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Fatehpur News: प्रसव के बाद 30 मिनट तक एंबुलेंस न मिलने से महिला की मौत
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फाइल फोटो-19-राधा देवी। स्रोत: परिजन
बकेवर। देवमई पीएचसी में प्रसव के बाद रक्तस्त्राव से प्रसूता की हालत बिगड़ गई। डॉक्टर ने खून की कमी के चलते उसे जिला अस्पताल रेफर किया लेकिन परिजन के मुताबिक करीब 30 मिनट तक 108 एंबुलेंस के लिए कॉल करने के बावजूद फोन रिसीव नहीं हुआ।
इसके बाद परिजन निजी साधन से उसे सीएचसी जहानाबाद ले गए। यहां से जिला अस्पताल ले जाने की सलाह मिली। हालत गंभीर होने पर जहानाबाद के एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। यहां से कानपुर ले जाने को कहा गया। कानपुर ले जाते समय सकूराबाद के पास प्रसूता ने दम तोड़ दिया।
थाना क्षेत्र के दुबेपुर निवासी योगेंद्र पांडेय रविवार दोपहर करीब दो बजे पत्नी राधा देवी (25) को प्रसव के लिए देवमई उप स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे थे। रात 10:30 बजे राधा ने पुत्र को जन्म दिया। इसके बाद रक्तस्त्राव शुरू हो गया। हालत बिगड़ने पर रात 12:23 बजे उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया। परिजन का आरोप है कि 108 नंबर पर लगातार कॉल करने के बावजूद आधे घंटे तक कोई रिस्पांस नहीं मिला।
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इसके बाद उसे निजी साधन से जहानाबाद पीएचसी ले जाया गया। यहां से महिला को जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई। हालत गंभीर होने पर परिजन महिला को नर्सिंग होम ले गए। यहां से उसे कानपुर रेफर किया गया। कानपुर ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद पीएचसी प्रभारी डॉ. मनीष शुक्ला ने बकेवर पीएचसी से एक एंबुलेंस स्थायी रूप से देवमई पीएचसी में खड़ी कराने की व्यवस्था कराई है। उन्होंने कहा कि समय से एंबुलेंस मिल जाती तो जिला अस्पताल पहुंचकर खून की पूर्ति हो सकती थी। रक्तस्त्राव के कारण खून की कमी से महिला की मौत हुई।
प्रभारी थानाध्यक्ष कप्तान सिंह ने बताया कि महिला के भाई सोहन ने रक्तस्त्राव के बाद मौत की जानकारी दी है। परिजन ने किसी पर आरोप नहीं लगाया है।
पीएचसी में घटनाक्रम के समय एएनएम अल्का सिंह के मौजूद होने का पता लगा। उनसे फोन पर संपर्क किया गया। एएनएम ने कहा कि 108 पर कॉल की गई थी लेकिन एएनएम ये नहीं बता पा रहीं कि किसी नंबर से कॉल की गई। नंबर मिलने पर वह ट्रेस कर सकते थे कि 108 पर कॉल की गई थी या नहीं। कॉल करने की बात गलत बताई जा रही है। मौके पर ही एंबुलेंस और स्टाॅफ की मौजूदगी थी।
- आशीष द्विवेदी, प्रोग्राम मैनेजर, एनएचआरएम।
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इसके बाद परिजन निजी साधन से उसे सीएचसी जहानाबाद ले गए। यहां से जिला अस्पताल ले जाने की सलाह मिली। हालत गंभीर होने पर जहानाबाद के एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। यहां से कानपुर ले जाने को कहा गया। कानपुर ले जाते समय सकूराबाद के पास प्रसूता ने दम तोड़ दिया।
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थाना क्षेत्र के दुबेपुर निवासी योगेंद्र पांडेय रविवार दोपहर करीब दो बजे पत्नी राधा देवी (25) को प्रसव के लिए देवमई उप स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे थे। रात 10:30 बजे राधा ने पुत्र को जन्म दिया। इसके बाद रक्तस्त्राव शुरू हो गया। हालत बिगड़ने पर रात 12:23 बजे उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया। परिजन का आरोप है कि 108 नंबर पर लगातार कॉल करने के बावजूद आधे घंटे तक कोई रिस्पांस नहीं मिला।
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इसके बाद उसे निजी साधन से जहानाबाद पीएचसी ले जाया गया। यहां से महिला को जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई। हालत गंभीर होने पर परिजन महिला को नर्सिंग होम ले गए। यहां से उसे कानपुर रेफर किया गया। कानपुर ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद पीएचसी प्रभारी डॉ. मनीष शुक्ला ने बकेवर पीएचसी से एक एंबुलेंस स्थायी रूप से देवमई पीएचसी में खड़ी कराने की व्यवस्था कराई है। उन्होंने कहा कि समय से एंबुलेंस मिल जाती तो जिला अस्पताल पहुंचकर खून की पूर्ति हो सकती थी। रक्तस्त्राव के कारण खून की कमी से महिला की मौत हुई।
प्रभारी थानाध्यक्ष कप्तान सिंह ने बताया कि महिला के भाई सोहन ने रक्तस्त्राव के बाद मौत की जानकारी दी है। परिजन ने किसी पर आरोप नहीं लगाया है।
पीएचसी में घटनाक्रम के समय एएनएम अल्का सिंह के मौजूद होने का पता लगा। उनसे फोन पर संपर्क किया गया। एएनएम ने कहा कि 108 पर कॉल की गई थी लेकिन एएनएम ये नहीं बता पा रहीं कि किसी नंबर से कॉल की गई। नंबर मिलने पर वह ट्रेस कर सकते थे कि 108 पर कॉल की गई थी या नहीं। कॉल करने की बात गलत बताई जा रही है। मौके पर ही एंबुलेंस और स्टाॅफ की मौजूदगी थी।
- आशीष द्विवेदी, प्रोग्राम मैनेजर, एनएचआरएम।

फाइल फोटो-19-राधा देवी। स्रोत: परिजन