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Fatehpur News: अब मेडिकल कॉलेज में दूरबीन विधि से होंगे ऑपरेशन
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फतेहपुर। राजकीय मेडिकल कॉलेज में अब पथरी से लेकर बच्चेदानी की गांठ तक का ऑपरेशन दूरबीन विधि से किया जाएगा। इस सुविधा से मरीजों को आधुनिक सर्जरी का लाभ स्थानीय स्तर पर मिलेगा। इलाज के लिए कानपुर, प्रयागराज और अन्य बड़े शहरों के चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी। साथ ही समय और आने-जाने के खर्च में भी बचत होने की उम्मीद है।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरके मौर्य ने बताया कि दूरबीन विधि से किडनी और पित्त की थैली की पथरी, मूत्रवाहिनी, पेशाब की थैली और मूत्र नली से संबंधित बीमारियों के ऑपरेशन किए जाएंगे। इसके अलावा प्रोस्टेट की बीमारियों का भी उपचार होगा। महिला रोगों में एक्टोपिक प्रेग्नेंसी, ओवरी और बच्चेदानी में गांठ जैसी समस्याओं का ऑपरेशन भी इस तकनीक से किया जा सकेगा।
छोटे चीरे से सर्जरी, जल्दी स्वस्थ होने में मदद
दूरबीन विधि से ऑपरेशन में पारंपरिक सर्जरी की अपेक्षा छोटे चीरे लगाए जाते हैं। इससे मरीज को अपेक्षाकृत कम दर्द और रक्तस्राव होने के साथ संक्रमण का जोखिम भी कम हो सकता है। मरीज को जल्द स्वस्थ होने और सामान्य दिनचर्या में लौटने में मदद मिलती है। हालांकि, अस्पताल में रुकने की अवधि बीमारी की गंभीरता और मरीज की स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करती है।
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मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरके मौर्य ने बताया कि दूरबीन विधि से किडनी और पित्त की थैली की पथरी, मूत्रवाहिनी, पेशाब की थैली और मूत्र नली से संबंधित बीमारियों के ऑपरेशन किए जाएंगे। इसके अलावा प्रोस्टेट की बीमारियों का भी उपचार होगा। महिला रोगों में एक्टोपिक प्रेग्नेंसी, ओवरी और बच्चेदानी में गांठ जैसी समस्याओं का ऑपरेशन भी इस तकनीक से किया जा सकेगा।
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छोटे चीरे से सर्जरी, जल्दी स्वस्थ होने में मदद
दूरबीन विधि से ऑपरेशन में पारंपरिक सर्जरी की अपेक्षा छोटे चीरे लगाए जाते हैं। इससे मरीज को अपेक्षाकृत कम दर्द और रक्तस्राव होने के साथ संक्रमण का जोखिम भी कम हो सकता है। मरीज को जल्द स्वस्थ होने और सामान्य दिनचर्या में लौटने में मदद मिलती है। हालांकि, अस्पताल में रुकने की अवधि बीमारी की गंभीरता और मरीज की स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करती है।
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