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अकोढ़िया ओवरब्रिज के बीच में दो स्थानों पर आई बम्पिंग
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खागा। प्रयागराज-कानपुर हाईवे पर अकोढ़िया गांव के सामने बने ओवरब्रिज में दो जगहों पर बंपिंग (वाहनों के आवागमन से सड़क में दरार आना या धंसना) आ गई है। पीएनसी ने ओवरब्रिज की यह लेन बंद कर दी है। डायवर्जन देकर एक ही लेन से गाड़ियां निकाली जा रही है।
हाईवे पर पीएनसी ने बेहतर यातायात के लिए ओवरब्रिज बनवाए हैं। खागा क्षेत्र में करीब छह ओवरब्रिज बनाए गए हैं। इसमें प्रयागराज की ओर से आने पर सबसे पहले बुदवन गांव के सामने (निर्माणाधीन), अकोढ़िया गांव के सामने, नौबस्ता बाईपास खागा (निर्माणाधीन), नवीन मंडी के सामने, खासमऊ आईटीआई के सामने व महिचा मंदिर पुलिस चौकी के सामने के ओवरब्रिज शामिल हैं।
बुदवन और नौबस्ता बाईपास के ओवरब्रिज के अलावा सभी मौजूदा समय में चालू हो गए हैं। इसमें अकोढ़िया गांव के सामने बने ओवरब्रिज में प्रयागराज-कानपुर लेन पर वाहनों के आवागमन से सड़क बीच में दो स्थानों पर धंस गई हैं सड़क धंसने की सूचना पर पीएनसी ने प्रयागराज-कानपुर रूट पर आने वाले वाहनों को ओवरब्रिज पर आने से रोका गया है।
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उन्हें ओवरब्रिज के स्टार्ट प्वाइंट से डायवर्जन देकर खागा की ओर भेजा जा रहा है। मौजूदा समय एक स्थान की खुदाई कर वहां फिर से सड़क को दुरुस्त किया जा रहा है। जबकि दूसरे स्थान पर पत्थर डाल दिए गए हैं।
बम्पिंग आना परीक्षण प्रक्रिया का ही हिस्सा
बताया गया कि ओवरब्रिज पर बम्पिंग यानी दरार या धंसना, परीक्षण प्रक्रिया का हिस्सा है। ओवरब्रिज पर जो सड़क बनती है तो वह डायरेक्ट पक्की (आरसीसी युक्त) बनती है या फिर डामर रोड। डामर रोड बनने पर उसे छोड़ दिया जाता है और देखा जाता है कि सड़क धंसी या नहीं।
अगर सड़क धंसती है या और कोई कमी आती है तो उसे फिर से खोदकर नीचे से मजबूत किया जाता है। सड़क बनने के बाद उसे फिर से परीक्षण के लिए छोड़ा जाएगा। अगर दोबारा फिर बम्पिंग आती है तो उसे फिर से बनाया जाएगा। अगर नहीं तो इस लेन को पक्का यानी मजबूत सतह का कर दिया जाता है।
अन्य पुल बने हुए है आरसीसी युक्त
अकोढ़िया को छोड़कर अन्य सभी ओवरब्रिज पर पक्की सतह वाली सड़क बनी हुई है। जबकि अकोढ़िया के ओवरब्रिज के दोनों रूट डामर रोड बने हुए हैं। पीएनसी का प्रयास हो रहा है कि नौबस्ता बाईपास व बुदवन के ओवरब्रिज को दिसंबर 2021 तक बना दिया जाए।
दोनों स्थानों पर तेजी से काम हो रहा है। नौबस्ता बाईपास पर बने रहे ओवरब्रिज के पास सर्विस लेन भी बना दी गई है। जिससे पुल निर्माण के समय वाहनों को निकलने के लिए जगह मिल सके।
अकोढ़िया ओवरब्रिज पर बम्पिंग को ठीक कराया जा रहा है। मरम्मत के बाद फिर से इसे परीक्षण के लिए छोड़ा जाएगा। अगर दोबारा सड़क धंसती हैं या फिर ब्रिज पर कोई दरार आती है तो इसे फिर से ठीक किया जाएगा। - अनुज तिवारी, मैनेजर, पीएनसी
मुरादीपुर में नहीं बनी सर्विस लेन, जाम बना नासूर
चौडगरा। मुरादीपुर में निर्माणाधीन ओवरब्रिज के दोनों तरफ सर्विस लेन न बनने हर समय जाम की समस्या रहती है।
कल्यानपुर थाने के नेशनल हाईवे स्थित मुरादीपुर चौराहे पर दो साल से ओवरब्रिज निर्माणाधीन है।
निर्माण कराने वाली कंपनी पीएनसी ने ब्रिज के एक साइड पर सर्विस लेन बना दी, लेकिन दूसरी तरफ अतिक्रमण के कारण सर्विस रोड नहीं बना। ऐसे में मुरादीपुर बिंदकी मार्ग पर फतेहपुर से कानपुर, कानपुर से फतेहपुर, बिंदकी से मुरादीपुर को जाने वाले वाहनों की लाइन लगी रहती है।
जो अक्सर जाम का कारण बनती है। हालांकि थाने से यातायात दुरस्त रखने के लिए दो होमगार्डों चौराहे पर हर समय तैनात रहते हैं, लेकिन इससे जाम में कोई राहत नहीं मिल पा रही। हालांकि अब दूसरी तरफ भी सर्विस लेन बनाना शुरू हो गई है।
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हाईवे पर पीएनसी ने बेहतर यातायात के लिए ओवरब्रिज बनवाए हैं। खागा क्षेत्र में करीब छह ओवरब्रिज बनाए गए हैं। इसमें प्रयागराज की ओर से आने पर सबसे पहले बुदवन गांव के सामने (निर्माणाधीन), अकोढ़िया गांव के सामने, नौबस्ता बाईपास खागा (निर्माणाधीन), नवीन मंडी के सामने, खासमऊ आईटीआई के सामने व महिचा मंदिर पुलिस चौकी के सामने के ओवरब्रिज शामिल हैं।
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बुदवन और नौबस्ता बाईपास के ओवरब्रिज के अलावा सभी मौजूदा समय में चालू हो गए हैं। इसमें अकोढ़िया गांव के सामने बने ओवरब्रिज में प्रयागराज-कानपुर लेन पर वाहनों के आवागमन से सड़क बीच में दो स्थानों पर धंस गई हैं सड़क धंसने की सूचना पर पीएनसी ने प्रयागराज-कानपुर रूट पर आने वाले वाहनों को ओवरब्रिज पर आने से रोका गया है।
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उन्हें ओवरब्रिज के स्टार्ट प्वाइंट से डायवर्जन देकर खागा की ओर भेजा जा रहा है। मौजूदा समय एक स्थान की खुदाई कर वहां फिर से सड़क को दुरुस्त किया जा रहा है। जबकि दूसरे स्थान पर पत्थर डाल दिए गए हैं।
बम्पिंग आना परीक्षण प्रक्रिया का ही हिस्सा
बताया गया कि ओवरब्रिज पर बम्पिंग यानी दरार या धंसना, परीक्षण प्रक्रिया का हिस्सा है। ओवरब्रिज पर जो सड़क बनती है तो वह डायरेक्ट पक्की (आरसीसी युक्त) बनती है या फिर डामर रोड। डामर रोड बनने पर उसे छोड़ दिया जाता है और देखा जाता है कि सड़क धंसी या नहीं।
अगर सड़क धंसती है या और कोई कमी आती है तो उसे फिर से खोदकर नीचे से मजबूत किया जाता है। सड़क बनने के बाद उसे फिर से परीक्षण के लिए छोड़ा जाएगा। अगर दोबारा फिर बम्पिंग आती है तो उसे फिर से बनाया जाएगा। अगर नहीं तो इस लेन को पक्का यानी मजबूत सतह का कर दिया जाता है।
अन्य पुल बने हुए है आरसीसी युक्त
अकोढ़िया को छोड़कर अन्य सभी ओवरब्रिज पर पक्की सतह वाली सड़क बनी हुई है। जबकि अकोढ़िया के ओवरब्रिज के दोनों रूट डामर रोड बने हुए हैं। पीएनसी का प्रयास हो रहा है कि नौबस्ता बाईपास व बुदवन के ओवरब्रिज को दिसंबर 2021 तक बना दिया जाए।
दोनों स्थानों पर तेजी से काम हो रहा है। नौबस्ता बाईपास पर बने रहे ओवरब्रिज के पास सर्विस लेन भी बना दी गई है। जिससे पुल निर्माण के समय वाहनों को निकलने के लिए जगह मिल सके।
अकोढ़िया ओवरब्रिज पर बम्पिंग को ठीक कराया जा रहा है। मरम्मत के बाद फिर से इसे परीक्षण के लिए छोड़ा जाएगा। अगर दोबारा सड़क धंसती हैं या फिर ब्रिज पर कोई दरार आती है तो इसे फिर से ठीक किया जाएगा। - अनुज तिवारी, मैनेजर, पीएनसी
मुरादीपुर में नहीं बनी सर्विस लेन, जाम बना नासूर
चौडगरा। मुरादीपुर में निर्माणाधीन ओवरब्रिज के दोनों तरफ सर्विस लेन न बनने हर समय जाम की समस्या रहती है।
कल्यानपुर थाने के नेशनल हाईवे स्थित मुरादीपुर चौराहे पर दो साल से ओवरब्रिज निर्माणाधीन है।
निर्माण कराने वाली कंपनी पीएनसी ने ब्रिज के एक साइड पर सर्विस लेन बना दी, लेकिन दूसरी तरफ अतिक्रमण के कारण सर्विस रोड नहीं बना। ऐसे में मुरादीपुर बिंदकी मार्ग पर फतेहपुर से कानपुर, कानपुर से फतेहपुर, बिंदकी से मुरादीपुर को जाने वाले वाहनों की लाइन लगी रहती है।
जो अक्सर जाम का कारण बनती है। हालांकि थाने से यातायात दुरस्त रखने के लिए दो होमगार्डों चौराहे पर हर समय तैनात रहते हैं, लेकिन इससे जाम में कोई राहत नहीं मिल पा रही। हालांकि अब दूसरी तरफ भी सर्विस लेन बनाना शुरू हो गई है।