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पेशी पर बने प्लान पर भागा फैजान
ब्यूरो अमर उजाला, फतेहपुर
Updated Wed, 21 Dec 2016 11:58 PM IST
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फरार कैदी फैजान
- फोटो : अमर उजाला
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योजना के तहत कुख्यात फैजान पुलिस कर्मियों को चकमा देकर भागा है। पिछली बार भागने के दौरान भी उसे भगाने वाला एक साथी था। उसे पुलिस कानपुर के रामादेवी इलाके से उठाकर लाई थी और जेल भेजने में कामयाब हो सकी थी।
शहर के सनगांव इलाके का रहने वाला फैजान उर्फ अंशू 12 अगस्त 2014 को यहां के पुलिस कर्मियों को चकमा देकर भागा था। उसे भगाने में एक बाइक सवार साथी ने भूमिका निभाई थी। इस मर्तबा भी कुछ ऐसा मामला सामने आया है। उसने सिपाहियों को मुर्गा दारू खिला पिलाकर पहले से सेट कर रखा था। कई पेशियों से लगातार यही सिपाही फैजान को लेकर आते थे। शातिर के दिमाग में काफी दिन से भागने की योजना चल रही थी। कैदी से बुधवार को पेशी के दौरान कचहरी में तीन लोगों से मुलाकात हुई थी। चर्चा है कि इस दौरान उसने योजना को अंजाम देने का सीक्रे ट प्लान तैयार कर साथियों को अलर्ट किया होगा। उसे भागने में नेशनल हाईवे और भी उम्दा जगह रही। हाईवे से जुड़े ढाबेमें सिपाहियों संग खाया पिया।
पिछली बार भागने के बाद सनगांव से ही एक हजार रुपये का इंतजाम किया था। वह कानपुर से सीधे ट्रेन पकड़ कर मुंबई चला गया था। मुंबई से लौटने के बाद कानपुर के रामादेवी इलाके में हिंदू बनकर रहने लगा। खुद को क्षत्रिय बताता रहा। उसके पास रुपयों की किल्लत हो गई थी। तब उसने एक अपने दोस्त को काल की थी। अपने मित्र से उसने पांच हजार रुपये मांगे थे। वही मित्र पुलिस का मुखबिर बन गया था और क्राइम ब्रांच टीम उस तक पहुंच गई थी।
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रोडवेज बसों को लूटकर भागा था छत्तीसगढ़
महज 17 साल की उम्र में फैजान उर्फ अंशू ने अपराध की दुनिया में एंट्री मारी थी। उसने पहले रोडवेज बस लूटी थी। थरियांव थाना क्षेत्र के हाईवे सुधवां गांव के पास दो रोडवेज बसें लूटी गई थी। रोडवेज को लूटने के लिए कानपुर से फैजान अपने सात साथियों संग बैठा था। थरियांव हाईवे पर असलहों के बल पर बस को लूट लिया था। इस तरह लूट की दो अन्य घटनाएं भी की थीं। पुलिस से बचने के लिए गैंग छत्तीसगढ़ अंबिकापुर रवाना हो गया था। वहां 2009 में ही हत्या कर एक परिवार में डकैती डाली थी। परिवार की मुखिया की हत्या के बाद उसकी ही बेटी से पास में ही सामूहिक दुष्कर्म की दरिंदगी की थी। फिर गैंग वापस फतेहपुर लौटा और धर दबोचा गया था। छत्तीसगढ़ पुलिस अपने यहां ले गई थी। वहां कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। बाद में फिर फैजान फतेहपुर की घटनाओं में ट्रायल पर था। उसके साथ धाता, चांदपुर और शहर के सदस्य थे।
शहर के सादीपुर इलाके में रहने वाले हिस्ट्रीशीटर अपराधी वली, वसी फैजान के मामा हैं। वली और वसी गैंग का लंबा अपराधिक इतिहास है। यह लोग जेल में अधिकांश समय निरुद्ध रहते हैं। इन दिनों वली के बाहर होने की खबरें आ रही हैं।
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शहर के सनगांव इलाके का रहने वाला फैजान उर्फ अंशू 12 अगस्त 2014 को यहां के पुलिस कर्मियों को चकमा देकर भागा था। उसे भगाने में एक बाइक सवार साथी ने भूमिका निभाई थी। इस मर्तबा भी कुछ ऐसा मामला सामने आया है। उसने सिपाहियों को मुर्गा दारू खिला पिलाकर पहले से सेट कर रखा था। कई पेशियों से लगातार यही सिपाही फैजान को लेकर आते थे। शातिर के दिमाग में काफी दिन से भागने की योजना चल रही थी। कैदी से बुधवार को पेशी के दौरान कचहरी में तीन लोगों से मुलाकात हुई थी। चर्चा है कि इस दौरान उसने योजना को अंजाम देने का सीक्रे ट प्लान तैयार कर साथियों को अलर्ट किया होगा। उसे भागने में नेशनल हाईवे और भी उम्दा जगह रही। हाईवे से जुड़े ढाबेमें सिपाहियों संग खाया पिया।
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पिछली बार भागने के बाद सनगांव से ही एक हजार रुपये का इंतजाम किया था। वह कानपुर से सीधे ट्रेन पकड़ कर मुंबई चला गया था। मुंबई से लौटने के बाद कानपुर के रामादेवी इलाके में हिंदू बनकर रहने लगा। खुद को क्षत्रिय बताता रहा। उसके पास रुपयों की किल्लत हो गई थी। तब उसने एक अपने दोस्त को काल की थी। अपने मित्र से उसने पांच हजार रुपये मांगे थे। वही मित्र पुलिस का मुखबिर बन गया था और क्राइम ब्रांच टीम उस तक पहुंच गई थी।
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रोडवेज बसों को लूटकर भागा था छत्तीसगढ़
महज 17 साल की उम्र में फैजान उर्फ अंशू ने अपराध की दुनिया में एंट्री मारी थी। उसने पहले रोडवेज बस लूटी थी। थरियांव थाना क्षेत्र के हाईवे सुधवां गांव के पास दो रोडवेज बसें लूटी गई थी। रोडवेज को लूटने के लिए कानपुर से फैजान अपने सात साथियों संग बैठा था। थरियांव हाईवे पर असलहों के बल पर बस को लूट लिया था। इस तरह लूट की दो अन्य घटनाएं भी की थीं। पुलिस से बचने के लिए गैंग छत्तीसगढ़ अंबिकापुर रवाना हो गया था। वहां 2009 में ही हत्या कर एक परिवार में डकैती डाली थी। परिवार की मुखिया की हत्या के बाद उसकी ही बेटी से पास में ही सामूहिक दुष्कर्म की दरिंदगी की थी। फिर गैंग वापस फतेहपुर लौटा और धर दबोचा गया था। छत्तीसगढ़ पुलिस अपने यहां ले गई थी। वहां कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। बाद में फिर फैजान फतेहपुर की घटनाओं में ट्रायल पर था। उसके साथ धाता, चांदपुर और शहर के सदस्य थे।
शहर के सादीपुर इलाके में रहने वाले हिस्ट्रीशीटर अपराधी वली, वसी फैजान के मामा हैं। वली और वसी गैंग का लंबा अपराधिक इतिहास है। यह लोग जेल में अधिकांश समय निरुद्ध रहते हैं। इन दिनों वली के बाहर होने की खबरें आ रही हैं।