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'इज्जत खराब हो, इससे अच्छा है कि बेटी न रहे'
मंझनपुर (कौशाम्बी)/ब्यूरो
Updated Wed, 26 Dec 2012 10:14 AM IST
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बेटी के प्रेम संबंध से नाराज होकर एक पिता ने उसकी गड़ासे से हत्या कर दी। और उसके बाद घर के बाहर आग तापने लगा, जैसे कि कुछ हुआ ही न हो। ग्राम प्रधान की सूचना पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को दिए बयान में उसने कहा, 'गांव, समाज में इज्जत खराब हो, इससे अच्छा है कि ऐसी बेटी जिंदा ही न रहे।'
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उत्तर प्रदेश में कौशाम्बी जिले के खोरांव (कोखराज) गांव में सोमवार रात यह वारदात हुई। ग्राम प्रधान के बड़े भाई झल्लर की चार बेटियां और एक बेटा है। 17 साल की दूसरी बेटी अंजू नौवीं क्लास में पढ़ती थी। अंजू का गांव के ही एक गैर बिरादरी के युवक से प्रेम संबंध था। सोमवार की रात झल्लर और उसकी पत्नी बरामदे में सो रहे थे। अंजू भाई बहनों के साथ कमरे में सोई थी।
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बताया जाता है कि आधी रात को अंजू प्रेमी से मिलने नलकूप पर गई थी। बेटी को घर से निकलते झल्लर ने देख लिया था। उसे अंजू के रिश्ते के बारे में पहले से जानकारी थी। वह भी लाठी लेकर नलकूप पर पहुंच गया। वहां बेटी को युवक के साथ देखकर उसका खून खौल उठा। उसने लाठी से दोनों को पीटना शुरू कर दिया। जान बचाकर युवक भाग निकला। झल्लर बेटी को पीटते हुए घर ला रहा था। रास्ते में किशोरी बेहोश हो गई। इस पर वह घर से गड़ासा लाया और बेटी की गर्दन पर वार कर दिया। अंजू की वहीं मौत हो गई।
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प्रधान की सूचना पर पुलिस ने झल्लर को गिरफ्तार कर लिया। उसे इस हत्या का तनिक भी अफसोस नहीं है। पुलिस की मानें तो उसने अपना गुनाह भी कबूल कर लिया है।
15 दिन पहले की थी जिंदा दफनाने की कोशिश
बेटी अंजू के गैर बिरादरी के युवक से संबंध को लेकर झल्लर परेशान था। उसने पुलिस को बयान दिया है कि बेटी बार-बार समझाने के बाद भी प्रेमी से नाता तोड़ने को तैयार नहीं हो रही थी। वह उसी युवक से शादी पर आमादा थी। गांव के लोगों की मानें तो 15 दिन पहले भी उसने गन्ने के खेत में दोनों को रंगेहाथ पकड़ा था। बताया जाता है कि तब भी उसने बेटी की जमकर पिटाई की थी। साथ ही वह उसे जिंदा दफनाने के लिए गड्ढा खोदने लगा था। तब आसपास के लोगों ने पहुंचकर मामला शांत कराया था।