{"_id":"602eb4c58ebc3ee94c507e8e","slug":"fatehpur-news-rashancard-fatehpur-news-knp612701866","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब आय प्रमाणपत्र के बगैर नहीं बनेगा राशन कार्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब आय प्रमाणपत्र के बगैर नहीं बनेगा राशन कार्ड
विज्ञापन
फतेहपुर। अब राशन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया में आय प्रमाणपत्र दाखिल करना जरूरी होगा। इससे पहले आधार कार्ड ही लगाना अनिवार्य था। इस नई व्यवस्था में शहरी व ग्रामीण क्षेत्र की आय सीमा का अलग-अलग निर्धारण किया गया है।
चार साल के कामकाज का विभागीय ब्यौरा गुरुवार को मीडिया से साझा किया गया। डीएसओ अंजनी सिंह ने बताया कि पहले परिवार के सारे सदस्यों के आधार कार्ड की फोटो कापी, बैंक पासबुक की फोटो कापी और महिला मुखिया की फोटो लगाने से राशन कार्ड बन जाता था। अब नवीन व्यवस्था के अनुपालन में आय प्रमाणपत्र को अनिवार्य कर दिया गया है। ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले परिवार की सालाना आय दो लाख व शहरी क्षेत्र का तीन लाख रुपये होनी चाहिए। पांच किलो वॉट बिजली कनेक्शन, एयरकंडीशनर और असलहों का शौक रखने वालों को राशन कार्ड का लाभ नहीं दिया जाएगा।
डीएसओ अंजनी सिंह ने बताया कि चार साल के दौरान 55 कोटेदारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पांच को तो उन्होंने खुद मौके से पकड़वा कर भिजवाया। इस अवधि में 199 सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानें निलंबित की गईं। निरस्त हुईं दुकानों की संख्या 229 रहीं। विभाग ने 14 लाख 27 हजार की प्रतिभूति राशि जब्त की। अधिग्रहीत वस्तुओं की कीमत एक करोड़ 26 लाख 6877 रही। चालू वित्तीय वर्ष की बात करें तो अभी तक चार कोटेदारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। 39 दुकानें निलंबित हुई हैं। 36 दुकानें निरस्त हुईं। दो लाख 55 सौ रुपये की प्रतिभूति जब्त हुई है। जबकि अधिग्रहीत वस्तुओं का मूल्य दो लाख 73 हजार 910 रुपये है।
विज्ञापन
खाद्य एवं रसद विभाग के जिला आपूर्ति विभाग ने चार साल के दौरान कई उपलब्धियां अपने नाम कीं। डीएसओ ने बताया कि भारत सरकार के एक्सीलेंस इन डिजिटल गवर्नेंस एवार्ड कार्यक्रम में रजत पुरस्कार प्रदान करना अच्छा लगा। अभी हाल ही में फीडिंग व सीडिंग के काम में भी सूबे में पहला स्थान मिलने का गौरव हासिल हुआ।
अगर आप सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़ी किसी समस्या को किसी जिम्मेदार तक पहुंचाना चाहते हैं तो फिर इस काम के लिए जिला मुख्यालय आने की जरूरत नहीं। मोबाइल नंबर 7068451080 पर कॉल करके समस्या का समाधान पाया जा सकता है।
विज्ञापन
चार साल के कामकाज का विभागीय ब्यौरा गुरुवार को मीडिया से साझा किया गया। डीएसओ अंजनी सिंह ने बताया कि पहले परिवार के सारे सदस्यों के आधार कार्ड की फोटो कापी, बैंक पासबुक की फोटो कापी और महिला मुखिया की फोटो लगाने से राशन कार्ड बन जाता था। अब नवीन व्यवस्था के अनुपालन में आय प्रमाणपत्र को अनिवार्य कर दिया गया है। ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले परिवार की सालाना आय दो लाख व शहरी क्षेत्र का तीन लाख रुपये होनी चाहिए। पांच किलो वॉट बिजली कनेक्शन, एयरकंडीशनर और असलहों का शौक रखने वालों को राशन कार्ड का लाभ नहीं दिया जाएगा।
विज्ञापन
डीएसओ अंजनी सिंह ने बताया कि चार साल के दौरान 55 कोटेदारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पांच को तो उन्होंने खुद मौके से पकड़वा कर भिजवाया। इस अवधि में 199 सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानें निलंबित की गईं। निरस्त हुईं दुकानों की संख्या 229 रहीं। विभाग ने 14 लाख 27 हजार की प्रतिभूति राशि जब्त की। अधिग्रहीत वस्तुओं की कीमत एक करोड़ 26 लाख 6877 रही। चालू वित्तीय वर्ष की बात करें तो अभी तक चार कोटेदारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। 39 दुकानें निलंबित हुई हैं। 36 दुकानें निरस्त हुईं। दो लाख 55 सौ रुपये की प्रतिभूति जब्त हुई है। जबकि अधिग्रहीत वस्तुओं का मूल्य दो लाख 73 हजार 910 रुपये है।
विज्ञापन
खाद्य एवं रसद विभाग के जिला आपूर्ति विभाग ने चार साल के दौरान कई उपलब्धियां अपने नाम कीं। डीएसओ ने बताया कि भारत सरकार के एक्सीलेंस इन डिजिटल गवर्नेंस एवार्ड कार्यक्रम में रजत पुरस्कार प्रदान करना अच्छा लगा। अभी हाल ही में फीडिंग व सीडिंग के काम में भी सूबे में पहला स्थान मिलने का गौरव हासिल हुआ।
अगर आप सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़ी किसी समस्या को किसी जिम्मेदार तक पहुंचाना चाहते हैं तो फिर इस काम के लिए जिला मुख्यालय आने की जरूरत नहीं। मोबाइल नंबर 7068451080 पर कॉल करके समस्या का समाधान पाया जा सकता है।