फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Firozabad News ›   Agra-Lucknow Expressway: No temple was built and compensation of land not found

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वेः न मंदिर बनवाया और न मिला भूमि का मुआवजा

Sun, 23 Apr 2017 10:41 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फिरोजाबाद
ब्यूरो, अमर उजाला फिरोजाबाद Updated Sun, 23 Apr 2017 10:41 PM IST
विज्ञापन
Agra-Lucknow Expressway: No temple was built and compensation of land not found
लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे का ये है हाल
शासन की ओर से आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे की जांच शुरू कराने के आदेश मिलते ही मुआवजा से वंचित किसान सक्रिय हो गए हैं। नगला गुलाल में प्राचीन मंदिर तुड़वाया तो गया लेकिन यूपीडा अफसरों ने अभी तक नया मंदिर नहीं बनाया। कई बीघा खड़ी फसलों को उजाड़ दिया। अन्नदाताओं को आज तक मुआवजा नहीं मिला।  
विज्ञापन

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे बनाने के दौरान किसानों के भूमि का अधिग्रहण किया गया। जमीनें मौके पर तो अधिक लीं लेकिन बैनामा कम भूमि का हुआ। उरावर मौजा की बात करें तो कई किसानों को मुआवजा के नाम पर अभी तक फूटी कौड़ी नहीं मिली। क्षेत्र के किसान राजेश यादव कहते हैं कि गांव के निवासी ब्रजेश कुमार, राजेश, कायम सिंह, वीरेंद्र, धर्मेंद्र, ज्ञान प्रकाश व योगेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, स्वतंत्र प्रताप, विनोद कुमार, रीना देवी, रामप्रताप, सुशील, सुनील व इनकी मां प्रेमवती को तो अभी तक फूटी कौड़ी तक नहीं मिली। राजेंद्र सिंह, रीमा यादव, प्रशांत यादव, दिनेश, मुन्नेश, राघवेंद्र सिंह, देवेंद्र व पुष्पेंद्र, जितेंद्र सिंंह सरोज देवी, शकुंतला देवी, तेजराम, सुलखान सिंह, जयप्रकाश, आसमावती, तूफान सिंंह, राम सेवक, पुष्पादेवी, अनिल, सुनील व पिंकी, हरदेवी, मुकेश, भूरी सिंह, ब्रजेश कुमार, महादेवी, रन बहादुर,राजेश,बुद्ध श्री सहित काफी किसान मुआवजा के लिए भटकने को ही विवश हैं। राजेश कहते हैं हमारी तीस बीघा फसल को नष्ट कर दिया। पेड़ पौधे उजाड़ दिए। मंदिर ढहा दिया उल्टे हमीं लोगों पर मुकदमें लगाए गए। लेकिन न मंदिर बनवाया और न मुआवजा मिला। हम सभी मामले की जांच कर रहे अफसरों के समक्ष पूरी स्थिति को रखेंगे। सलेमपुर नगला कांधर में एवार्ड (अधिकार पूर्वक जमीन लेना) की सूचना तक जिला प्रशासन ने नहीं दी। रोड के किनारे की भूमि होने के बाद तो कृषि भूमि दिखाकर भूमि बैनामा करा लिया है। दो बीघा का बैनामा कराया और तीन बीघा भूमि घेर ली। राजेश कुमार, ब्रजेश कुमार,विनोद, अनिल, रोना देवी, राम प्रताप, सुशील कुमार,प्रेमवती, सुनील कुमार, रामेंद्र सिंह, रीमा यादव व प्रशांत यादव को पैसा नहीं मिला है।
विज्ञापन


फाइलें खंगालने में जुटे अफसर
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे की जांच शुरू होने के साथ ही जिला प्रशासन ने रिपोर्ट बनाना शुरू कर दी। जांच में चकबंदी वाले गांव,किस गांव में कितनी भूमि का अधिग्रहण हुआ और कितने किसानों को कितना ही मुआवजा दिया। कितना कोर्ट में जमा कराया और अभी कितने अवशेष हैं। इसका खाका तैयार किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed