चल रहे हैं। तेज बुखार, पेट दर्द, डायरिया के मरीज सर्वाधिक हैं।
झोलाछापों के यहां लग रही भीड़
देहात क्षेत्रों में सरकारी स्वास्थ्य केंद्र खाली हैं। जबकि स्थानीय झोलाछापों के क्लीनिकों पर भीड़ लग रही है। जो मरीज गंभीर स्थिति में आ जाते हैं, वह सीधे शहर के मेडिकल कॉलेज या फिर प्राइवेट अस्पतालों में आते हैं। शहर के प्राइवेट अस्पताल भी मरीजों से फुल चल रहे हैं।
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इस बार डेंगू और वायरल बुखार का असर ज्यादा दिनों तक है। मौसम में ठंडक आने के बाद भी हर साल की तरह इस साल कम नहीं हुआ है। स्थिति है कि मेडिकल कॉलेज के मेडिसन वार्ड के सभी 110 बेड फुल रहे। चिकित्सकों को दिन में कई बार वार्डों में राउंड लगाकर सामान्य स्थिति में आने वाले मरीजों को दवा देकर छुट्टी करनी पड़ रही है, जिससे गंभीर मरीजों को भर्ती किया जा सके। अधिकांश मरीज देहात क्षेत्रों से आ रहे हैं। जबकि सीएचसी, पीएचसी पर वार्ड में अधिकांश पलंग खाली हैं। लोग देहात क्षेत्रों की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर भरोसा नहीं जता रहे हैं। सीएमएस डाॅ. नवीन जैन ने बताया कि वायरल बुखार अभी भी तेजी से चल रहा है। अस्पताल के बेड फुल चल रहे हैं।
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दृश्य नंबर एक
-सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खैरगढ़। यहां मरीजों के भर्ती होने के लिए 30 बेड हैं। शुक्रवार को यहां कुल 12 मरीज ही भर्ती थे। एल वार्ड तो पूरा खाली पड़ा था। चिकित्सा प्रभारी डाॅ. रजनीकांत ने बताया कि बुखार हमारे क्षेत्र में कंट्रोल में हैं। इसलिए ज्यादा मरीज नहीं आ रहे।
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दृश्य नंबर दो
-सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिरसागंज। यहां मरीजों के भर्ती होने के लिए 50 बेड की सुविधा है। शुक्रवार को कुल छह ही मरीज भर्ती थे। एक वार्ड के कुछ बेड भरे थे। जबकि दूसरे वार्ड का खाली होने की वजह से गेट बंद था। स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डाॅ. कपिल कुमार ने बताया कि हमारे क्षेत्र में बुखार कम हो गया है। इसलिए मरीज ही कम आ रहे हैं।
दृश्य नंबर तीन
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फरिहा। घनी आबादी वाले कस्बा में कोई चिकित्सक नहीं मिला। जहां चिकित्सक की कुर्सी पड़ी थी, वह कमरा खाली था। मौजूद स्टाफ ने बताया कि डॉक्टर साहब आए नहीं हैं। उनकी आगरा में ड्यूटी लगी है। मरीज भी बमुश्किल दो, चार ही स्वास्थ्य केंद्र पर आए थे।
दृश्य नंबर चार
मेडिकल कॉलेज वार्ड नंबर चार और पांच के सभी पलंग फुल थे। बरामदे में जो पलंग पड़े हैं, उन पर भी मरीज भर्ती थे। इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को वार्ड में शिफ्ट करने के लिए कुछ देर इंतजार करना पड़ा। मेडिसन विभाग के अध्यक्ष डाॅ. मनोज कुमार ने बताया कि 110 पलंग हैं। सभी फुल चल रहे हैं। तेज बुखार, पेट दर्द, डायरिया के मरीज सर्वाधिक हैं।
झोलाछापों के यहां लग रही भीड़
देहात क्षेत्रों में सरकारी स्वास्थ्य केंद्र खाली हैं। जबकि स्थानीय झोलाछापों के क्लीनिकों पर भीड़ लग रही है। जो मरीज गंभीर स्थिति में आ जाते हैं, वह सीधे शहर के मेडिकल कॉलेज या फिर प्राइवेट अस्पतालों में आते हैं। शहर के प्राइवेट अस्पताल भी मरीजों से फुल चल रहे हैं।