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खदान का निरीक्षण कर सीबीआई ने अतीत को खंगाला

Sat, 23 Nov 2019 12:24 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 23 Nov 2019 12:24 AM IST
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Overloading, illegal mining also happened after the High Court order
फतेहपुर। सत्ता बदलने के बाद सीबीआई की जांच में दागी पाए जाने वाले मौरंग खंडों में इस समय नए सिरे से खनन का काम चल रहा है। सीबीआई ने मौरंग खंडों का अतीत जानने के लिए वर्तमान में संचालित खदान में पहुंचकर शुक्रवार को कुछ खंगालने की कोशिश की। सीबीआई मान चुकी है कि हाईकोर्ट की रोक के बाद भी सत्ता पक्ष के इशारे पर अवैध खनन का सिलसिला चला। जिला प्रशासन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ दिखावा करता रहा है।
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सपा शासन काल में 2012 से 2016 के बीच मनमाने तरीके से मौरंग खंडों में खनन हुआ था। पिछले सत्र में जिले में सत्ता बदलने के बाद कई खदान चालू हुए हैं। 2012 के नवीनीकरण में कोर्रा टू, गुरुवल, रामनगर कौंहन के मौरंग घाट सीबीआई जांच में फंसे थे। ई-टेडरिंग में सारे मौरंग खंडों को नए सिरे से चालू किया गया है। सीबीआई जांच शुरू हुए करीब ढाई साल बीत रहे हैं। जांच की शुरूआती दौर में विवादित मौरंग खंडों पर शुक्रवार को जांच टीम पहुंची थी। खंडों से टीम को कुछ खास हासिल नहीं हो सका था। जांच को अंतिम रूप देने में जुटी सीबीआई ने एक बार फिर से खदानों की ओर रुख किया। ललौली थाने के अढ़ावल दो मौरंग घाट में पौने चार बजे सीबीआई निरीक्षक सुनील कुमार की तीन सदस्यीय टीम पहुंची। करीब एक घंटे खदान में घूमी। अढ़ावल खंड के संचालक से मिली। संचालक से पहले के खनन के बारे में पूछताछ की। टीम ने हाईकोर्ट की रोक बाद 2015 में कैसे खनन होता था, इसके बारे में पूछा। उस समय पर बगैर रवन्ना और ओवरलोड ट्रकों की पासिंग के बारे में जानकारी ली। खनन की लागू पारदर्शी व्यवस्था के धर्मकांटा, कंप्यूटर रूम, सीसीटीवी कैमरों की जांच की। कंप्यूटरीकृत ऑनलाइन रवन्ना चेक किया। इस मौके पर जिला खनन अधिकारी मिथिलेश पांडेय, इंस्पेक्टर संतोष शर्मा भी मौजूद रहे।
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पहले थे सपाई अब बन गए भाजपाई
जिले में मौरंग खदानों में पूर्व खनन मंत्री गायत्री कनेक्शन काफी प्रभावी रहा है। बिंदकी का ऑटो स्टैंड चलाने वाला, बांदा के पूर्व विधायक का निजी गनमैन जैसे लोग कुछ सालों अकूत संपत्ति के मालिक बन गए। उनके जिले से लेकर लखनऊ तक आशियाने बने हैं। तत्कालीन समय में लाल सोने की काली कमाई करने वाले एक सपा नेता श्वेत सामग्री के कारोबार में संपत्ति लगाई। सपा शासनकाल में बड़े ओहदे की चाह में असफल होने वाले एक विभाग के चर्चित माफिया ने मौरंग की कमाई का चस्का लगा। मौरंग की कमाई को अपने पुराने धंधे और प्रापर्टी कारोबार में लगाया। जिले की खदानों में यमुना पट्टी पर गोलियां चलाने वाले तत्कालीन सपा नेता ने भी अब भगवा चोला ओढ़कर रखा है। इनका कभी भी मौरंग से मोह नहीं छूट सका। सीबीआई की आमद से इनके होश उड़ जाते हैं। सूत्रों का कहना है कि सीबाआई कभी भी किसी को भी कहीं भी रडार में ले सकती है।
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