{"_id":"602eb7958ebc3ee9504fad5a","slug":"crime-fatehpur-news-fatehpur-news-knp612704324","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिकायत की जांच में टीम को खदाने में मिले सैकड़ों ओवरलोड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिकायत की जांच में टीम को खदाने में मिले सैकड़ों ओवरलोड
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फतेहपुर। यमुना की जलधारा बांधकर अवैध खनन किए जाने के मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश पर गठित टीम गुरुवार को शिकायतकर्ता विकास पांडेय के साथ अढ़ावल मौरंग खंड-11 में जांच करने पहुंची। शिकायतकर्ता के हर बिंदु की जांच की। हैरत की बात रही कि टीम जिस खदान की जांच करने पहुंची उसमें अवैध खनन का खेल अभी भी चल रहा है। टीम को मौरंग खंड और रास्ते में करीब आधा सैकड़ा ओवरलोड ट्रक मिले। ट्रकों से रास्ता भी जाम था। एसडीएम ने सात ट्रकों को सीज कराया।
डीएम के निर्देश पर एसडीएम प्रमोद झा, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) प्रयागराज और खनन अधिकारी अजीत पांडेय की संयुक्त टीम गुरुवार की शाम अढ़ावल मौरंग खंड पहुंची। टीम ने शिकायतकर्ता विकास पांडेय से कई बिंदुओं में जानकारी ली। इसके अलावा वीडियोग्राफी कराई। इससे पहले 23 जनवरी को भी टीम जांच को पहुंची थी। बता दें, मामले में 24 नवंबर को खदान में छापामारी की गई थी। जुर्माने की मामूली कार्रवाई में ही पूरे प्रकरण को निपटा दिया गया था। खदान में दोबारा बांध बनाकर अवैध खनन हुआ।
दोबारा शिकायत खनन निदेशक और सीएम से की गई थी। इसके बाद 18 दिसंबर को खदान में छापामारी हुई थी। खनन अधिकारी अजीत पांडेय की तहरीर पर पट्टेधारक रत्ना जादौन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। मामले की सात जनवरी को एनजीटी कोर्ट ने सुनवाई के बाद यमुना नदी में अवैध खनन को गंभीर माना है। एनजीटी ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) और जिलाधिकारी को संयुक्त रूप से जांच करने के आदेश दिए थे। एसडीएम ने बताया कि शिकायतकर्ता के बयान दर्ज किए गए हैं। जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी।
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डीएम के निर्देश पर एसडीएम प्रमोद झा, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) प्रयागराज और खनन अधिकारी अजीत पांडेय की संयुक्त टीम गुरुवार की शाम अढ़ावल मौरंग खंड पहुंची। टीम ने शिकायतकर्ता विकास पांडेय से कई बिंदुओं में जानकारी ली। इसके अलावा वीडियोग्राफी कराई। इससे पहले 23 जनवरी को भी टीम जांच को पहुंची थी। बता दें, मामले में 24 नवंबर को खदान में छापामारी की गई थी। जुर्माने की मामूली कार्रवाई में ही पूरे प्रकरण को निपटा दिया गया था। खदान में दोबारा बांध बनाकर अवैध खनन हुआ।
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दोबारा शिकायत खनन निदेशक और सीएम से की गई थी। इसके बाद 18 दिसंबर को खदान में छापामारी हुई थी। खनन अधिकारी अजीत पांडेय की तहरीर पर पट्टेधारक रत्ना जादौन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। मामले की सात जनवरी को एनजीटी कोर्ट ने सुनवाई के बाद यमुना नदी में अवैध खनन को गंभीर माना है। एनजीटी ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) और जिलाधिकारी को संयुक्त रूप से जांच करने के आदेश दिए थे। एसडीएम ने बताया कि शिकायतकर्ता के बयान दर्ज किए गए हैं। जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी।
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