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UP: 80 साल पुरानी श्रीनगर रामलीला का बदला स्थान, अब सत्यम पार्क में होगी; हाईकोर्ट के आदेश के बाद फैसला
Tue, 23 Sep 2025 07:27 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Published by: अरुन पाराशर
Updated Tue, 23 Sep 2025 07:27 PM IST
सार
रामलीला बंद होने के बाद संभावित रोष को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है। थाना प्रभारी अंजीश कुमार सिंह ने बताया कि हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
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हाईकोर्ट के आदेश पर रोकी गई थी रामलीला।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद टूंडला की आठ दशक पुरानी प्रसिद्ध श्रीनगर रामलीला का स्थान बदल दिया गया है। परिषदीय विद्यालय प्रांगण में हो रहे आयोजन पर रोक लगने के बाद अब यह महोत्सव रामलीला मैदान के बाहर सत्यम पार्क में होगा। रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों ने मंगलवार को डीएम रमेश रंजन से मुलाकात कर आयोजन की अनुमति प्राप्त की। इसके बाद बुधवार से महोत्सव नए स्थान पर शुरू हो जाएगा।
रामलीला महोत्सव कमेटी के संयोजक जयजीव पाराशर, अध्यक्ष कृष्ण हरेंद्रपाल सिंह और अन्य पदाधिकारी जिलाधिकारी रमेश रंजन से मिले। उन्होंने जिलाधिकारी से आग्रह किया कि रामलीला को यथास्थान जारी रखने दिया जाए। हालांकि, डीएम ने कोर्ट के आदेश का सम्मान करने की बात कहते हुए अन्य स्थान पर आयोजन का सुझाव दिया। इस पर कमेटी ने रामलीला मैदान के बाहर स्थित सत्यम पार्क में आयोजन की अनुमति मागी, जिसे जिलाधिकारी ने स्वीकार कर लिया। डीएम ने कमेटी को आश्वासन दिया है कि नए स्थान पर सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए जाएंगे। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष कृष्ण हरेंद्रपाल सिंह परमार ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
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रामलीला महोत्सव कमेटी के संयोजक जयजीव पाराशर, अध्यक्ष कृष्ण हरेंद्रपाल सिंह और अन्य पदाधिकारी जिलाधिकारी रमेश रंजन से मिले। उन्होंने जिलाधिकारी से आग्रह किया कि रामलीला को यथास्थान जारी रखने दिया जाए। हालांकि, डीएम ने कोर्ट के आदेश का सम्मान करने की बात कहते हुए अन्य स्थान पर आयोजन का सुझाव दिया। इस पर कमेटी ने रामलीला मैदान के बाहर स्थित सत्यम पार्क में आयोजन की अनुमति मागी, जिसे जिलाधिकारी ने स्वीकार कर लिया। डीएम ने कमेटी को आश्वासन दिया है कि नए स्थान पर सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए जाएंगे। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष कृष्ण हरेंद्रपाल सिंह परमार ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
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जनकपुरी का भी बदला स्थान, प्रशासन अलर्ट
रामलीला मंच पर रोक के साथ ही, रामलीला मैदान में बनाई जा रही जनकपुरी पर भी रोक लग गई थी। अब इसे आर्य समाज मंदिर में स्थानांतरित किया गया है। एसडीएम अंकित वर्मा ने मौके पर जाकर परिवर्तित स्थान का निरीक्षण किया और राम बरात में शामिल लोगों के रुकने व जलपान के लिए व्यवस्थाएं देखीं। रामलीला बंद होने के बाद संभावित रोष को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है। थाना प्रभारी अंजीश कुमार सिंह ने बताया कि हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
हाईकोर्ट के आदेश से लगी रोक, दर्शकों में रोष
शहर के सांवले प्रसाद रोड निवासी प्रदीप राना ने हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर परिषदीय विद्यालय प्रांगण में हो रही रामलीला से बच्चों की पढ़ाई बाधित होने का हवाला दिया था। इस याचिका पर संज्ञान लेते हुए न्यायालय ने आयोजन को बंद करने का आदेश जारी किया। कोर्ट के आदेश पर एसडीएम अंकित वर्मा, सीओ अमरीश कुमार और तहसीलदार राखी शर्मा ने सोमवार रात रामलीला का मंचन बंद करा दिया था।
दुर्गा पूजा महोत्सवों पर भी लग सकती है रोक
अधिवक्ता संजय सिंह एडवोकेट का कहना है कि जिस आधार पर रामलीला पर रोक लगी है, उसी तरह उत्तर भारत के प्रसिद्ध दुर्गा पूजा महोत्सवों के आयोजनों पर भी रोक लग सकती है, क्योंकि वे भी अक्सर भीड़-भाड़ वाले और शैक्षणिक संस्थानों के पास होते हैं। उन्होंने कई ऐसे स्थानों का उदाहरण दिया जहां बड़ी संख्या में छात्र पढ़ते हैं या जहां भारी आवागमन होता है, लेकिन वहां भी इसी तरह के आयोजन होते हैं।
रामलीला मंच पर रोक के साथ ही, रामलीला मैदान में बनाई जा रही जनकपुरी पर भी रोक लग गई थी। अब इसे आर्य समाज मंदिर में स्थानांतरित किया गया है। एसडीएम अंकित वर्मा ने मौके पर जाकर परिवर्तित स्थान का निरीक्षण किया और राम बरात में शामिल लोगों के रुकने व जलपान के लिए व्यवस्थाएं देखीं। रामलीला बंद होने के बाद संभावित रोष को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है। थाना प्रभारी अंजीश कुमार सिंह ने बताया कि हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
हाईकोर्ट के आदेश से लगी रोक, दर्शकों में रोष
शहर के सांवले प्रसाद रोड निवासी प्रदीप राना ने हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर परिषदीय विद्यालय प्रांगण में हो रही रामलीला से बच्चों की पढ़ाई बाधित होने का हवाला दिया था। इस याचिका पर संज्ञान लेते हुए न्यायालय ने आयोजन को बंद करने का आदेश जारी किया। कोर्ट के आदेश पर एसडीएम अंकित वर्मा, सीओ अमरीश कुमार और तहसीलदार राखी शर्मा ने सोमवार रात रामलीला का मंचन बंद करा दिया था।
दुर्गा पूजा महोत्सवों पर भी लग सकती है रोक
अधिवक्ता संजय सिंह एडवोकेट का कहना है कि जिस आधार पर रामलीला पर रोक लगी है, उसी तरह उत्तर भारत के प्रसिद्ध दुर्गा पूजा महोत्सवों के आयोजनों पर भी रोक लग सकती है, क्योंकि वे भी अक्सर भीड़-भाड़ वाले और शैक्षणिक संस्थानों के पास होते हैं। उन्होंने कई ऐसे स्थानों का उदाहरण दिया जहां बड़ी संख्या में छात्र पढ़ते हैं या जहां भारी आवागमन होता है, लेकिन वहां भी इसी तरह के आयोजन होते हैं।