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ब्लड बैंक पहुंची एसजीपीजीआई टीम, खंगाले अभिलेख
Updated Mon, 19 Mar 2018 11:11 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस लखनऊ (एसजीपीजीआई) से आई टीम ने सोमवार को जिला अस्पताल के ब्लड बैंक का निरीक्षण किया। टीम ने ब्लड बैंक में खून की उपलब्धता, हर महीने ब्लड की आने वाली डिमांड और रखरखाव का जायजा लिया।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत जनपदों के ब्लड बैंक में ब्लड और उसके तत्वों के उपयोग की समीक्षा की जा रही है। सोमवार को लखनऊ से आई टीम में ट्रांसफ्यूजन मेसिन विभाग के डा. वरुण चौबे और सिस्टम एनालिस्ट आयुष रस्तोगी ने जिला अस्पताल पहुंचकर सीएमएस डा. हरगोविंद सिंह से मुलाकात की। इसके बाद टीम ब्लड बैंक पहुंची। टीम के सदस्यों ने ब्लड बैंक में फ्रीजर, उपलब्ध ब्लड की रिपोर्ट बनाई। इसी प्रकार महिला अस्पताल में डिलीवरी होने के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं में खून की कमी होने वाली महिलाओं की सूची, मार्ग दुर्घटना में घायलों के पहुंचने वाले खून का ग्राफ तैयार किया।
टीम के डा. वरुण चौबे ने बताया कि तीन दिन वह रुककर रिपोर्ट तैयार करेंगे। यह रिपोर्ट लखनऊ संस्थान में जमा होगी। शासन की मंशा है कि ब्लड बैंक को और सुदृढ़ किया जाए जिससे जरूरत पड़ने पर आसानी से खून उपलब्ध कराया जा सके।
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फतेहपुर। संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस लखनऊ (एसजीपीजीआई) से आई टीम ने सोमवार को जिला अस्पताल के ब्लड बैंक का निरीक्षण किया। टीम ने ब्लड बैंक में खून की उपलब्धता, हर महीने ब्लड की आने वाली डिमांड और रखरखाव का जायजा लिया।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत जनपदों के ब्लड बैंक में ब्लड और उसके तत्वों के उपयोग की समीक्षा की जा रही है। सोमवार को लखनऊ से आई टीम में ट्रांसफ्यूजन मेसिन विभाग के डा. वरुण चौबे और सिस्टम एनालिस्ट आयुष रस्तोगी ने जिला अस्पताल पहुंचकर सीएमएस डा. हरगोविंद सिंह से मुलाकात की। इसके बाद टीम ब्लड बैंक पहुंची। टीम के सदस्यों ने ब्लड बैंक में फ्रीजर, उपलब्ध ब्लड की रिपोर्ट बनाई। इसी प्रकार महिला अस्पताल में डिलीवरी होने के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं में खून की कमी होने वाली महिलाओं की सूची, मार्ग दुर्घटना में घायलों के पहुंचने वाले खून का ग्राफ तैयार किया।
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टीम के डा. वरुण चौबे ने बताया कि तीन दिन वह रुककर रिपोर्ट तैयार करेंगे। यह रिपोर्ट लखनऊ संस्थान में जमा होगी। शासन की मंशा है कि ब्लड बैंक को और सुदृढ़ किया जाए जिससे जरूरत पड़ने पर आसानी से खून उपलब्ध कराया जा सके।
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