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Fatehpur News: हल्की बारिश से बढ़ी किसानों की चिंता, फसल बचाने की जद्दोजहद तेज
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फोटो-25-शुक्रवार शाम आसमान पर छाए रहे बादल। संवाद
- फोटो : 1
फतेहपुर। मौसम के लगातार उतार-चढ़ाव और देर शाम हुई हल्की बारिश से किसानों की चिंता बढ़ गई है। बारिश की आशंका के बीच किसान खेतों में तैयार फसल को जल्द काटकर सुरक्षित करने में जुट गए हैं। वहीं बारिश से मड़ाई का काम भी प्रभावित हुआ है।
शुक्रवार को दिनभर मौसम का मिजाज बदलता रहा। सुबह आसमान में बादल छाए रहे जबकि दोपहर में तेज धूप निकलने पर किसानों ने राहत महसूस की। अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया लेकिन शाम करीब पांच बजे फिर बादल छा गए और मौसम ठंडा हो गया।
मौसम की इस लुकाछिपी से किसान पूरे दिन सहमे रहे। अधिकांश खेतों में गेहूं की फसल अभी पूरी तरह नहीं पकी है। किसानों का कहना है कि पिछली बारिश से फसल को पहले ही नुकसान हो चुका है ऐसे में दोबारा बारिश या ओलावृष्टि होने पर भारी नुकसान हो सकता है।
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स्थिति को देखते हुए किसान गेहूं और चने की पकी फसल को तेजी से काटकर सुरक्षित करने में लगे हैं। वहीं देर शाम करीब सात बजे हुई हल्की बारिश से कटी फसल भीग गई, जिससे मड़ाई पर असर पड़ने की आशंका है।
उप कृषि निदेशक सत्येंद्र सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत प्रतिकूल मौसम से फसलों को नुकसान होने पर बीमित किसानों को क्षतिपूर्ति दी जाएगी। किसान बीमा कंपनी के हेल्पलाइन नंबर 14447 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं या 72 घंटे के भीतर उप कृषि निदेशक कार्यालय में प्रार्थना पत्र दे सकते हैं।
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शुक्रवार को दिनभर मौसम का मिजाज बदलता रहा। सुबह आसमान में बादल छाए रहे जबकि दोपहर में तेज धूप निकलने पर किसानों ने राहत महसूस की। अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया लेकिन शाम करीब पांच बजे फिर बादल छा गए और मौसम ठंडा हो गया।
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मौसम की इस लुकाछिपी से किसान पूरे दिन सहमे रहे। अधिकांश खेतों में गेहूं की फसल अभी पूरी तरह नहीं पकी है। किसानों का कहना है कि पिछली बारिश से फसल को पहले ही नुकसान हो चुका है ऐसे में दोबारा बारिश या ओलावृष्टि होने पर भारी नुकसान हो सकता है।
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स्थिति को देखते हुए किसान गेहूं और चने की पकी फसल को तेजी से काटकर सुरक्षित करने में लगे हैं। वहीं देर शाम करीब सात बजे हुई हल्की बारिश से कटी फसल भीग गई, जिससे मड़ाई पर असर पड़ने की आशंका है।
उप कृषि निदेशक सत्येंद्र सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत प्रतिकूल मौसम से फसलों को नुकसान होने पर बीमित किसानों को क्षतिपूर्ति दी जाएगी। किसान बीमा कंपनी के हेल्पलाइन नंबर 14447 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं या 72 घंटे के भीतर उप कृषि निदेशक कार्यालय में प्रार्थना पत्र दे सकते हैं।

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