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Fatehpur News: समान वेतन और नियमितीकरण की मांग पर एनएचएम कर्मियों ने की हड़ताल
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फतेहपुर। समान काम के लिए समान वेतन और नियमितीकरण की मांग को लेकर उप्र राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) संघ से जुड़े कर्मचारी बुधवार से हड़ताल पर चले गए। जिले में तैनात करीब 100 डॉक्टर और 500 अन्य कर्मचारी आंदोलन में शामिल हैं। कर्मचारियों के काम से हटने के कारण एनएचएम की स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका है।
संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि कर्मचारी लंबे समय से समान काम के लिए समान वेतन और सेवा में नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं। एनएचएम के तहत डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य कर्मचारी स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं, लेकिन उन्हें सेवा के अनुरूप वेतन और स्थायित्व नहीं मिल रहा है। मांगों पर ध्यान नहीं दिए जाने के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल का निर्णय लिया है।
एनएचएम कर्मचारी 11 अक्तूबर तक हड़ताल पर रहेंगे। कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से ग्रामीण क्षेत्रों और प्राथमिक स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है। जिलाध्यक्ष ने बताया कि यदि 11 अक्तूबर तक सरकार ने मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो 12 अक्तूबर को लखनऊ में विधानसभा का घेराव किया जाएगा।
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मरीजों ने जताई परेशानी
दवा और डॉक्टर को दिखाने के लिए जिला अस्पताल आया था, लेकिन हड़ताल के कारण इलाज नहीं मिला। मजबूरी में बिना उपचार कराए घर लौटना पड़ा। - मेड़ीलाल, धनसिंहपुर
सुबह इलाज की उम्मीद लेकर जिला अस्पताल पहुंची थी। यहां कर्मचारियों के हड़ताल पर होने से डॉक्टर नहीं मिले। अब दोबारा फिर आना पड़ेगा। - रीतू देवी, जयसिंहपुर
काफी दूर से जिला अस्पताल पहुंची थी, लेकिन हड़ताल के कारण इलाज नहीं हो सका। अब बीमारी के साथ वापस घर लौटना पड़ा, जिससे परेशानी बढ़ी। - रजनी, सेमरी
इलाज कराने जिला अस्पताल आया था, लेकिन हड़ताल के चलते उपचार नहीं मिला। खाली हाथ लौटना पड़ा, अब बीमारी ठीक कराने फिर आना होगा। - गुलाम मोहम्मद, केलदार
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संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि कर्मचारी लंबे समय से समान काम के लिए समान वेतन और सेवा में नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं। एनएचएम के तहत डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य कर्मचारी स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं, लेकिन उन्हें सेवा के अनुरूप वेतन और स्थायित्व नहीं मिल रहा है। मांगों पर ध्यान नहीं दिए जाने के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल का निर्णय लिया है।
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एनएचएम कर्मचारी 11 अक्तूबर तक हड़ताल पर रहेंगे। कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से ग्रामीण क्षेत्रों और प्राथमिक स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है। जिलाध्यक्ष ने बताया कि यदि 11 अक्तूबर तक सरकार ने मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो 12 अक्तूबर को लखनऊ में विधानसभा का घेराव किया जाएगा।
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मरीजों ने जताई परेशानी
दवा और डॉक्टर को दिखाने के लिए जिला अस्पताल आया था, लेकिन हड़ताल के कारण इलाज नहीं मिला। मजबूरी में बिना उपचार कराए घर लौटना पड़ा। - मेड़ीलाल, धनसिंहपुर
सुबह इलाज की उम्मीद लेकर जिला अस्पताल पहुंची थी। यहां कर्मचारियों के हड़ताल पर होने से डॉक्टर नहीं मिले। अब दोबारा फिर आना पड़ेगा। - रीतू देवी, जयसिंहपुर
काफी दूर से जिला अस्पताल पहुंची थी, लेकिन हड़ताल के कारण इलाज नहीं हो सका। अब बीमारी के साथ वापस घर लौटना पड़ा, जिससे परेशानी बढ़ी। - रजनी, सेमरी
इलाज कराने जिला अस्पताल आया था, लेकिन हड़ताल के चलते उपचार नहीं मिला। खाली हाथ लौटना पड़ा, अब बीमारी ठीक कराने फिर आना होगा। - गुलाम मोहम्मद, केलदार