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Farrukhabad News: आलू की बोआई के लिए डीएपी की बढ़ी मांग, कई समितियों पर संकट

Wed, 07 Oct 2026 12:22 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 07 Oct 2026 12:22 AM IST
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Surge in demand for DAP for potato sowing; crisis at several cooperatives.
फर्रुखाबाद। आलू की बोआई शुरू होने के साथ किसान रबी की फसल की तैयारी में जुट गए हैं। सहकारी समितियों से लेकर दुकानों पर डीएपी व एनपीके की मांग बढ़ी है। समितियों पर किसानों की भीड़ भी लग रही है। कुछ समितियों पर खाद उपलब्ध न होने से किसान मायूस होकर लौट रहे हैं। वहीं, जिले में भरपूर खाद होने का दावा किया जा रहा है।
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इन दिनों किसान आलू की बोआई शुरू कर चुके हैं। साथ ही रबी की अन्य फसलों के लिए किसान डीएपी खरीदकर रखने लगे हैं। डीएपी की मांग बढ़ने से कुछ सहकारी समितियों पर दिक्कत शुरू हो गई है। मोहम्मदाबाद क्षेत्र की सहकारी समिति खिमसेपुर में डीएपी व यूरिया खत्म हो चुकी है।
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सचिव सुनील अवस्थी का कहना है कि दो दिन पहले ही डीएपी व यूरिया खत्म हुई है। डीएपी की मांग बढ़ी है। उन्होंने दावा किया कि डीएपी के लिए मांगपत्र भेज दिया है। वहीं, मोहम्मदाबाद समिति में 300 बोरी डीएपी स्टॉक में है और वितरण भी हो रहा है।
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अमृतपुर क्षेत्र में सहकारी समिति गांधी में 90 बोरी डीएपी, 79 बोरी एनपीके बची है। सहकारी समिति कुतलूपुर में डीएपी की 47 बोरी का ही स्टॉक शेष है। हालांकि, मांगपत्र भेजे जाने की बात भी कही गई है।
कई दिन से नहीं मिल रही खाद, भटक रहे किसान
कंपिल। किसान सहकारी समिति कंपिल पर कई दिनों से डीएपी खत्म है। डीएपी न मिलने से किसान सरसों व आलू की बोआई नहीं कर पा रहे हैं। इस समिति से क्षेत्र के करीब 1500 किसान जुड़े हैं। सचिव के अनुसार यूरिया की 400 बोरी, टीएसपी की 80 बोरी व एनपीके की 600 बोरी उपलब्ध हैं। समिति पर मौजूद किसानों ने बताया कि कई दिनों से डीएपी की किल्लत है। डीएपी 1350 रुपये की एक बोरी मिलती है। जबकि एनपीके की कीमत 1900 रुपये है। डीएपी न मिलने से मजबूरी में एनपीके ले जानी पड़ती है।
गांव शाहपुर निवासी ब्रजनंदन ने बताया कि वह कई दिन से डीएपी के लिए चक्कर लगा रहे हैं लेकिन खाद नहीं मिल सकी। खेत की नमी सूख रही है और बोआई भी लेट हो रही है। कंपिल किसान समिति के सचिव अजय कुमार शुक्ला ने बताया कि समिति पर खाद की कोई कमी नहीं है। तकनीकी समस्या से डीएपी की किल्लत है। जल्द ही किसानों को डीएपी भी उपलब्ध करवा दी जाएगी।
सरसों की बोआई प्रभावित
शमसाबाद। सरसों व अन्य फसल बोने के लिए किसान सुबह से ही सहकारी समितियों का रुख कर रहे हैं। साधन सहकारी समिति पपड़ी पर मंगलवार सुबह से बड़ी संख्या में किसान डीएपी लेने पहुंचे लेकिन खाद न होने से उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा। किसानों का कहना है कि खाद न मिलने से सरसों की बोआई प्रभावित हो रही है। किसानों ने समिति पर पर्याप्त मात्रा में डीएपी उपलब्ध कराने की मांग की। सहकारी समिति पपड़ी के सचिव रोहित कुमार ने बताया कि समिति पर एनपीके की 1100 बोरी स्टॉक में है। डीएपी तीन दिन से नहीं है। मांगपत्र भेजा गया है। दो दिन में डीएपी आने की उम्मीद है।
डीएपी नहीं मिल रही तो एनपीके ले जाएं किसान
एआर कोऑपरेटिव अजय पालीवाल ने बताया कि समितियों पर पर्याप्त मात्रा में डीएपी है। कुछ समितियों पर डीएपी न होने के सवाल पर झुंझलाकर बोले कि डीएपी सस्ती होने की वजह से मांग बढ़ी है। सभी किसानों को मनचाही डीएपी नहीं मिल पाएगी। एनपीके खाद लेकर जाएं और फसल बोएं। शासन से भी यही आदेश है कि एनपीके को बढ़ावा दिया जाए। जिन समितियों पर डीएपी नहीं है, वहां रैक आने पर उपलब्ध करा दी जाएगी।

क्या कहते जिम्मेदार
जिला कृषि अधिकारी शैलेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि 1200 मीट्रिक टन डीएपी स्टॉक में है। समितियों पर डीएपी नहीं है या क्यों नहीं वितरित हो रही है, इस संबंध में वह एआर कोऑपरेटिव से जवाब मांगेंगे। किसी समिति पर यदि कोई तकनीकी समस्या है तो उसे तत्काल ठीक कराना चाहिए। मुख्य विकास अधिकारी प्रतिदिन खाद की उपलब्धता व वितरण की समीक्षा कर रहे हैं। 10 अक्तूबर तक रैक से 6600 मीट्रिक टन डीएपी और मिलने वाली है।
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