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Fatehpur News: स्पेशल ट्रेन के नाम पर यात्रियों से वसूल रहे डेढ़ गुना किराया
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फतेहपुर। स्पेशल ट्रेन के नाम पर यात्रियों से डेढ़ गुना अधिक किराया वसूला जा रहा है। यही वजह है कि त्योहारी सीजन में सामान्य ट्रेनों की संख्या न बढ़ाकर स्पशेल ट्रेन दौड़ाई जाती हैं। इसके अधिक किराए से यात्रियों की जेब ढीली हो रही है।
जिला मुख्यालय स्टेशन पर चार स्पेशल ट्रेनों 04115, 04121, 04125, 09118 का ठहराव मार्च, अप्रैल व जुलाई से हो रहा है। ये ट्रेनें स्टेशन पर गुरुवार, शुक्रवार और सोमवार को रुकती हैं। इन ट्रेनों से यात्री मुबंई, सिंकदराबाद, सूरत के लिए यात्रा कर रहे हैं। स्पेशल ट्रेनों के नाम पर यात्रियों से सामान्य ट्रेनों की तुलना में डेढ़ गुना किराया वसूल किया जा रहा है।
शहर के रेलवे स्टेशन से कानपुर स्लीपर का साधारण ट्रेन का किराया 175 रुपये है। स्पेशल ट्रेन में यही किराया 150 रुपये बढ़ाकर 325 रुपये लिया जा रहा है। इसके अलावा स्पेशल ट्रेन में एसी का टिकट साधारण किराए से तीन सौ रुपये अधिक लिया जा रहा है। स्टेशन से मुंबई, सूरत की कोई दूसरी ट्रेन का ठहराव न होने के कारण यात्रियों को मजबूरी में इन स्पेशल ट्रेनों से सफर करना पड़ रहा है। इससे उन्हें जेब ढीली करनी पड़ रही है।
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त्योहारी सीजन के नाम पर चलाते हैं स्पेशल ट्रेन
त्योहारों, गर्मियों की छुट्टियों व रूट पर भीड़ के भार को कम करने के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाई जाती हैं। इन ट्रेनों का नंबर 0 से शुरू होता है। यह विशेष ट्रेन होती हैं।
अब सामान्य ट्रेन से ही करेंगे यात्रा
शहर के मुराइनटोला निवासी राकेश कुमार ने बताया कि गुरुवार को मुंबई जाने के लिए सीट आरक्षित करने आए हैं। कानपुर से मुंबई स्लीपर का टिकट 575 रुपये है, लेकिन स्टेशन के आरक्षण केंद्र में स्लीपर की टिकट 875 रुपये बताया गया। ऐसे में अब कानपुर से कोई साधारण ट्रेन से यात्रा को सोच रहे हैं।
सुविधाएं सामान्य ट्रेनों जैसी ही
ललौली के अजय सिंह ने बताया कि स्पेशल ट्रेन से यात्रा करने का कोई फायदा नहीं है। किराया छोड़कर सबकुछ साधारण ट्रेनों की तरह ही रहता है। शहर से मुंबई जाने के लिए कोई दूसरा विकल्प न होने के कारण स्पेशल ट्रेन का सहारा लेकर ज्यादा पैसे खर्च कर रहे हैं।
त्योहार के समय यात्रियों की भीड़ होने पर स्पेशल ट्रेन संचालित की जाती है। भीड़ कम होने पर स्पेशल ट्रेन बंद कर दी जाती है। साधारण ट्रेन से स्पेशल ट्रेन के किराए में कुछ अंतर होता है। ट्रेन की मांग होने पर संचालन होता है। इसलिए किराया बढ़ा होता है। -अमित सिंह, पीआरओ, प्रयागराज मंडल।
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जिला मुख्यालय स्टेशन पर चार स्पेशल ट्रेनों 04115, 04121, 04125, 09118 का ठहराव मार्च, अप्रैल व जुलाई से हो रहा है। ये ट्रेनें स्टेशन पर गुरुवार, शुक्रवार और सोमवार को रुकती हैं। इन ट्रेनों से यात्री मुबंई, सिंकदराबाद, सूरत के लिए यात्रा कर रहे हैं। स्पेशल ट्रेनों के नाम पर यात्रियों से सामान्य ट्रेनों की तुलना में डेढ़ गुना किराया वसूल किया जा रहा है।
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शहर के रेलवे स्टेशन से कानपुर स्लीपर का साधारण ट्रेन का किराया 175 रुपये है। स्पेशल ट्रेन में यही किराया 150 रुपये बढ़ाकर 325 रुपये लिया जा रहा है। इसके अलावा स्पेशल ट्रेन में एसी का टिकट साधारण किराए से तीन सौ रुपये अधिक लिया जा रहा है। स्टेशन से मुंबई, सूरत की कोई दूसरी ट्रेन का ठहराव न होने के कारण यात्रियों को मजबूरी में इन स्पेशल ट्रेनों से सफर करना पड़ रहा है। इससे उन्हें जेब ढीली करनी पड़ रही है।
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त्योहारी सीजन के नाम पर चलाते हैं स्पेशल ट्रेन
त्योहारों, गर्मियों की छुट्टियों व रूट पर भीड़ के भार को कम करने के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाई जाती हैं। इन ट्रेनों का नंबर 0 से शुरू होता है। यह विशेष ट्रेन होती हैं।
अब सामान्य ट्रेन से ही करेंगे यात्रा
शहर के मुराइनटोला निवासी राकेश कुमार ने बताया कि गुरुवार को मुंबई जाने के लिए सीट आरक्षित करने आए हैं। कानपुर से मुंबई स्लीपर का टिकट 575 रुपये है, लेकिन स्टेशन के आरक्षण केंद्र में स्लीपर की टिकट 875 रुपये बताया गया। ऐसे में अब कानपुर से कोई साधारण ट्रेन से यात्रा को सोच रहे हैं।
सुविधाएं सामान्य ट्रेनों जैसी ही
ललौली के अजय सिंह ने बताया कि स्पेशल ट्रेन से यात्रा करने का कोई फायदा नहीं है। किराया छोड़कर सबकुछ साधारण ट्रेनों की तरह ही रहता है। शहर से मुंबई जाने के लिए कोई दूसरा विकल्प न होने के कारण स्पेशल ट्रेन का सहारा लेकर ज्यादा पैसे खर्च कर रहे हैं।
त्योहार के समय यात्रियों की भीड़ होने पर स्पेशल ट्रेन संचालित की जाती है। भीड़ कम होने पर स्पेशल ट्रेन बंद कर दी जाती है। साधारण ट्रेन से स्पेशल ट्रेन के किराए में कुछ अंतर होता है। ट्रेन की मांग होने पर संचालन होता है। इसलिए किराया बढ़ा होता है। -अमित सिंह, पीआरओ, प्रयागराज मंडल।