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Fatehpur News: जच्चा-बच्चा की मौत पर के मामले में जांच कमेटी गठित
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फतेहपुर। नई तहसील रोड में श्रद्धा मेडिकल स्टोर के नाम पर चल रहे नर्सिंग होम में जच्चा बच्चा की मौत की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई है। कमेटी दो दिन के अंदर जांच रिपोर्ट देगी। इसके बाद कार्रवाई होगी।
हुसैनगंज थाना क्षेत्र के भागूपुर मजरे समदा सहोदर पुर निवासी कमलेश कुमार पालनगर नई तहसील के समीप किराए के कमरे में रहता है। उसने 23 जुलाई को श्रद्धा मेडिकल स्टोर में प्रसव के लिए पत्नी को भर्ती कराया था। भर्ती करने वाली डाक्टर गीता उत्तम ने प्रसूता का गलत इलाज किया, जिससे जच्चा और बच्चा दोनों की मौत हो गई। पीडि़त ने बुधवार को सीएमओ को शिकायती पत्र दिया। इस पर सीएम राजीव नयन गिरि ने कार्रवाई करते हुए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। खास बात यह है कि गलत इलाज से जच्चा बच्चा की यह पहली मौत नहीं है। शहर में झोलाछाप के नर्सिंग होम की भरमार है। ऐसे नर्सिंग होम अभिलेखों में कई-कई डाक्टरों नाम लिखा रखते हैं, लेकिन इलाज झोलाछाप ही करते हैं। यही कारण लगभग हर महीने किसी न किसी जच्चा या बच्चे की मौत होती रहती है। स्वास्थ्य विभाग ने नर्सिंग होम के संचालन की छूट दे रखी है।
सीएमओ ने बताया कि आरोपी डाक्टर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एएनएम बताई जा रही है। जांच में पुष्टि होने पर आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उनके कार्यकाल में जिले में कोई भी अयोग्य डाक्टर का नर्सिंग होम संचालित नहीं होगा।
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हुसैनगंज थाना क्षेत्र के भागूपुर मजरे समदा सहोदर पुर निवासी कमलेश कुमार पालनगर नई तहसील के समीप किराए के कमरे में रहता है। उसने 23 जुलाई को श्रद्धा मेडिकल स्टोर में प्रसव के लिए पत्नी को भर्ती कराया था। भर्ती करने वाली डाक्टर गीता उत्तम ने प्रसूता का गलत इलाज किया, जिससे जच्चा और बच्चा दोनों की मौत हो गई। पीडि़त ने बुधवार को सीएमओ को शिकायती पत्र दिया। इस पर सीएम राजीव नयन गिरि ने कार्रवाई करते हुए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। खास बात यह है कि गलत इलाज से जच्चा बच्चा की यह पहली मौत नहीं है। शहर में झोलाछाप के नर्सिंग होम की भरमार है। ऐसे नर्सिंग होम अभिलेखों में कई-कई डाक्टरों नाम लिखा रखते हैं, लेकिन इलाज झोलाछाप ही करते हैं। यही कारण लगभग हर महीने किसी न किसी जच्चा या बच्चे की मौत होती रहती है। स्वास्थ्य विभाग ने नर्सिंग होम के संचालन की छूट दे रखी है।
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सीएमओ ने बताया कि आरोपी डाक्टर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एएनएम बताई जा रही है। जांच में पुष्टि होने पर आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उनके कार्यकाल में जिले में कोई भी अयोग्य डाक्टर का नर्सिंग होम संचालित नहीं होगा।
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