{"_id":"69a1dc5b2bf998b44a0145a0","slug":"a-devotee-set-out-on-a-prostration-journey-for-premananda-maharaj-firozabad-news-c-169-1-sagr1030-168816-2026-02-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Firozabad News: प्रेमानंद महाराज के लिए दंडवत यात्रा पर निकला भक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Firozabad News: प्रेमानंद महाराज के लिए दंडवत यात्रा पर निकला भक्त
Fri, 27 Feb 2026 11:33 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Fri, 27 Feb 2026 11:33 PM IST
विज्ञापन
प्रेमानंद महाराज के लिये दंडवत यात्रा पर निकला भक्त बृजेश
- फोटो : प्रेमानंद महाराज के लिये दंडवत यात्रा पर निकला भक्त बृजेश
सिरसागंज (फिरोजाबाद)। भक्ति में कितनी शक्ति होती है ये भक्त जाने या गुरू। हमीरपुर के मकरांव निवासी बृजेश यादव अपने गुरु प्रेमानंद महाराज के उत्तम स्वास्थ्य और लंबी आयु की कामना के लिए हमीरपुर से वृंदावन तक की 500 किलोमीटर की दूरी दंडवत करते हुए तय कर रहे हैं।
शुक्रवार को सिरसागंज पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने इस युवा भक्त का भव्य स्वागत किया। बृजेश ने बताया कि वह अब तक 270 किमी की यात्रा पूरी कर चुके हैं और अगले 10 से 12 दिनों में वृंदावन पहुंचने का लक्ष्य है गर्मी और कठिन रास्तों के बावजूद भी राधे राधे के उद्घोष के साथ उनकी यह कठिन तपस्या जारी है।
बृजेश ने बताया कि गुरु प्रेमानंद महाराज ऐसी बीमारी के दौर से गुजर रहे हैं जहां आम जन इस दर्द को सह भी नही सकता लेकिन वे प्रतिदिन मानव सेवा में लोगों को का मार्ग दर्शन करते हैं। बृजेश के साथ उनके साथ पांच साथियों की टोली भी पैदल चल रही है। स्थानीय निवासियों ने गुरु शिष्य परंपरा के इस अद्भुत उदाहरण की सराहना की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
शुक्रवार को सिरसागंज पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने इस युवा भक्त का भव्य स्वागत किया। बृजेश ने बताया कि वह अब तक 270 किमी की यात्रा पूरी कर चुके हैं और अगले 10 से 12 दिनों में वृंदावन पहुंचने का लक्ष्य है गर्मी और कठिन रास्तों के बावजूद भी राधे राधे के उद्घोष के साथ उनकी यह कठिन तपस्या जारी है।
विज्ञापन
बृजेश ने बताया कि गुरु प्रेमानंद महाराज ऐसी बीमारी के दौर से गुजर रहे हैं जहां आम जन इस दर्द को सह भी नही सकता लेकिन वे प्रतिदिन मानव सेवा में लोगों को का मार्ग दर्शन करते हैं। बृजेश के साथ उनके साथ पांच साथियों की टोली भी पैदल चल रही है। स्थानीय निवासियों ने गुरु शिष्य परंपरा के इस अद्भुत उदाहरण की सराहना की है।
विज्ञापन