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कर्ज से परेशान किसान ने फांसी लगा दी जान
Updated Sat, 13 Oct 2018 12:35 AM IST
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बहुआ। कर्ज से परेशान किसान ने शुक्रवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों में कोहराम मच गया। दस दिन पहले बेटे की बोलेरो फाइनेंसर खींच ले गए थे। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। थानाध्यक्ष ने बताया कि किसान कर्ज से परेशान रहता था।
ललौली थाना क्षेत्र के पल्टू का पुरवा निवासी मन्ना निषाद(65) के पास दस बीघा खेत है। खेत में बैंक का कर्ज ले रखा था। उसके बेटे गोरेलाल ने एक बोेलेरो फाइनेंस कराई थी। दस दिन पहले बोलेरो की किस्त अदा न होने पर फाइंनेस कंपनी के लोग वाहन खींच ले गए थे। जिससे मन्ना तनाव में रहने लगे थे। वह गुरुवार की देर रात घर से
निकले थे। सुबह जंगल से लौट रहे ग्रामीणों ने शव फांसी के फंदे पर लटका देखा। सूचना पर परिजन पहुंचे। पेड़ पर रस्सी के फंदे से शव लटकता देखकर कोहराम मच गया। उसकी पत्नी फूलमती और बहुओं का हाल बेहाल हो गया। किसान के पांच बेटे रमेश, राकेश, सुरेश, गोरेलाल और महेश हैं। किसान मन्ना निषाद गोरेलाल और महेश के साथ रहते थे। एसओ राजेश मौर्या ने बताया कि कर्ज से किसान परेशान रहता था।
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कर्ज से परेशान किसान ने फांसी लगाई
दस दिन पहले बेटे की बोलेरो खींच ले गए थे फाइनेंसर
अमर उजाला ब्यूरो
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ललौली थाना क्षेत्र के पल्टू का पुरवा निवासी मन्ना निषाद(65) के पास दस बीघा खेत है। खेत में बैंक का कर्ज ले रखा था। उसके बेटे गोरेलाल ने एक बोेलेरो फाइनेंस कराई थी। दस दिन पहले बोलेरो की किस्त अदा न होने पर फाइंनेस कंपनी के लोग वाहन खींच ले गए थे। जिससे मन्ना तनाव में रहने लगे थे। वह गुरुवार की देर रात घर से
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निकले थे। सुबह जंगल से लौट रहे ग्रामीणों ने शव फांसी के फंदे पर लटका देखा। सूचना पर परिजन पहुंचे। पेड़ पर रस्सी के फंदे से शव लटकता देखकर कोहराम मच गया। उसकी पत्नी फूलमती और बहुओं का हाल बेहाल हो गया। किसान के पांच बेटे रमेश, राकेश, सुरेश, गोरेलाल और महेश हैं। किसान मन्ना निषाद गोरेलाल और महेश के साथ रहते थे। एसओ राजेश मौर्या ने बताया कि कर्ज से किसान परेशान रहता था।
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कर्ज से परेशान किसान ने फांसी लगाई
दस दिन पहले बेटे की बोलेरो खींच ले गए थे फाइनेंसर
अमर उजाला ब्यूरो