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अब स्वयं सहायता समूह की महिलाएं भी बन सकेंगी कोटेदार
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फतेहपुर। राष्ट्रीय आजीविका मिशन से जुड़ी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को अब सरकारी कोटा चलाने का मौका मिलेगा। नई राशन की दुकानों के आवंटन में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को वरीयता दी जाएगी। समूह के एक सदस्य को उचित दर की दुकान के संचालन का जिम्मा दिया जाएगा। हालांकि आय से समूह के सारे सदस्य लाभान्वित होंगे।
शासन की इस नई व्यवस्था के तहत राशन की दुकान के लिए स्वयं सहायता समूह के आवेदन पर यदि पात्रता सही पायी जाएगी तो आवेदन में सबसे पहले वरीयता दी जाएगी। यह व्यवस्था नवीन दुकान के आवंटन पर लागू होगी।
इससे स्वयं सहायता समूहों को संजीवनी मिलेगी तो समूह की महिलाओं की माली हालत में खासा सुधार होगा। यदि दो या इससे अधिक स्वयं सहायता समूह राशन के कोटे की खातिर आवेदन करते हैं तो फिर सबसे पहले अधिक सदस्य वाले समूह और अधिक आय वाले समूह को प्राथमिकता दी जाएगी।
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बदलेगी आरक्षण व्यवस्था : फतेहपुर। सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों का आवंटन अभी तक आबादी के लिहाज से होता था। समूह के आवेदन करने पर इस व्यवस्था में सीधे बदलाव होगा।
समूह में जिस वर्ग के सदस्य ज्यादा होंगे। राशन की दुकान का आरक्षण उसी वर्ग के अनुरूप माना जाएगा। यदि आरक्षण बदलता है तो आरक्षित वर्ग के लिए अन्य किसी सामान्य वर्ग की दुकान को आरक्षित किया जाएगा।
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शासन की इस नई व्यवस्था के तहत राशन की दुकान के लिए स्वयं सहायता समूह के आवेदन पर यदि पात्रता सही पायी जाएगी तो आवेदन में सबसे पहले वरीयता दी जाएगी। यह व्यवस्था नवीन दुकान के आवंटन पर लागू होगी।
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इससे स्वयं सहायता समूहों को संजीवनी मिलेगी तो समूह की महिलाओं की माली हालत में खासा सुधार होगा। यदि दो या इससे अधिक स्वयं सहायता समूह राशन के कोटे की खातिर आवेदन करते हैं तो फिर सबसे पहले अधिक सदस्य वाले समूह और अधिक आय वाले समूह को प्राथमिकता दी जाएगी।
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बदलेगी आरक्षण व्यवस्था : फतेहपुर। सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों का आवंटन अभी तक आबादी के लिहाज से होता था। समूह के आवेदन करने पर इस व्यवस्था में सीधे बदलाव होगा।
समूह में जिस वर्ग के सदस्य ज्यादा होंगे। राशन की दुकान का आरक्षण उसी वर्ग के अनुरूप माना जाएगा। यदि आरक्षण बदलता है तो आरक्षित वर्ग के लिए अन्य किसी सामान्य वर्ग की दुकान को आरक्षित किया जाएगा।