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पहले कुछ रहे हों... अब जेल की कमाई से चला रहे परिवार

Thu, 16 Dec 2021 12:33 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 16 Dec 2021 12:33 AM IST
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fathepur news,There may have been some earlier... now the family is running with the money of the jail.
फतेहपुर। जिला कारागार में निरुद्घ बंदी पहले कुछ भी रहे हों, लेकिन अब जेल में न सिर्फ अच्छे आचरण के साथ जिंदगी काट रहे हैं बल्कि मेहनत करके कमाई भी कर रहे हैं।
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इसी कमाई से 225 बंदी अपने परिवार को चला रहे हैं। यह बंदी खाना, सिलाई, कढ़ाई, सुरक्षा, साफ-सफाई जैसे काम जेल में कर रहे हैं। इसके बदले में उन्हें पारिश्रमिक मिलता है। जेल प्रशासन इनकी अनुमति के अनुसार माता-पिता, पत्नी, बहन, भाई और मित्रों को चेक के जरिये यह पैसा भेज रहा है।
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हत्या, लूट, चोरी, नकबजनी, दहेज हत्या जैसे विभिन्न मामलों में करीब 1750 आरोपी जेल में निरुद्घ हैं। इनमें 150 महिलाएं हैं। करीब 10 महिलाएं बच्चों के साथ जेल में हैं।
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जेल अधीक्षक मोहम्मद अकरम खान ने बताया कि करीब 225 बंदी जेल में कामकाज की जिम्मेदारी उठाते हैं। उनका ठीक-ठाक पारिश्रमिक तैयार हो जाता है। महिला बंदियों को भी कुटीर उद्योग के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। उन्हें भी काम की राह पकड़ाने की तैयारी है। पुरुष बंदी कृषि, गल्ला गोदाम, रसोई समेत कई काम संभाल रहे हैं।
कमाई करने वाले पांच प्रमुख बंदी
- दहेज हत्या में विचाराधीन बंदी विजय करन मलवां थाने के कुंवरपुर के रहने वाले हैं। वह जेल में पाकशाला की कमान संभालते हैं। वह भाई अजय करन को करीब एक साल का 11 हजार 700 रुपये पारिश्रमिक दे चुके हैं।
- दहेज हत्या में विचाराधीन बंदी विनीत कुमार कल्यानपुर थाने के सौंह गांव निवासी हैं। वह जेल के कार्यालयों की सफाई करते हैं। इस साल उन्होंने अपनी बहन सुमन देवी को कमाई का 11 हजार पांच सौ पचास रुपये पारिश्रमिक दिया है।
- दुष्कर्म के मामले में 10 साल की सजा काटने वाले अवध हथगाम थाने के कसरांव निवासी हैं। वह सुरक्षा का काम संभालते हैं। वह अपने मित्र बरदानी के जरिये परिवार को कमाई पहुंचाते हैं। उनकी कमाई छह हजार रुपये रही है।
- गैर इरादतन हत्या के मामले में 10 साल कारावास के सिद्ध दोष बंदी अनिल जहानाबाद थाने के रनूपुर गांव के रहने वाले हैं। वह जेल में गल्ला गोदाम का काम देखते हैं। उन्होंने मेहनत की कमाई से भाई अंकित को छह हजार 417 रुपये पहुंचाए हैं।
- हत्या के मामले के सिद्ध दोष बंदी बचऊ कल्यानपुर थाने के गुनीर के रहने वाले हैं। वह जेल में सुरक्षा का काम देखते हैं। बंदी ने पत्नी निशा को छह हजार 651 रुपये कमाई के पहुंचाए हैं।

तीन श्रेणियों में बंदियों को मिलता पारिश्रमिक
जिला कारागार में तीन श्रेणियों में बंदियों को पारिश्रमिक दिया जाता है। कुशल श्रमिक को 40 रुपये प्रतिदिन, अर्द्ध कुशल बंदियों को 35 रुपये और नए बंदियों को 25 रुपये का पारिश्रमिक दिया जाता है।
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