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Fatehpur News: ट्रैक्टर-ट्रॉली की सवारी, जिंदगी पर न पड़ जाए भारी
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फोटो-14-धर्मदासपुर के पास ट्रैक्टर ट्राली में बैठे यात्रीं। संवाद
फतेहपुर। सीएम के फरमान के बाद भी ट्रैक्टर-ट्रॉली से सवारियां ढोई जा रहीं हैं। यही वजह है कि इनसे होने वाले हादसे भी कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। बुलंदशहर में सोमवार को हुआ हादसा इसका एक और बड़ा उदाहरण है। हादसे में ट्रॉली सवार 11 लोगों की मौत हो गई। हैरत की बात यह है कि इतने बड़े हादसे के बाद भी यहां प्रशासन की नींद नहीं टूटी। मंगलवार को की गई पड़ताल में जिले भर में कई स्थानों पर ट्रॉलियां सवारियां ढोतीं नजर आईं।
बता दें कि गांव- शहर की गलियों से लेकर हाईवे पर दौड़ रहीं ट्रैक्टर-ट्रॉली के बीते एक माह में छह से सात हादसे हो चुके हैं। इनमें 13 से अधिक लोगों की जान चली गई। इसके बाद भी न कोई चेकिंग अभियान चला न इनके संचालन पर रोक लगाई गई। परिवहन विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो जिले में कुल 26 हजार ट्रैक्टर पंजीकृत हैं लेकिन सिर्फ एक ट्रॉली ही कृषि उपयोग के लिए पंजीकृत है। इसके बाद भी ट्रैक्टरों में सवारियां भरकर दौड़ रहीं हैं।
27 की मौत के बाद लगा था प्रतिबंध
दो अक्टूबर 2022 को कानपुर में श्रद्धालुओं से भरी ट्रॉली पलटने से 27 लोगों की जान जाने पर सीएम ने ट्रॉलियों से सवारियां ढोने पर प्रतिबंध लगाया था। इसके बाद फरवरी 2024, कासगंज से गंगा स्नान के लिए जा रहे श्रद्धालुओं की ट्रॉली पलटी, 12 की मौत हो गई। इन हादसों के बाद भी ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवारियों को ढोने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। कुछ दिन अभियान चला फिर ठंडा पड़ गया।
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गणेश चतुर्थी व नवरात्र में सबसे अधिक ढोई जातीं सवारियां
ट्रैक्टर-ट्रॉली से सबसे अधिक सवारियां नवरात्र वा गणेश चतुर्थी में ढोईं जातीं हैं। चतुर्थी पर जुलूस के लिए नवरात्र पर मुंडन और कनछेदन आदि संस्कार संपन्न कराने के लिए लोगों की भीड़ ट्रॉलियों पर सवारियों की शक्ल में नजर आती है।
इन चौकी- थानों के सामने से गुजरतीं हैं ट्रॉलियां
राधा नगर थाना, शाह चौकी, ललौली थाना, बहुआ चौकी, थरियांव, मलवां, कल्यानपुर, किशनपुर, जोनिहा, बिंदकी, बकेवर, हुसैनगंज व खागा आदि ऐसे थाने हैं, जिनके सामने से साल भर और पूरे दिन ट्रैक्टर ट्रॉलियां सवारियां लादकर गुजरतीं हैं। ड्यूटी पर तैनात सिपाहियों को 20-50 रुपये थमाकर चालक आराम से ट्रॉली निकालते हैं फिर आगे जाकर हादसों का शिकार हो जाते हैं।
कृषि अथवा व्यवसायिक उपयोग का नियम
नियमानुसार ट्रैक्टर के साथ ट्रॉली का उपयोग अधिकतर कृषि कार्य के लिए किया जाता है। इसके अलावा कुछ व्यवसायिक जैसे ईंट, सीमेंट और मौरंग आदि की ढुलाई के काम लाई जाती है। इसके विपरीत नियमों की अनदेखी कर ट्राॅलियों से सवारियां ढोईं जा रहीं हैं।
इनसेट-
जिले में ट्रैक्टर-ट्राॅलियों से हुए हादसे-
-10 जून 2025 को ललौली के दरियाबाद गांव में ट्राॅली में बैठे दो सगे भाई सोनू व सचिन निषाद ट्रॉली पटलटने से दब गए। इसमें छोटे भाई की मौत हो गई।
- 26 जुलाई 2025 को मनगढ़ से फतेहपुर की तरफ 32 सवारियां लेकर आ रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली खागा के पास हाईवे पर हादसे का शिकार हुआ, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई।
- चार अप्रैल 2025 को तेज रफ्तार ट्रक ने ट्रैक्टर-ट्राॅली को टक्कर मार दी। इसमें चार लोग घायल हो गए।
-सात फरवरी 2025 को खागा कोतवाली क्षेत्र के कटौघन टोल प्लाजा के समीप प्रयागराज महाकुंभ स्नान करने जा रहे श्रद्धालुओं से भरी बस और ट्रैक्टर-ट्राॅली में भिड़त हो गई। इसमें ट्रैक्टर चालक समेत बस में सवार 10 लोग घायल हुए थे।
-कोट्स
समय- समय पर चेकिंग अभियान चलाकर सवारियों पर रोक लगाई जाती है। कुछ लोग अपनी निजी ट्रॉलियों से भी बड़ी संख्या में सवार होकर निकलते हैं। बुलंदशहर हादसे के बाद फिर से अभियान चलाने की तैयारी कर ली गई है। देर रात से इसे शुरू भी किया जा सकता है।
अखिलेश चतुर्वेदी, पीटीओ
ट्रैक्टर ट्राॅलियों पर सवारियां ढोने पर उन्हें तुरंत सीज किया जाता है। इसके साथ लगातार कार्रवाई के साथ लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। जल्द ही अभियान के माध्यम ट्रैक्टर-ट्राॅलियों के कागजों की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
लालजी सविता, यातायात प्रभारी
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बता दें कि गांव- शहर की गलियों से लेकर हाईवे पर दौड़ रहीं ट्रैक्टर-ट्रॉली के बीते एक माह में छह से सात हादसे हो चुके हैं। इनमें 13 से अधिक लोगों की जान चली गई। इसके बाद भी न कोई चेकिंग अभियान चला न इनके संचालन पर रोक लगाई गई। परिवहन विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो जिले में कुल 26 हजार ट्रैक्टर पंजीकृत हैं लेकिन सिर्फ एक ट्रॉली ही कृषि उपयोग के लिए पंजीकृत है। इसके बाद भी ट्रैक्टरों में सवारियां भरकर दौड़ रहीं हैं।
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27 की मौत के बाद लगा था प्रतिबंध
दो अक्टूबर 2022 को कानपुर में श्रद्धालुओं से भरी ट्रॉली पलटने से 27 लोगों की जान जाने पर सीएम ने ट्रॉलियों से सवारियां ढोने पर प्रतिबंध लगाया था। इसके बाद फरवरी 2024, कासगंज से गंगा स्नान के लिए जा रहे श्रद्धालुओं की ट्रॉली पलटी, 12 की मौत हो गई। इन हादसों के बाद भी ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवारियों को ढोने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। कुछ दिन अभियान चला फिर ठंडा पड़ गया।
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गणेश चतुर्थी व नवरात्र में सबसे अधिक ढोई जातीं सवारियां
ट्रैक्टर-ट्रॉली से सबसे अधिक सवारियां नवरात्र वा गणेश चतुर्थी में ढोईं जातीं हैं। चतुर्थी पर जुलूस के लिए नवरात्र पर मुंडन और कनछेदन आदि संस्कार संपन्न कराने के लिए लोगों की भीड़ ट्रॉलियों पर सवारियों की शक्ल में नजर आती है।
इन चौकी- थानों के सामने से गुजरतीं हैं ट्रॉलियां
राधा नगर थाना, शाह चौकी, ललौली थाना, बहुआ चौकी, थरियांव, मलवां, कल्यानपुर, किशनपुर, जोनिहा, बिंदकी, बकेवर, हुसैनगंज व खागा आदि ऐसे थाने हैं, जिनके सामने से साल भर और पूरे दिन ट्रैक्टर ट्रॉलियां सवारियां लादकर गुजरतीं हैं। ड्यूटी पर तैनात सिपाहियों को 20-50 रुपये थमाकर चालक आराम से ट्रॉली निकालते हैं फिर आगे जाकर हादसों का शिकार हो जाते हैं।
कृषि अथवा व्यवसायिक उपयोग का नियम
नियमानुसार ट्रैक्टर के साथ ट्रॉली का उपयोग अधिकतर कृषि कार्य के लिए किया जाता है। इसके अलावा कुछ व्यवसायिक जैसे ईंट, सीमेंट और मौरंग आदि की ढुलाई के काम लाई जाती है। इसके विपरीत नियमों की अनदेखी कर ट्राॅलियों से सवारियां ढोईं जा रहीं हैं।
इनसेट-
जिले में ट्रैक्टर-ट्राॅलियों से हुए हादसे-
-10 जून 2025 को ललौली के दरियाबाद गांव में ट्राॅली में बैठे दो सगे भाई सोनू व सचिन निषाद ट्रॉली पटलटने से दब गए। इसमें छोटे भाई की मौत हो गई।
- 26 जुलाई 2025 को मनगढ़ से फतेहपुर की तरफ 32 सवारियां लेकर आ रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली खागा के पास हाईवे पर हादसे का शिकार हुआ, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई।
- चार अप्रैल 2025 को तेज रफ्तार ट्रक ने ट्रैक्टर-ट्राॅली को टक्कर मार दी। इसमें चार लोग घायल हो गए।
-सात फरवरी 2025 को खागा कोतवाली क्षेत्र के कटौघन टोल प्लाजा के समीप प्रयागराज महाकुंभ स्नान करने जा रहे श्रद्धालुओं से भरी बस और ट्रैक्टर-ट्राॅली में भिड़त हो गई। इसमें ट्रैक्टर चालक समेत बस में सवार 10 लोग घायल हुए थे।
-कोट्स
समय- समय पर चेकिंग अभियान चलाकर सवारियों पर रोक लगाई जाती है। कुछ लोग अपनी निजी ट्रॉलियों से भी बड़ी संख्या में सवार होकर निकलते हैं। बुलंदशहर हादसे के बाद फिर से अभियान चलाने की तैयारी कर ली गई है। देर रात से इसे शुरू भी किया जा सकता है।
अखिलेश चतुर्वेदी, पीटीओ
ट्रैक्टर ट्राॅलियों पर सवारियां ढोने पर उन्हें तुरंत सीज किया जाता है। इसके साथ लगातार कार्रवाई के साथ लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। जल्द ही अभियान के माध्यम ट्रैक्टर-ट्राॅलियों के कागजों की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
लालजी सविता, यातायात प्रभारी

फोटो-14-धर्मदासपुर के पास ट्रैक्टर ट्राली में बैठे यात्रीं। संवाद