ड्यूटी से गायब मिले अफसर व कर्मचारी

Fatehpur Updated Fri, 08 Jun 2012 12:00 PM IST
फतेहपुर। प्रभारी जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी अनुराग पटेल ने गुरुवार को मुख्यालय स्थित आयुर्वेदिक अस्पताल और बाल विकास एवं पुष्टाहार कार्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण में अफसर सहित दर्जन भर कर्मचारी ड्यूटी से गायब मिले। पूरे महीने का भ्रमण कार्यक्रम भी पहले से रजिस्टर में भरकर तैयार था। सीडीओ ने सभी से स्पष्टीकरण तलब किया है। उधर, निरीक्षण की खबर लगते ही अन्य कार्यालयाें में अधिकारी एवं कर्मचारी पहुंचकर अभिलेख दुरुस्त करने में जुट गए।
सीडीओ अधिकारी अनुराग पटेल गुरुवार को सुबह 10:15 बजे जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय निरीक्षण पहुंचे। कार्यालय में सब कुछ अस्त व्यस्त था। जिला कार्यक्रम अधिकारी शशी श्रीवास्तव कार्यालय नहीं पहुंची थी। सीडीओ ने उन्हें कड़ी चेतावनी दी। कनिष्ठ लिपिक राजेंद्र प्रसाद, सहायक संख्याधिकारी विनीत कुमार, सहायक संतोष कुमार पाल एवं पत्रवाहक शिवकुमार अनुपस्थित मिले। सीडीओ ने कर्मचारियों को स्पष्टीकरण नोटिस जारी करते हुए जवाब एक सप्ताह के अंदर देने के निर्देश दिए। इसके बाद सीडीओ ने 10:25 बजे बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय का निरीक्षण किया, यहां अधिकारी कल्पना मिश्रा सहित मुख्य सेविका अंजली त्रिवेदी, शोभा देवी, अनीता कुमारी, करुणा सिंह,ऊषा सिंह, राकेश कुमारी एवं चतुर्थ श्रेणी शिवप्रसाद अनुपस्थित पाए गए। मजे की बात यह रही कि सभी मुख्य सेविकाओं का एक जून से तीस जून तक का भ्रमण कार्यक्रम कार्यालय में उपलब्ध था। सीडीओ ने बताया कि मुख्य सेविकाओं एवं स्टाफ के भ्रमण पर रहने से स्पष्ट है कि पूरे एक माह का भ्रमण कार्यक्रम जारी कर दिया जाता है। ऐसा संभव है कि उक्त कर्मचारी न तो क्षेत्रीय भ्रमण पर जाते हैं और न ही कार्यालय आते हैं। सीडीओ ने इन सभी सेविकाओं से स्पष्टीकरण तलब किया है। सीडीओ ने 10:45 बजे क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी कार्यालय का निरीक्षण किया। कनिष्ठ लिपिक गायब मिले। निरीक्षण के दौरान कार्यालय में गोदंती भस्म स्टाक रजिस्टर में 250 ग्राम के 8 डिब्बे दर्ज थे, जबकि मौके पर सिर्फ चार पाए गए। त्रिभुवन कीर्ति रस, दिलवाद चूर्ण, आरोग्य बटी, फल त्रिकादी वात चूर्ण, काया फल और सोडीलान जैसी दवाएं स्टाक रजिस्टर में तो शून्य पाई गईं लेकिन मौके पर क्रमश: 500 ग्राम के 10 डिब्बे, 500 ग्राम के दो डिब्बे, 500 ग्राम के 05 डिब्बे, 500 ग्राम के 06 डिब्बे, एक किलो के 1-1 किलो के 4-4 डिब्बे और 28 बोतल दवाएं प्राप्त हुईं। इस क्रम में संजीवनी बटी और चंद्रप्रभा बटी के 500 ग्राम के 4-4 डिब्बे एवं शुत्र टंकण के 5 डिब्बे रजिस्टर में थे लेकिन मौके पर पर संजीवनी बटी को डिब्बा ज्यादा पाए गए और शुद्ध टंकण की गुणवत्ता कम पाई गई। सीडीओ अनुराग पटेल ने कहा कि दवाओं के स्टाक और उपलब्धता में कमी एवं अधिकता गंभीर अनियमितता है और इसके विरुद्ध कार्रवाई के लिए विभागीय निदेशक को पत्राचार किया गया है। उन्होंने कहा लापरवाह अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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