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Fatehpur News: तंमचे के बल पर प्राचीन मंदिर से हनुमानजी की मूर्ति लूटी
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बहुआ। पुजारी को गन प्वाइंट में लेकर सोमवार रात प्राचीन मंदिर से हनुमान जी की मूर्ति बदमाश लूट ले गए। मूर्ति में करीब एक किलो चांदी के जेवरात भी थे। पुलिस मुकदमा दर्ज कर जांच में जुटी है।
ललौली थाना क्षेत्र के मुत्तौर गांव में महावीर मंदिर में ढाई सौ साल पुरानी हनुमानजी की मूर्ति स्थापित थी। परिसर में दो कमरे बने हैं। बाहर बरामदे में पुजारी छंगू यादव सोते हैं। पुजारी ने बताया कि रात करीब दो से ढाई बजे के बीच पांच बदमाश पहुंचे। बदमाश मूर्ति उठा ले जाने लगे। आहट पर नींद खुली। उसके सामने तीन बदमाश तमंचा लिए खड़े थे। शोर मचाने पर बदमाशों ने उसे गोली मारने की धमकी दी। बदमाश पीछे खेत की ओर भाग गए। उसने 112 नंबर पर पुलिस को जानकारी दी। पुजारी ने बताया कि मूर्ति पत्थर की है। उसमें चांदी का मुकुट, आंखें, तिलक और मुख लगा था। करीब एक किलो के आसपास चांदी के आभूषण हैं। मूर्ति चोरी की खबर फैलते ही ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। थानाध्यक्ष वृंदावन राय ने बताया कि टीम लगाई गई है। चोरी में आसपास के ही अराजकतत्वों का हाथ हो सकता है।
बंजारों के हाथों स्थापित हुई थी मूर्ति
प्राचीन मूर्ति चोरी से ग्रामीणों में नाराजगी व्याप्त है। मौके पर प्रधान चिदानंद शुक्ला व सुशील त्रिवेदी, धर्मेश सिंह, अभिनव शुक्ला, आदित्य नारायण शुक्ला, आशु मिश्रा, अतुल शुक्ला समेत अन्य ग्रामीण पहुंचे। प्रधान ने बताया कि मूर्ति करीब ढाई सौ साल पुरानी है। मूर्ति पहले चबूतरे में रखी थी। धीरे-धीरे जनसहयोग से मंदिर बना। बुजुर्ग बताते हैं कि मूर्ति को बंजारे गांव किनारे स्थापित कर गए थे। मंदिर हनुमान जी के उपनाम महावीर मंदिर के नाम से विख्यात हुआ। मंदिर बांदा-टांडा हाईवे से करीब 300 मीटर की दूरी पर है।
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ललौली थाना क्षेत्र के मुत्तौर गांव में महावीर मंदिर में ढाई सौ साल पुरानी हनुमानजी की मूर्ति स्थापित थी। परिसर में दो कमरे बने हैं। बाहर बरामदे में पुजारी छंगू यादव सोते हैं। पुजारी ने बताया कि रात करीब दो से ढाई बजे के बीच पांच बदमाश पहुंचे। बदमाश मूर्ति उठा ले जाने लगे। आहट पर नींद खुली। उसके सामने तीन बदमाश तमंचा लिए खड़े थे। शोर मचाने पर बदमाशों ने उसे गोली मारने की धमकी दी। बदमाश पीछे खेत की ओर भाग गए। उसने 112 नंबर पर पुलिस को जानकारी दी। पुजारी ने बताया कि मूर्ति पत्थर की है। उसमें चांदी का मुकुट, आंखें, तिलक और मुख लगा था। करीब एक किलो के आसपास चांदी के आभूषण हैं। मूर्ति चोरी की खबर फैलते ही ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। थानाध्यक्ष वृंदावन राय ने बताया कि टीम लगाई गई है। चोरी में आसपास के ही अराजकतत्वों का हाथ हो सकता है।
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बंजारों के हाथों स्थापित हुई थी मूर्ति
प्राचीन मूर्ति चोरी से ग्रामीणों में नाराजगी व्याप्त है। मौके पर प्रधान चिदानंद शुक्ला व सुशील त्रिवेदी, धर्मेश सिंह, अभिनव शुक्ला, आदित्य नारायण शुक्ला, आशु मिश्रा, अतुल शुक्ला समेत अन्य ग्रामीण पहुंचे। प्रधान ने बताया कि मूर्ति करीब ढाई सौ साल पुरानी है। मूर्ति पहले चबूतरे में रखी थी। धीरे-धीरे जनसहयोग से मंदिर बना। बुजुर्ग बताते हैं कि मूर्ति को बंजारे गांव किनारे स्थापित कर गए थे। मंदिर हनुमान जी के उपनाम महावीर मंदिर के नाम से विख्यात हुआ। मंदिर बांदा-टांडा हाईवे से करीब 300 मीटर की दूरी पर है।
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