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Fatehpur News: गंगा का बढ़ता जलस्तर बढ़ा रहा चिंता, तटवर्ती गांवों पर मंडराया बाढ़ का खतरा
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फोटो-34 बढ़ा गंगा नदी का जल स्तर। संवाद
चौडगरा। गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से तटवर्ती इलाकों के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। बढ़ते जलस्तर को देखकर गंगा कटरी क्षेत्र के लोगों को बाढ़ का खतरा सताने लगा है। मलवां विकासखंड की लहंगी ग्राम पंचायत के मजरे भगना खेड़ा, गुनीर, लहंगी तथा अभयपुर ग्राम सभा के जाड़े का पुरवा, मल्लू खेड़ा, बेरीनारी, सदनहा समेत करीब 12 से अधिक गांव हर वर्ष बाढ़ की चपेट में आ जाते हैं।
ग्रामीणों के अनुसार पिछले दो-तीन दिनों में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। इससे किसानों को फसलें डूबने की चिंता सताने लगी है। भगना खेड़ा, लहंगी, गुनीर, जाड़े का पुरवा, सदनहा, मल्लू खेड़ा, मदारपुर और आसपास के निचले इलाकों में रहने वाले लोग अपनी सुरक्षा के साथ मवेशियों को लेकर भी चिंतित हैं। यदि जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो गांवों को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग जलमग्न हो जाएंगे और आवागमन के लिए नाव ही एकमात्र सहारा रह जाएगी।
ग्रामीण कामता निषाद, राज नारायन निषाद, शिव भवन निषाद, मुंशीलाल, राम लखन और राम भजन ने बताया कि हर वर्ष बाढ़ के दौरान भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस बार भी जलस्तर बढ़ने की शुरुआत ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। उन्हें आशंका है कि प्रशासन के सक्रिय होने से पहले कहीं पानी आबादी तक न पहुंच जाए।
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ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और बाढ़ खंड विभाग से प्रभावित क्षेत्रों का जल्द सर्वे कराने, आपात स्थिति के लिए पहले से पर्याप्त नावों की व्यवस्था करने, संवेदनशील इलाकों में बाढ़ चौकियों को सक्रिय करने और कटान रोकने के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। फिलहाल ग्रामीण स्वयं भी गंगा के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की तैयारी कर रहे हैं।
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ग्रामीणों के अनुसार पिछले दो-तीन दिनों में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। इससे किसानों को फसलें डूबने की चिंता सताने लगी है। भगना खेड़ा, लहंगी, गुनीर, जाड़े का पुरवा, सदनहा, मल्लू खेड़ा, मदारपुर और आसपास के निचले इलाकों में रहने वाले लोग अपनी सुरक्षा के साथ मवेशियों को लेकर भी चिंतित हैं। यदि जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो गांवों को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग जलमग्न हो जाएंगे और आवागमन के लिए नाव ही एकमात्र सहारा रह जाएगी।
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ग्रामीण कामता निषाद, राज नारायन निषाद, शिव भवन निषाद, मुंशीलाल, राम लखन और राम भजन ने बताया कि हर वर्ष बाढ़ के दौरान भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस बार भी जलस्तर बढ़ने की शुरुआत ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। उन्हें आशंका है कि प्रशासन के सक्रिय होने से पहले कहीं पानी आबादी तक न पहुंच जाए।
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ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और बाढ़ खंड विभाग से प्रभावित क्षेत्रों का जल्द सर्वे कराने, आपात स्थिति के लिए पहले से पर्याप्त नावों की व्यवस्था करने, संवेदनशील इलाकों में बाढ़ चौकियों को सक्रिय करने और कटान रोकने के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। फिलहाल ग्रामीण स्वयं भी गंगा के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की तैयारी कर रहे हैं।

फोटो-34 बढ़ा गंगा नदी का जल स्तर। संवाद