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फतेहपुर: मलवां में छह माह में लगेंगे 13 उद्योग
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फतेहपुर। इन्वेस्टर्स समिट के बाद जिले में उद्योग स्थापित होने की उम्मीद जगी है। मलवां औद्योगिक क्षेत्र में ही 13 उद्योगों को छह महीने के भीतर लगाने की समय-सीमा भी तय कर दी गई है। प्रभारी मंत्री व कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने बताया कि उद्योग लगाने के लिए उद्यमी के आवेदन देने के 72 घंटों के भीतर क्लियरेंस दे दिया जाएगा। सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और उस दिशा में तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं।
शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में प्रेसवार्ता के दौरान कैबिनेट मंत्री ने बताया कि उद्यमियों को उद्योग लगाने के लिए बेहतर प्लेटफार्म देने के लिए सरकार दृढ़ संकल्पित है। उनके लिए राज्य से लेकर जिलेवार तक प्रशासनिक सहयोग के लिए समितियां तैयार की गई हैं। इसके साथ ही टीम वर्क के साथ उद्यमियों के बीच उद्यम लगाने का माहौल तैयार किया जा रहा है। बताया कि इच्छुक उद्यमी उद्योग लगाने के लिए आवेदन करेंगे तो उन्हें महज 72 घंटे के अंदर क्लियरेंस मिल जाएगा।
कहा कि वह तीन सालों में अपनी सभी कागजी प्रक्रिया पूरी कर लें। उसके लिए भी उसे विभाग-विभाग नहीं दौड़ना पड़ेगा। उसे एक जगह ही सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इन तीन वर्षों में अधिकारी जांच करने पहुंचते हैं, तो ये क्लियरेंस का प्रमाण-पत्र ही पर्याप्त होगा। उन्हें नियमों को लेकर परेशान नहीं किया जा सकता है। उद्योग लगाने की समय-सीमा पर उद्योग उपायुक्त अंजनीश प्रताप सिंह ने जवाब दिया। उन्होंने बताया कि मलवां में 13 उद्योग लगने हैं। जमीनी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। सभी उद्योग छह महीने के भीतर लगने की उम्मीद है। जिला स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी संचालित होगी। इसकी बराबर निगरानी होती रहेगी।
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जिले में पहले चादर और अब लोहे को अपना उत्पाद माना गया है, लेकिन लोहे से जुड़े उद्योग बहुत कम हैं। इस पर प्रभारी मंत्री ने कहा कि जिले बेहतर उत्पाद की जानकारी लें। उसे भी जोड़ दिया जाएगा। एक जिले से तीन उत्पाद हो सकते हैं। इस बीच उन्होंने डीएम की पीठ भी थपथपाई। उन्होंने कहा कि डीएम ने एक ब्लाक-एक उत्पाद जैसी योजना लागू की है।
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इनसेट आकांक्षात्मक जनपदों में है जिला
प्रभारी मंत्री राकेश सचान ने बताया कि आकांक्षात्मक जनपदों में फतेहपुर है। इसके बाद भी उद्यमियों ने जिले में उद्यम लगाने के लिए प्रस्ताव और एमओयू किए हैं। जनपद में उद्यम लगाने के लिए कुल 112 आवेदन मिले। इसमें 107 आवेदकों के साथ 2501 करोड़ रुपये के एमओयू हुए। इसमें एमएसएमई के तहत 59 उद्यमी के साथ 850.5 करोड़ के एमओयू हुए हैं। सभी उद्यमियों को उद्यम लगाने के लिए बेहतर सुविधाएं दी जाएंगी।
इनसेट
इन उद्योगों से रोशन होगा औद्योगिक क्षेत्र
मलवां में श्री राधे-राधे और नरेश पाल दोनों आयरन फ्रेबिकेशन, भारती ट्रेडर्स सोलर प्लांट, सनरस बैटरी मेकिंग, मारूफ राइस मिल, अभिषेक सिंह इलेक्ट्रिक व्हीकल पार्ट्स, भोलेबाबा आर्गेनिक डेयरी प्रोडक्ट, बीबीआरडी राइस मिल, जेडीएसएल एडिवल आयल प्लांट, उमराव राइस मिल और वीरेंद्र सिंह राइस मिल प्लांट लगाएंगे। चौडगरा में राहुल बत्रा ताजा फूड इंडस्ट्री और पैनम इंडस्ट्री आयरन फेब्रिकेशन के प्लांट लगाएंगे। इन सभी उद्योगों के छह महीने में स्थापित होने की उम्मीद है।
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फैक्ट फाइल
- 107 उद्यमियों के साथ कुल 2501 करोड़ का एमओयू
- 59 उद्यमी के साथ इंटेंट 850.5 करोड़ (ये एमएसएमई विभाग के हैं)
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शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में प्रेसवार्ता के दौरान कैबिनेट मंत्री ने बताया कि उद्यमियों को उद्योग लगाने के लिए बेहतर प्लेटफार्म देने के लिए सरकार दृढ़ संकल्पित है। उनके लिए राज्य से लेकर जिलेवार तक प्रशासनिक सहयोग के लिए समितियां तैयार की गई हैं। इसके साथ ही टीम वर्क के साथ उद्यमियों के बीच उद्यम लगाने का माहौल तैयार किया जा रहा है। बताया कि इच्छुक उद्यमी उद्योग लगाने के लिए आवेदन करेंगे तो उन्हें महज 72 घंटे के अंदर क्लियरेंस मिल जाएगा।
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कहा कि वह तीन सालों में अपनी सभी कागजी प्रक्रिया पूरी कर लें। उसके लिए भी उसे विभाग-विभाग नहीं दौड़ना पड़ेगा। उसे एक जगह ही सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इन तीन वर्षों में अधिकारी जांच करने पहुंचते हैं, तो ये क्लियरेंस का प्रमाण-पत्र ही पर्याप्त होगा। उन्हें नियमों को लेकर परेशान नहीं किया जा सकता है। उद्योग लगाने की समय-सीमा पर उद्योग उपायुक्त अंजनीश प्रताप सिंह ने जवाब दिया। उन्होंने बताया कि मलवां में 13 उद्योग लगने हैं। जमीनी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। सभी उद्योग छह महीने के भीतर लगने की उम्मीद है। जिला स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी संचालित होगी। इसकी बराबर निगरानी होती रहेगी।
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जिले में पहले चादर और अब लोहे को अपना उत्पाद माना गया है, लेकिन लोहे से जुड़े उद्योग बहुत कम हैं। इस पर प्रभारी मंत्री ने कहा कि जिले बेहतर उत्पाद की जानकारी लें। उसे भी जोड़ दिया जाएगा। एक जिले से तीन उत्पाद हो सकते हैं। इस बीच उन्होंने डीएम की पीठ भी थपथपाई। उन्होंने कहा कि डीएम ने एक ब्लाक-एक उत्पाद जैसी योजना लागू की है।
इनसेट आकांक्षात्मक जनपदों में है जिला
प्रभारी मंत्री राकेश सचान ने बताया कि आकांक्षात्मक जनपदों में फतेहपुर है। इसके बाद भी उद्यमियों ने जिले में उद्यम लगाने के लिए प्रस्ताव और एमओयू किए हैं। जनपद में उद्यम लगाने के लिए कुल 112 आवेदन मिले। इसमें 107 आवेदकों के साथ 2501 करोड़ रुपये के एमओयू हुए। इसमें एमएसएमई के तहत 59 उद्यमी के साथ 850.5 करोड़ के एमओयू हुए हैं। सभी उद्यमियों को उद्यम लगाने के लिए बेहतर सुविधाएं दी जाएंगी।
इनसेट
इन उद्योगों से रोशन होगा औद्योगिक क्षेत्र
मलवां में श्री राधे-राधे और नरेश पाल दोनों आयरन फ्रेबिकेशन, भारती ट्रेडर्स सोलर प्लांट, सनरस बैटरी मेकिंग, मारूफ राइस मिल, अभिषेक सिंह इलेक्ट्रिक व्हीकल पार्ट्स, भोलेबाबा आर्गेनिक डेयरी प्रोडक्ट, बीबीआरडी राइस मिल, जेडीएसएल एडिवल आयल प्लांट, उमराव राइस मिल और वीरेंद्र सिंह राइस मिल प्लांट लगाएंगे। चौडगरा में राहुल बत्रा ताजा फूड इंडस्ट्री और पैनम इंडस्ट्री आयरन फेब्रिकेशन के प्लांट लगाएंगे। इन सभी उद्योगों के छह महीने में स्थापित होने की उम्मीद है।
फैक्ट फाइल
- 107 उद्यमियों के साथ कुल 2501 करोड़ का एमओयू
- 59 उद्यमी के साथ इंटेंट 850.5 करोड़ (ये एमएसएमई विभाग के हैं)