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Farrukhabad News: स्किल डेवलपमेंट के लिए छात्र-छात्राएं करेंगे अप्रेंटिसशिप
Mon, 22 Sep 2025 12:26 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Mon, 22 Sep 2025 12:26 AM IST
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फर्रुखाबाद। स्किल डेवलपमेंट के लिए अब महाविद्यालयों में भी छात्र-छात्राओं को अप्रेंटिसशिप कराई जाएगी। इसके पीछे उद्देश्य है कि विद्यार्थियों में शुरू से ही स्किल डेवलपमेंट हो सके और उन्हें रोजगार मिलने में आसानी हो।
अप्रेंटिसशिप के दौरान विद्यार्थियों को नौ हजार रुपये भी दिए जाएंगे। अगले सत्र से इसे शुरू करने की तैयारी है। उच्च शिक्षा की पढ़ाई के दौरान सरकार बदलाव करने की तैयारी कर रही है। इसके तहत अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण अनिवार्य कर दिया जाएगा।
शैक्षणिक सत्र 2026-27 से यह व्यवस्था सभी महाविद्यालयों में लागू की जाएगी। इस पहल का मकसद छात्रों को केवल किताबों तक सीमित न रखते हुए उन्हें इंडस्ट्री से जोड़ना और प्रैक्टिकल अनुभव देना है, ताकि वे भविष्य में बेहतर रोजगार के लिए तैयार हो सकें।
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इस नई व्यवस्था के तहत तीन वर्षीय डिग्री प्रोग्राम करने वाले छात्रों को कम से कम एक और अधिकतम तीन सेमेस्टर तक इंडस्ट्री में अप्रेंटिसशिप करनी होगी। वहीं चार वर्षीय डिग्री प्रोग्राम करने वाले छात्रों को दो से चार सेमेस्टर तक यह अनुभव लेना अनिवार्य होगा। इस दौरान उन्हें 10 क्रेडिट अंक भी दिए जाएंगे, जो उनकी डिग्री में जुड़ेंगे। इससे छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ रोजगार की दुनिया का भी अनुभव मिलेगा।
अप्रेंटिसशिप के दौरान विद्यार्थियों को नौ हजार रुपये भी दिए जाएंगे। इसमें 4500 रुपये केंद्र सरकार व 3500 रुपये उद्योग देंगे। एक हजार रुपये राज्य सरकार देगी। डीएन डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार गर्ग ने बताया कि सरकार महाविद्यालयों में अप्रेंटिसशिप व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर रही है। इससे युवाओं का स्किल डेवलपमेंट होगा।
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अप्रेंटिसशिप के दौरान विद्यार्थियों को नौ हजार रुपये भी दिए जाएंगे। अगले सत्र से इसे शुरू करने की तैयारी है। उच्च शिक्षा की पढ़ाई के दौरान सरकार बदलाव करने की तैयारी कर रही है। इसके तहत अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण अनिवार्य कर दिया जाएगा।
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शैक्षणिक सत्र 2026-27 से यह व्यवस्था सभी महाविद्यालयों में लागू की जाएगी। इस पहल का मकसद छात्रों को केवल किताबों तक सीमित न रखते हुए उन्हें इंडस्ट्री से जोड़ना और प्रैक्टिकल अनुभव देना है, ताकि वे भविष्य में बेहतर रोजगार के लिए तैयार हो सकें।
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इस नई व्यवस्था के तहत तीन वर्षीय डिग्री प्रोग्राम करने वाले छात्रों को कम से कम एक और अधिकतम तीन सेमेस्टर तक इंडस्ट्री में अप्रेंटिसशिप करनी होगी। वहीं चार वर्षीय डिग्री प्रोग्राम करने वाले छात्रों को दो से चार सेमेस्टर तक यह अनुभव लेना अनिवार्य होगा। इस दौरान उन्हें 10 क्रेडिट अंक भी दिए जाएंगे, जो उनकी डिग्री में जुड़ेंगे। इससे छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ रोजगार की दुनिया का भी अनुभव मिलेगा।
अप्रेंटिसशिप के दौरान विद्यार्थियों को नौ हजार रुपये भी दिए जाएंगे। इसमें 4500 रुपये केंद्र सरकार व 3500 रुपये उद्योग देंगे। एक हजार रुपये राज्य सरकार देगी। डीएन डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार गर्ग ने बताया कि सरकार महाविद्यालयों में अप्रेंटिसशिप व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर रही है। इससे युवाओं का स्किल डेवलपमेंट होगा।