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अवैध खनन में एक और गाज
Updated Mon, 22 Jan 2018 11:49 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। अवैध खनन को लेकर निलंबन की कार्रवाई के बाद अफसर विहीन हुए खनन विभाग के अब बाबू का तबादला हो गया। इस तबादले को भले ही सरकारी प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है लेकिन जानकार इसे गाज गिरना मान रहे हैं।
खागा तहसील क्षेत्र के यमुना घाट ऐरई में अवैध खनन के मामले में शासन स्तर से खनन अफसर, खागा एसडीएम व एसओ को निलंबित किया जा चुका है। विभाग में अभी तक किसी खनन अधिकारी की तैनाती नहीं हो पाई है। बांदा के खनन अधिकारी को यहां का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। अब यहां के इकलौते बड़े बाबू प्रदीप कुमार का हमीरपुर तबादला हो गया। महकमा इसे रूटीन स्थानांतरण बता रहा है।
खनन सूत्रों में चर्चा है कि बड़े बाबू पर खनन प्रकरण की गाज गिरी है। प्रकरण का खुलासा होने के पहले तक इनके पास लोगों की भीड़ लगी रहती थी। इधर, सपा शासन काल में वर्ष 2012 से 15 के बीच हुए अवैध खनन की शिकायत की छानबीन को आई सीबीआई टीम जिले में दिस दिन रुकी। छानबीन और बयान लेने के बाद वह लौट चुकी है। सीबीआई सूत्रों की मानें तो खनन प्रकरण पर हुए सवाल-जवाब में कई जगह संदिग्धता देख सीबीआई कुछ दस्तावेज भी ले गई है।
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फतेहपुर। अवैध खनन को लेकर निलंबन की कार्रवाई के बाद अफसर विहीन हुए खनन विभाग के अब बाबू का तबादला हो गया। इस तबादले को भले ही सरकारी प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है लेकिन जानकार इसे गाज गिरना मान रहे हैं।
खागा तहसील क्षेत्र के यमुना घाट ऐरई में अवैध खनन के मामले में शासन स्तर से खनन अफसर, खागा एसडीएम व एसओ को निलंबित किया जा चुका है। विभाग में अभी तक किसी खनन अधिकारी की तैनाती नहीं हो पाई है। बांदा के खनन अधिकारी को यहां का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। अब यहां के इकलौते बड़े बाबू प्रदीप कुमार का हमीरपुर तबादला हो गया। महकमा इसे रूटीन स्थानांतरण बता रहा है।
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खनन सूत्रों में चर्चा है कि बड़े बाबू पर खनन प्रकरण की गाज गिरी है। प्रकरण का खुलासा होने के पहले तक इनके पास लोगों की भीड़ लगी रहती थी। इधर, सपा शासन काल में वर्ष 2012 से 15 के बीच हुए अवैध खनन की शिकायत की छानबीन को आई सीबीआई टीम जिले में दिस दिन रुकी। छानबीन और बयान लेने के बाद वह लौट चुकी है। सीबीआई सूत्रों की मानें तो खनन प्रकरण पर हुए सवाल-जवाब में कई जगह संदिग्धता देख सीबीआई कुछ दस्तावेज भी ले गई है।
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