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फसल उगाने से पहले मिट्टी की जांच आवश्यक
Firozabad
Updated Wed, 19 Sep 2012 12:00 PM IST
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सिरसागंज। ग्राम नगला राधे में किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिला उद्यान अधिकारी बलजीत सिंह के अलावा कृषि विज्ञान केंद्र हजरतपुर के वैज्ञानिक सुभाष चन्द्र शर्मा, एरिया मैनेजर एमसी तिवारी सहित कई किसानों ने भाग लिया।
बलजीत सिंह ने कहा कि आलू में होने वाली सूत्रकृ मि व कटवर्म की समस्या को समाप्त करने के लिये नीम की निबोली का चूर्ण यदि खेत में डाले तो फसल को पूरी तरह निजात मिल सकती है। इफको एरिया मैनेजर एमसी तिवारी व बीके निगम ने कहा कि किसी भी फसल को उगाने से पहले खेत की मिट्टी की जांच कराना आवश्यक है। मृदा परीक्षण केन्द्र पर कोई भी किसान अपने खेत की मिट्टी ले जाकर जांच करा सकते हैं। उद्यान वैज्ञानिक सुभाष चन्द्र शर्मा ने कहा कि आलू की नई प्रजाति कुफरी सदाबहार विशेष गुणों वाली है जिसमें झुलसा व पाला रोग की सहनशीलता के प्रति प्रतिरोधक क्षमताएं मौजूद हैं। इस प्रजाति को कुफरी बहार 3797 की प्रजाति में सुधार करके बनाया है। उन्होंने आलू के अतिरिक्त मिर्च, बैगन, लौकी आदि फसलों की नवीनतम प्रजातियों के बारे में किसानों को जानकारी दी। इस अवसर पर लोकेश कुमार द्वारा किसान प्रशभनमंच का आयोजन किया जिसमें फसलों के बारे में किसानों से सवाल पूछे तथा शीघ्र उत्तर देने वाले किसानों को पुरस्कार स्वरूप एनपीके कृषि खाद का वितरण किया गया।
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बलजीत सिंह ने कहा कि आलू में होने वाली सूत्रकृ मि व कटवर्म की समस्या को समाप्त करने के लिये नीम की निबोली का चूर्ण यदि खेत में डाले तो फसल को पूरी तरह निजात मिल सकती है। इफको एरिया मैनेजर एमसी तिवारी व बीके निगम ने कहा कि किसी भी फसल को उगाने से पहले खेत की मिट्टी की जांच कराना आवश्यक है। मृदा परीक्षण केन्द्र पर कोई भी किसान अपने खेत की मिट्टी ले जाकर जांच करा सकते हैं। उद्यान वैज्ञानिक सुभाष चन्द्र शर्मा ने कहा कि आलू की नई प्रजाति कुफरी सदाबहार विशेष गुणों वाली है जिसमें झुलसा व पाला रोग की सहनशीलता के प्रति प्रतिरोधक क्षमताएं मौजूद हैं। इस प्रजाति को कुफरी बहार 3797 की प्रजाति में सुधार करके बनाया है। उन्होंने आलू के अतिरिक्त मिर्च, बैगन, लौकी आदि फसलों की नवीनतम प्रजातियों के बारे में किसानों को जानकारी दी। इस अवसर पर लोकेश कुमार द्वारा किसान प्रशभनमंच का आयोजन किया जिसमें फसलों के बारे में किसानों से सवाल पूछे तथा शीघ्र उत्तर देने वाले किसानों को पुरस्कार स्वरूप एनपीके कृषि खाद का वितरण किया गया।
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