गिहार बिरादरी को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दें

Fatehpur Updated Wed, 21 Nov 2012 12:00 PM IST
फतेहपुर। गिहार समाज के लोगों ने सात सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन के जरिए उन्होने बिरादरी को अनुसूचित जनजाति का दजा देने की मांग की।
भारतीय आदिवासी गिहार सेवा समिति ने कलेक्ट्रेट में मंगलार को प्रदर्शन कर गिहार बिरादरी को अनुसूचित जनजाति में शामिल कराने की मांग की। साथ ही कंजड़ शब्द के स्थान पर अभिलेखों में गिहार शब्द दर्ज कराने की मांग की। इसके अलावा गिहार बस्तियों में जूनियर विद्यालय खोले जाने, सरकारी नौकरियों में विशेष कोटा दिए जाने की मांग की। सदस्यों ने कहा गिहार बस्ती के आस-पास होने वाली आपराधिक घटनाओं पर सबसे पहले पुलिस बिरादरी के लोगों से पूछताछ के नाम पर अपमानित करती है जो पूरी तरह गलत है। कहा अपराध एवं अपराधियों की कोई जाति नहीं होती है। इसे रोका जाना चाहिए। लोगों ने विनोबा नगर में बंद विकास कार्यो को चालू कराने तथा गिहार लोगों को कुटीर उद्योग के माध्यम से रोजगार मुहैया कराने की मांग की। प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे ओमप्रकाश ने कहा गिहार समाज बहुत पिछड़ा हुआ है। आर्थिक,सामाजिक शैक्षिक और राजनीतिक तौर से बेहद कमजोर गिहार समाज के उत्थान के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। इस मौके पर बिरादरी के तमाम लोग मौजूद रहे।

Spotlight

Most Read

National

पुरुष के वेश में करती थी लूटपाट, गिरफ्तारी के बाद सुलझे नौ मामले

महिला लड़कों के ड्रेस में लूटपाट को अंजाम देती थी। अपने चेहरे को ढंकने के लिए वह मुंह पर कपड़ा बांधती थी और फिर गॉगल्स लगा लेती थी।

20 जनवरी 2018

Related Videos

VIDEO: यूपी पुलिस के इस सिपाही ने किया खाकी को शर्मसार

फतेहपुर में एक बार फिर पुलिस का खौफनाक चेहरा सामने आया है। यूपी पुलिस के सिपाही ने एक युवक की बेरहमी से पिटाई कर दी। पुलिसवाले ने युवक की पिटाई इसलिए कर दी क्योंकि युवक की बाइक से सिपाही को टक्कर लग गई।

18 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper