फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Fatehpur News ›   rape,car,mahila

कार में महिला से दुष्कर्म का मामला निकला फर्जी

Sat, 12 Mar 2022 11:56 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 12 Mar 2022 11:56 PM IST
विज्ञापन
rape,car,mahila
फतेहपुर। महिला से कार में दुष्कर्म की शिकायत पुलिस की जांच में झूठी निकली है। महिला ने दुष्कर्म के दूसरे मामले में समझौता न करने पर युवक को फंसाने की साजिश रची। युवक की बहन ने दूसरे युवक पर दुष्कर्म का मुकदमा प्रयागराज के सिविल लाइन थाने में दर्ज कराया था।
विज्ञापन

शहर की एक महिला ने सात मार्च को एसपी को शिकायती पत्र दिया था। महिला ने बताया था कि वह मैरिज हालों में काम कर बच्चों का पालन-पोषण करती है। मैरिज हॉल में मिले हथगाम थाना क्षेत्र के एक युवक ने एक सेठ के पास नौकरी दिलाने का लालच दिया था। पांच मार्च को वह कार से साथ ले गया। ललौली थाना क्षेत्र के उरौली गांव के पास कार में दुष्कर्म कर रास्ते में उतारकर भाग गया।
विज्ञापन

युवक की बहन ने जाफरगंज सीओ संजय सिंह को प्रार्थनापत्र देकर जांच कराने की मांग की। उसने बताया कि प्रयागराज में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान फतेहपुर सीओ सिटी कार्यालय के पास रहने वाले एक युवक से दोस्ती हो गई थी। कमरे में आकर पढ़ाने के बहाने उसने दुष्कर्म कर वीडियो बना लिया था। शादी करने का झांसा देकर दुष्कर्म करता रहा। उसके खिलाफ सिविल लाइंस थाने में एक दिसंबर 2021 को मुकदमा दर्ज कराया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

समझौता न करने पर युवक ने फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी थी। सीओ संजय सिंह ने बताया कि कार में दुष्कर्म का मामला जांच में झूठा पाया गया। शिकायतकर्ता महिला को बयान के लिए बुलाया गया। उसका मोबाइल बंद है। पते पर महिला नहीं मिली है।
सीओ संजय सिंह ने महिला के बताए रास्ते पर पड़ने वाले टोल प्लाजा के सीसीटीवी कैमरों की जांच की। फुटेज में कार आते-जाते नहीं दिखी। कार नंबर की जांच में पता चला कि इस नंबर की कार कई साल पहले कबाड़ में कट चुकी है। घटनास्थल पर भी किसी ने जानकारी नहीं दी।
सर्विलांस से पता चला कि सिमकार्ड शिकायत के दिन ही खरीदा गया था। शिकायती पत्र में यही नंबर दिया गया था। उस नंबर पर किसी अन्य व्यक्ति से कोई बातचीत नहीं की गई थी। जिससे पुलिस साजिश रचने वालों तक नहीं पहुंच सके।

महिला को एसपी के पास पेश कराने के बाद ट्विटर, सोशल मीडिया पर मामले को वायरल किया गया। जिसके पीछे मुकदमा दर्ज कराने वाले माने जा रहे हैं। वायरल किए जाने से पुलिस पर भी दबाव बढ़ा। मामले में ठोस प्रमाण पुलिस को न मिलते तो शायद मुकदमा भी दर्ज करना पड़ जाता।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed